रविवार, 8 अक्तूबर 2017

करवाचौथ : क्या कहते हैं ग्रह ???


हिंदू पंचाग के अनुसार करवाचौथ कार्तिक माह के चौथे दिन होता है। इस दिन जिनकी शादी होने वाली हैं या जो शादीशुदा हैं, वो अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती हैं। ये व्रत सुबह सूरज उगने से पहले से लेकर और रात्रि में चंद्रमा निकलने तक रहता है। उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों , हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब, राज्यस्थान और उत्तर प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन सिर्फ पति की लंबी आयु की ही नहीं उसके काम-धंधे, धन आदि इच्छाओं की पूर्ति की प्रार्थना करती हैं। करवाचौथ की शुरुआत होने के बारे में कई कथाएं हैं, पर करवा नाम की पतिव्रता स्त्री की कहानी सर्वाधिक प्रसिद्द है।

‘करवाचौथ’ को लाइमलाइट में लाने में हिंदी सिनेमा का योगदान बड़ा है। 80 के दशक से ही फिल्मों में करवाचौथ का चलन लोकप्रिय होने लगा था। आज यह फिल्मों का प्रभाव ही है कि करवाचौथ का व्रत सबसे कठिन व्रत माना जाता है, यह कहकर कि इसमें बिना पानी और अन्न का एक भी दाना ग्रहण नहीं किया जाता है, जबकि भारतवर्ष में तीज और जियुतिया जैसे २४ घंटे बिना अन्न जल ग्रहण किये जाने वाले व्रत महिलाएं सदियों से करती आ रही हैं। खबर है कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष चाँद १५ मिनट पहले निकलेगा, इसलिए व्रत में कुछ राहत ही समझा जाये। 

भारत में मनाये जाने वाले सभी त्योहारों के कोई न कोई सन्देश होते हैं, इस दिन का भी कोई सन्देश निकलकर आये तो अच्छा है। सुहागन महिलाओं के लिए इस त्यौहार के महत्व को देखते हुए यूपी की ट्रैफिक पुलिस ने शानदार पहल करते हुए महिलाओं के लिए संदेश जारी किया है कि इस करवा चौथ महिलाएं अपने पति को हेलमेट पहनाएं।इतना ही नहीं इस पोस्टर में एक तस्वीर भी लगाई गई है। तस्वीर में महिला ने एक हाथ से छलनी पकड़ी हुई है तो उसके दूसरे हाथ में हेल्मेट है और आखिर में लिखा है- 'हेलमेट पहने, सुरक्षित रहें'। पुरुष भी अपनी पत्नियों और परिवार के हित में घर में सुरक्षा मामलों को अहमियत दे तो अच्छा रहेगा।

ग्रहों की स्थिति देखें तो आज सूर्य और बुध अच्छा और शनि  गड़बड़ प्रभाव डालने वाला है। इसलिए स्वस्थ्य की दृष्टि से सूर्य और बुध लग्नेश वाले अच्छा महसूस करेंगे , जबकि शनि लग्नेश वालों के समक्ष कुछ दिक्कतें आएँगी यानि  मिथुन, सिंह और कन्या लग्न वाली महिलाओं पर व्रत का शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, जबकि मकर और कुम्भ लग्न वाले स्वस्थ्य की समस्या से जूझेंगे। यह त्यौहार दांपत्य प्रेम का है , इसमें भी सप्तमेश का प्रभाव पड़ेगा।  जिनका सप्तमेश सूर्य या बुध होंगे , आज उनके प्रेम में ऊष्मा रहेगी। जिनका सप्तमेश शनि होंगे, वे कुछ दिक्कत प्राप्त करेंगे। इस दृष्टि से धनु, कुम्भ और मीन लग्न वालों पर गृह का शुभ प्रभाव तथा कर्क और सिंह लग्न वालों पर अशुभ प्रभाव पड़ेगा।  कृपया सावधानी बरतें। 

अंत में सबों के लिए करवा चौथ की शुभकामनायें .... अपने हाथों में चूड़ियाँ सजाये , माथे पर अपने सिन्दूर लगाए , निकली हर सुहागन चाँद के इंतज़ार में , ईश्वर  उनकी हर मनोकामना पूरी करें !!

बुधवार, 13 सितंबर 2017

हिंदी दिवस पर विशेष

जब साल 1947 में देश आजाद हुआ तो देश के सामने भाषा का सवाल एक बड़ा सवाल था। भारत जैसे विशाल देश में सैकड़ों भाषाएं और हजारों बोलियां थीं। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी को अंग्रेजी के साथ राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया था। कहा जाता है कि जब अंग्रेजी को आधिकारिक भाषा के तौर पर हटने का वक्त आया तो देश के कुछ हिस्सों खासकर दक्षिण भारतीय राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए।  उसके बाद केंद्र सरकार ने संविधान संशोधन करके अंग्रेजी को हिन्दी के साथ भारत की आधिकारिक भाषा बनाए रखने का प्रस्ताव पारित किया।1953 में जवाहरलाल नेहरू सरकार ने इस ऐतिहासिक दिन के महत्व को देखते हुए 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। 

पर आज के आधुनिक युग में भी हिंदी 'हिंदी दिवस' का मोहताज नहीं है। देश की बड़ी आबादी हिंदी बोलने और समझनेवाली है, इसलिए हर क्षेत्र में हिंदी का महत्व है।  पढाई में हिंदी का महत्व इलसिए है क्योंकि इसमें जिस शब्‍द को जिस प्रकार से उच्‍चारित किया जाता है, उसे लिपि में लिखा भी उसी प्रकार जाता है।  रोचक बात यह है कि अंग्रेजी की रोमन लिपि में शामिल कुछ वर्णों की संख्‍या 26 है, जबकि हिंदी की देवनागरी लिपि के वर्णों की संख्‍या ठीक इससे दोगुनी यानी 52 है।  हमारे संसद भले ही अंग्रेजी में संसद में बोलेन, पर चुनाव प्रचार हिंदी में ही करना होता है।  हमारे अभिनेता भी भले ही बात-चित अंग्रेजी में करते हैं, पर उनको कमाई हिंदी फिल्मों में काम  मिलती है।

भारत अलावा  फिजी में भी हिंदी का काफी महत्व है। यहां रेडियो पर आने वाले ज्यादातर कार्यक्रम हिंदी में होते हैं। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी बाह्य परीक्षाओं में हिंदी एक विषय के रूप में पढ़ाई जाती है। फिजी का भारतीय समुदाय ने हिंदी समिति तथा हिंदी केंद्र बनाए हैं  औपचारिक एवं मानक हिंदी का प्रयोग पाठशाला के अलावा शादी, पूजन, सभा आदि के अवसरों पर होता है। कोई भी व्यक्ति सरकारी कामकाज, अदालत तथा संसद में भी हिंदी भाषा का प्रयोग कर सकता है। चुनाव सभाओं के पोस्टर व प्रचार सामग्री भी हिंदी भाषा के प्रयोग के बिना अधूरी समझी जाती है।

समय के साथ हुए बदलाव ने डिजिटल वर्ल्ड पर अपनी मौजूदगी साबित किया। हिंदी टाइपिंग की मजबूती ने आज हिंदी ब्लॉग्गिंग, हिंदी टयुब चैनल , हिंदी समाचार या हिंदी खोज इंजन को महत्वपूर्ण बनाया है।  आज गूगल किसी भी हिंदी कीवर्ड के हज़ारो परिणाम सामने लाता है।  सौभाग्यशाली हूँ कि शुरुआती कुछ ब्लोग्गेर्स के साथ ही मैंने भी हिंदी ब्लॉग जगत के माध्यम से हिंदी में उपयोगी पोस्ट लिखी और इंटरनेट के इस अथाह समुद्र में कुछ लेख मेरे भी मौजूद हैं। 

ग्रहों के प्रभाव का प्रमाण: गतांक से आगे……

अगर मैं कहूँ कि 2017 में जून से सितम्बर के बीच जितने भी बच्चों का जन्म हुआ है इनमे से लगभग सभी 30 वर्ष की उम्र में निडर, आक्रामक, मस्त, लापरवाह, बहुमुखी, जोशीले, असहिष्णु, सुविधावादी, इनमे से कई दबंग और शोषक भी हो सकते हैं तो अधिकांश बुद्धिजीवी इसे महज़ ज्योतिषीय बकवास ही समझेंगे लेकिन चूँकि मैंने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी विचार गंभीर चिंतन के पश्चात् ही रखा जाना चाहिए, अतः परीक्षण के बाद ही किसी सत्य का उल्लेख करता हूँ। मेरे उपरोक्त कथन की पुष्टि के लिए विद्वान पाठकों को 30 वर्षों का इंतज़ार नहीं करना पड़े इसलिए मैं आप को 30 वर्ष पीछे ले जा कर उल्लिखित सत्य को सिद्ध करने की कोशिश करता हूँ। जिनका जन्म सन 1987 में 15 जून से 15 अक्टूबर के बीच हुआ है वे निश्चित रूप से इस समय 30 वर्ष की अवस्था के नवयुवक या नवयुवती होंगे, के स्वाभाव का निरीक्षण और परीक्षण करें तो इनमे उल्लिखित सारी विशेषताएँ दिखाई पड़ेंगी।
लेकिन इसके ठीक विपरीत जिनका जन्म 11 जून से 12 अगस्त 1986 एवं 29 अगस्त से 28 अक्टूबर सन 1988 में हुआ, ऐसे सभी जातक स्वाभाव से संकोची, नियम से चलनेवाले, उत्तरदायित्व को समझने वाले, अंतर्मुखी, सहिष्णु, गंभीर, शांतिप्रिय, समन्वयवादी, स्वाभाव के होंगे और इस समय जीवन की विपरीत परिस्थियों से गुजर रहे होंगे क्यूँकि ये सभी उस समय पृथ्वी पर आये जब पूर्वी क्षैतिज में सूर्य का उदय हो रहा था और पृथ्वी के सापेक्ष मंगल वक्र गति में पश्चिम क्षैतिज पर अस्त हो रहा था।
ग्रह करोडो मील दूर रहकर किस तरह जड़-चेतन, जल-थल, जीव-जंतु मौसम, बाजार और मानव जीवन को प्रभावित करते हैं यह भले ही कल तक अबूझ पहेली बनी हुई थी लेकिन आज इस पहेली को सुलझाने की दिशा में बहुत हद तक कार्य किया जा चुका है। ग्रह अपनी गतिज ऊर्जा से ही हर जगह अपने प्रभाव का छाप छोड़ते हैं। अगर हम भौतिक विज्ञान के कुछ आधारभूत सिद्धांतों पर गौर करें तो पाएंगे कि अपरिमित गतिज ऊर्जा को ऊर्जा के अन्य स्वरूपों में परिवर्तित कर इलेक्ट्रान को हस्तांतरित करके मीलों दूर स्थित पदार्थों को आवेशित किया जा सकता है। दरअसल, पदार्थ के साथ शक्ति का अटूट सम्बन्ध होता है और किन्ही दो आकाशीय पिंडो के बीच आकर्षण बल उन दोनों के बीच की दूरी के वर्ग (स्क्वायर) का व्युत्क्रमानुपाती होता है। इसका मतलब दूरी का घटना और बढ़ना ऊर्जा के घटने और बढ़ने का कारण बन जाता है। 'गत्यात्मक ज्योतिष' में गतिज ऊर्जा की परिवर्तनशीलता पृथ्वी के सापेक्ष उन ग्रहों की घटती-बढ़ती दूरियों पर ही आधारित है।
अपने ज्योतिषीय अनुसन्धान के क्रम में ग्रहों की दो अलग-अलग स्थितियों पर बहुत चिंतन किया गया। सूर्य के साथ-साथ मंगल ग्रह पूर्वी क्षैतिज पर उदय हो रहा था, वह पहली स्थिति थी। दूसरी स्थिति सूर्य के उदय के समय मंगल180 डिग्री की दूरी पर रहकर पश्चिम क्षैतिज में अस्त हो रहा था। दोनों ही स्थितियों में मंगल और पृथ्वी के बीच की दूरी का अनुपात 4:1 था। सूर्य के साथ मंगल के उदय होनेवाले सभी जातकों का जन्म 2017 और 1987 के उल्लिखित अवधि के दौरान हुआ था जो पहले ग्रुप में रखे गए और दूसरे ग्रुप में 1986 और 1988 के उल्लिखित अवधि में पृथ्वी पर आये। दोनों ग्रुप के व्यक्तियों के स्वाभाव में जमीन आसमान का अंतर महसूस किया जा सकता है। उपरोक्त दोनों अवधियों के बीच जन्म लिए किसी जातक आपके परिवार के सदस्य या आपके कोई परिचित हैं तो इनकी वर्तमान स्थिति पर गौर करें, आपको कहीं भी कोई अपवाद नहीं मिलेगा।
मंगल युवावस्था का प्रतीक ग्रह है और शरीर में इसकी ग्रंथि की सक्रियता 24 से 36 वर्ष की उम्र में होती है। गत्यात्मक शक्ति जितनी अधिक होगी, 30 वर्ष की उम्र में उन युवक-युवतियों में सारी विशेषताएँ उतनी ही अधिक दिखाई पड़ेगी। स्मरण रहे जो ब्रम्हांड में है वही पिंड में है और प्रत्येक ग्रह के प्रतिनिधित्व के लिए मानव शरीर में इससे सम्बंधित ग्रंथि भी जीवन के अलग-अलग भाग में सक्रीय होती है| क्रमश:……
विद्या सागर महथा
निदेशक- गत्यात्मक ज्योतिष अनुसन्धान संसथान
ईमेल आईडी: vidyasagarmahtha@gmail.com; vidyasagarmahtha@yahoo.com;

मंगलवार, 12 सितंबर 2017

अपने जीवन के सकारात्मक या ऋणात्मक होने की जानकारी जीवन-ग्राफ से प्राप्त करें


भारतवासियों के चरित्र को धर्म के द्वारा जितना सकारात्मक स्वरुप दिया गया, उतना किसी और तरीके से संभव ही नहीं था। धर्म और ज्योतिष लोगों के जेनेटिक संरचना में ही हैं, इसलिए थोड़ा बुरा वक्त आते ही इसकी खोज आरम्भ करते हैं।  पर धर्म और ज्योतिष आधुनिक  विज्ञान की चीज नहीं , इसलिए किसी के द्वारा इन दोनों विषयों में प्राप्त किया गया अनुभव विचारणीय नहीं होता।  धर्म और ज्योतिष से सम्बंधित सकारात्मक विचार आपके पास है , तो वह प्रगतिशीलों को नहीं पचता। यदि धर्म और ज्योतिष से सम्बन्धिक ऋणात्मक विचार आपके पास है , तो वह अंधविश्वासियों को नहीं पचता।  इसलिए आप अपने अनुभव समाज में साझा करने की कोशिश ही नहीं करते, ऐसे में फ़ायदा उन्हें मिलता है , जो धर्म और ज्योतिष को अपने हिसाब से तोड़-मरोड़ रहे होते हैं।  नुकसान ऐसे लोगों को होता है , जो धर्म और ज्योतिष के क्षेत्र में ईमानदारी से अपना समय व्यतीत कर रहे हैं।  हमारे पिताजी श्री @ ने अपना पूरा जीवन ज्योतिष की सेवा में लगाया और ज्योतिष की एक नयी शाखा विकसित की।
'गत्यात्मक ज्योतिष' का ऐसा जीवन-ग्राफ , जिसको ५०,००० से ऊपर लोगों ने सही माना है , हमने समाज को ज्योतिष के मामले की ठगी से बचने , ज्योतिष के प्रति जागरूक करने और ज्योतिष को विज्ञान साबित करने के लिए एक व्यवस्था आरम्भ की है , जिसके द्वारा दुनिया भर के अधिक से अधिक लोगों को ये ग्राफ्स पहुंचाए जा सकें। इस महती कार्य में आप सबों का भी योगदान होना चाहिए। आप सभी निःशुल्क ऐसा जीवन-ग्राफ प्राप्त करने और इसपर डिस्कशन के लिए अपने जन्म-तिथि, जन्म-समय और जन्म-स्थान के साथ uniquelifegraph@gmail.com पर संपर्क करे। सबके जीवन-भर की परिस्थिति इस ग्राफ के हिसाब से ही चलती है। आपके जीवन के बड़े समयांतराल के सकारात्मक या ऋणात्मक होने की जानकारी यह ग्राफ देता है .. छोटे समयांतराल की जानकारी, जैसे शादी कब, नौकरी कब, स्वस्थ अच्छा कब, प्रमोशन कब तथा ग्रहों के प्रभाव से बचने के लिए किया जाने वाला उपाय आदि ..... इन सबके लिए सूक्ष्म गणना करनी पड़ती है।
इस ग्राफ से आपका मालूम होगा कि पुरे जीवन में आपका अच्छा और बुरा समयांतराल कब होगा।



इस ग्राफ से आपके अच्छे और बुरे ग्रह तथा उनके कारन जीवन का कौन सा पहलु प्रभावित होगा , इसको समझ पाएंगे।


यदि ग्राफ मिलने के बाद आपकी समझ में बात न आये तो फ़ोन पर समझने की व्यवस्था भी की गयी है।  उम्मीद है अधिक से अधिक लोगों को इस प्रकार के जीवन-ग्राफ की जानकारी देकर आप 'गत्यात्मक ज्योतिष' का प्रचार प्रसार करेंगे, ताकि समाज में अन्धविश्वास को जन्मा देने वालों को झटका लगे और समाज इस वैज्ञानिक प्राकृतिक ज्ञान से लाभ उठा सके। 

सोमवार, 11 सितंबर 2017

ग्रहों के प्रभाव का प्रमाण



अतिथि पोस्ट -- श्री विद्या सागर महथा , गत्यात्मक ज्योतिष के जनक 
अक्सरहा लोग सूर्य-चंद्र के द्वारा पृथ्वी के जड़-चेतन पर पड़नेवाले प्रभाव को स्वीकार करते हैं I सूर्य के कारण ही सारी सृष्टि संभव है I लेकिन बाकी ग्रहों के पड़नेवाले प्रभाव को ज्योतिषीय ज्ञान के अभाव में लोग कबूल नहीं कर पाते हैं I सूर्य के कारण ऋतुओं में परिवर्तन होता है I क्रमशः वसंत, ग्रीष्म, वर्षा शरद, हेमंत और शिशिर का आगमन होता है I सभी ऋतुओं का समय निर्धारित है और सभी की अलग अलग विशेषता है I फसल चाहे जिस प्रकार का हो सबके बीजारोपण और फसल की कटाई का समय सुनिश्चित होता है, इस ऋतु में जो काम होना चाहिए वैसे ही होता है I बड़े वृक्षों में पुराने पत्तों को त्यागना और नए पत्तों से लद जाने का काम वसंत ऋतु में होता है I ग्रीष्म ऋतु में जेठ महीने की दुपहरी की चिलचिलाती धूप में सभी जीव जंतु और मनुष्य इससे बचने के लिए अपने बिल और घर के अंदर दुबके पड़े रहते हैं I बड़े वनस्पति भी मुरझा जाते हैं I वर्षा ऋतु में बड़े उत्साह के साथ किसान अपने खेतों में फसल उगाने के उपक्रम में कार्यरत रहते हैं I पशु पक्षियों का व्यवहार ऋतुओं के अनुसार ही होता है I कछुए और मछलियों के अंडे देने का समय सुनिश्चित होता है I पौष महीने की रात में सभी ठंढ से बचने की अद्भुत चेष्टा करते हैं I
चन्द्रमा के कारण समुद्र में ज्वार भाटा आता रहता है I प्रत्येक पूर्णिमा और अमावस को बड़ी लहरे उठती रहती हैं जबकि लघु ज्वार भाटा की उत्पति दोनों अष्टमी को हुआ करती हैं I
मानव जीवन में सूर्य चंद्र और अवशिष्ट ग्रहों का प्रभाव कब दिखाई पड़ता है इसे भी समझने की चेष्टा करते हैं I आशा है विद्वान पाठक इसे ध्यान से पढ़ेंगे I हर कोई इस बात को महसूस करते हैं कि अमावस के दो तीन दिन पहले और दो तीन दिन बाद के समय में प्रायः लोग चन्द्रमा से सम्बंधित भाव तत्वों से कुछ परेशानी महसूस करते हैं I पूर्णमासी के आसपास कि तिथियों में अधिकांश लोग चन्द्रमा के भाव तत्वों से प्रसन्न दिखाई पड़ते हैं I लेकिन जिसके यहाँ मानसिक असंतुलन वाला व्यक्ति हो वहां अत्यधिक उत्तेजना के कारण कुछ अप्रिय बातें भी होती हैं I अमावस के आसपास जन्म लेनेवाले बच्चों का बाल्यकाल बहुत ठीक नहीं रहता है जबकि पूर्णिमा के आसपास जन्म लेनेवाले बच्चों का लालन-पालन, लाड-प्यार देखा जाता है I
दरअसल जो ब्रम्हांड में है वही पिंड में है I अतः ग्रहों की चाल के समानांतर व्यक्ति की परिस्थितियां और चाल बदलती रहती हैं I जब कोई शुभचिंतक या नजदीकी किसी व्यक्ति से मुलाकात होती है तो पहला प्रश्न होता है आपका हालचाल क्या है, मतलब वर्तमान की ताज़ी चाल कैसी है I
गत्यात्मक ज्योतिष किसी भी व्यक्ति के सम्पूर्ण जीवन के हर छोटे बड़े भाग में उसकी गति या चाल कैसी रहेगी, ये ग्राफ के माध्यम से सम्पूर्ण जीवन को चित्रित कर देता है I
सूर्य-चंद्र समेत सौर मंडल के सभी ग्रहों का प्रतिनिधित्व करनेवाली हमारे शरीर में स्थित विभिन्न प्रकार की ग्रंथियां हैं I सभी के सक्रियता का काल जीवन का भिन्न भिन्न भाग है I नजदीकी ग्रह जीवन के प्रारम्भ में और दूरस्थ ग्रह जीवन के अंतिम भाग में प्रत्येक व्यक्ति को प्रभावित करते हैं I बाल्य काल की ग्रंथि बाल्य काल में, किशोरावस्था की ग्रंथि किशोरावस्था में, युवावस्था की ग्रंथि युवावस्था में .........और वृद्धावस्था की ग्रंथि वृद्धावस्था में सक्रीय होती है I सभी ग्रह से सम्बंधित ग्रंथियों के गुण-दोष उसकी जन्म कालीन ग्रह की शक्ति के अनुसार होता है I
अब मैं बुध ग्रह के प्रभाव की चर्चा करता हूँ I जो बच्चे विद्यार्थी जीवन में हैं, जिनका जन्म 1999 में 12 मार्च और 2 अप्रैल के मध्य, 15 जुलाई से 6 अगस्त के बीच, 7 नवम्बर से 25 नवम्बर के बीच और सन 2000 में 23 फरवरी से 15 मार्च के मध्य, 26 जून से 18 जुलाई के मध्य, 21 अक्टूबर से 5 नवम्बर के बीच हुआ, ये सभी जातक चाहे पृथ्वी के जिस भू भाग में रह रहे हों ये चाहे जितने भी इंटेलिजेंट हों या साधन संयुक्त हों, इनका जन्म भले ही किसी संभ्रांत परिवार में ही क्यों नहीं हुआ हो, ये अभी विद्यार्थी जीवन में 12 वर्ष से 18 वर्ष की उम्र में इन्हे संघर्ष करना पड़ रहा है, इन्हे अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है I इनका संघर्ष 18 वर्ष की उम्र तक बढ़ते क्रम में और 24 वर्ष की उम्र तक किसी न किसी प्रकार के संघर्ष से जूझना पड़ेगा I करोड़ों विद्यार्थियों में एक भी अपवाद नहीं मिलेगा I इससे बड़ा ग्रहों के प्रभाव का प्रमाण और क्या हो सकता है ? इस वैज्ञानिक सत्य की जानकारी अधिक अधिक लोगों तक पहुँच सकें, मैं चाहूंगा कि अधिक से अधिक लोग इसे शेयर करने की कृपा करें I क्रमशः ..........

रविवार, 10 सितंबर 2017

ज्योतिषियों के उलटे सीधे विज्ञापन


गेस्ट पोस्ट -- लेखिका शालिनी खन्ना 

एक गरम चाय की प्याली और अखबार के साथ प्राय: लोगों के रविवार की शुरुआत होती है .यही तो एक दिन होता है जब हफ्ते भर की बन्धी बन्धाई दिनचर्या से निजात मिलती है .दीमक की तरह पूरे अखबार को चाट जानेवालों की कमी नही ,इसी का फायदा उठाते हुये प्राय: सभी समाचारपत्र इस दिन कुछ विशेष पन्ने भी प्रकाशित करते हैं ,जिसमे तरह –तरह की सामग्री के साथ विज्ञापनो की भी बाढ आयी होती है .विज्ञापन दाता भी इस दिन का भरपूर लाभ उठाते हैं .पहले विज्ञापन पर हमारी नज़र टिक जाती है ,जिसमे पति पत्नी ,प्रेमी प्रेमिका ,शत्रु आदि किसी को भी वश मे करने के दावे एक ज्योतिषी करता है .मेरी समझ मे यह बात नही आती कि अगर सभी को वश मे करने की इतनी बडी शक्ति उनके पास है तो दो-चार महान सख्शियत को वश मे करके वह खुद शहंशाह क्यूं नही बन जाते .ऐसे दर-दर भटकने और अखबारों मे विज्ञापन देने की क्या जरूरत है ?यही बात उनसे पूछूं तो उनका जवाब होगा कि किसी को वश मे करने की बात उनके साथ लागू नही होगी .कारण वह नही बता पायेंगे ,पर हमे पता है .क्या आपने किसी डॉक्टर से ऐसा कहते सुना है कि मरीजों की जिस बीमारी को दूर करने के लिये वह जो इलाज कर रहे हैं ,उनकी उसी बीमारी मे वह इलाज कारगर साबित नही होगी .
दूसरे विज्ञापन पर गौर फरमाइये ,इसमे दो घण्टे मे मनचाहा परिणाम पाने की बात कही गई है .अगर किसी पद के सभी उमीदवार उनके पास पहुंच जायें तो क्या सभी के लिये मनचाहा परिणाम सम्भव है ?ऐसे मे ज्योतिषी अपने दावे पर कैसे खरा उतरेगा ?ऐसे ही एक –से –एक बढकर विज्ञापन देनेवाले यहां नज़र आते हैं ,जो अपने नाम के साथ ज्योतिषी का तमगा लगाकर ज्योतिष विज्ञान के आगे प्रश्न चिंह लगा देते हैं .
कुछ दिनो पहले एक व्यक्ति ने मेरे सामने अपनी कथा बयां की .अखबार मे दिये गये विज्ञापन से प्रभावित होकर इन्होने एक तांत्रिक से सम्पर्क साधा .किसी समस्या के निदान हेतु तांत्रिक ने उनसे कुछ उपाय बताया .उसने उस व्यक्ति से किसी चौराहे पर सन्धि बेला मे चार दिनो तक दिये जलाने को कहा ,जिसे जलते हुये कोई दूसरा व्यक्ति न देखे .अब आप ही बतायें ,जो चार राहों का संगमस्थल हो ,वहां सान्ध्य बेला मे कोई व्यक्ति न रहे ,ऐसा भला सम्भव हो सकता है क्या ?
एक और ठग तांत्रिक की बात सुनिये ,करोडपति बनने के लिये किसी व्यक्ति को उसने पूजा के कलश को एक हाथ से एक बार मे ही मारकर तोडने को कहा .यह क्रम तीन दिनो तक चलना था .दो दिन तो सब कुछ ठीक ठाक रहा ,पर तीसरे दिन एक बार की मार से कलश नही टूट पाया ,हाथ मे चोट आयी सो अलग .खुद मोटी रकम तो ले ही चुका था ,छूटते ही कहा ,अब इसमे मै क्या कर सकता हूं ,तुमसे कलश नही टूट पाया ,अब अमीर बनना सम्भव नही .
दुनिया मे सभी के कमाने और खाने के अलग-अलग तरीके हैं .कोई .व्यक्ति सही राह तो कोई गलत राह अपनाकर अपनी रोजी-रोटी चलाता है .पर दुख इस बात का है कि आज के वैज्ञानिक युग मे और शिक्षित होने के बावजूद इनके बहकावे मे आनेवाले लोगों की भी कमी नही .तभी तो ये अपना उल्लू सीधा कर चलते बनते हैं .

गुरुवार, 7 सितंबर 2017

भाग्य क्या है ???

विचित्रता से भरी इस प्रकृति में नाना प्रकार की विशेषताओं के साथ मौजूद पशु पक्षी , पेड पौधे तो अपने विकास के क्रम में सुविधाएं और बाधाएं प्राप्त करते ही हैं , इन सबके साथ ही साथ हानिकारक किटाणुओं विषाणुओं के साथ जीवनयापन करता मनुष्ये भी अपनी राह में तरह तरह के मोड प्राप्त करता है , इसके बाद भी आमजन का भाग्य के प्रति अनजान दिखना आश्चर्यजनक प्रतीत होता है। भले ही उस भाग्य को पूर्ण तौर पर जान पाने में हम असमर्थ हों , पर उसके अनुकूल या प्रतिकूल होने में तो शक की कुछ भी गुंजाइश नहीं।
सबसे पहले तो प्रकृति के विभिन्न पशु पक्षियों के जीवन पर ही गौर किया जा सकता है , जहां बलवान शिकार करता है और उसके डर से बलहीन दुबके पडे होते हैं। भाग्य भरोसे ही इनका जीवन चलता है , अच्छा रहा तो शिकार नहीं होता है , बुरा रहा तो तुरंत मौत के मुंह में चले जाते हैं , कर्म कोई मायने ही नहीं रखता। बलवान पशुओं से बचने के लिए ये कोई कर्म भी करते हैं , तो वह भाग्य से मिलने वाली इनकी विशेषताएं होती हैं। जैसे कि उडकर , डंसकर या भागकर ये खुद को बचा लेते हैं।
आदिम मानव का जीवन भी पशुओं की तरह ही अनिश्चितता भरा था , कर्म कोई मायने नहीं रखता था , कब किसके चंगुल में आ जाएं और प्राणों से हाथ धो बैठे कहना मुश्किल था। इन्हें बुद्धि की विशेषता भाग्य से ही मिली है , जिसके उपयोग से वह बलवान पशुओं तक को नियंत्रित कर सका। प्रकृति में मौजूद हर जड चेतन की विशेषताओं का खुद के लिए उपयोग करना सीखा , पर इसके बावजूद इसके नियंत्रण में भी सबकुछ नहीं है , भाग्य से लडने की विवशता आज भी बनी ही है।
क्रमश: मनुष्य का जीवन विकसित हुआ , पर यहां भी भाग्य की भूमिका बनी रही। एक बच्चे का भिखारी के घर तो एक अरबपति के घर में जन्म होता है , कोई हर सुख सुविधा में तो कोई फटेहाल जीवन जीने को विवश है। यदि आर्थिक स्तर को छोड भी दिया जाए , क्यूंकि अपने अपने स्तर पे ही जीने की सबकी आदत होती है , हर स्तर पर सुख या दुख से युक्त होने की संभावना बन सकती है। पर जन्म के बाद ही दो बच्चे में बहुत अंतर हो सकता है। एक मजबूत शरीर लेकर उत्साहित तो दूसरा शरीर के किसी अंग की कमी से मजबूर होता है। किसी का पालन पोषण माता पिता परिजनों के लाड प्यार में तो किसी को इनकी कमी भी झेलना होता है। पालन पोषण में ही वातावरण में अन्य विभिन्न्ता देखने को मिल सकती है।
आज प्रकृति से लडता हुआ मनुष्य बहुत ही विकसित अवस्था तक पहुंच चुका है , पर लोगों के जीवन स्तर के मध्य का फासला जितना बढता जा रहा है , भाग्य् की भूमिका उतनी अहम् होती जा रही है। किसी व्यक्ति की जन्मजात विशेषता उसे भीड से अलग महत्वपूर्ण बनाने में समर्थ है , इसी प्रकार जहां संयोग के कारण एक बडी सफलता या असफलता जीवन स्तर में बडा परिवर्तन ला देती है , वहीं किसी प्रकार का दुर्योग लोगों को असफल जीवन जीने को बाध्य कर देता है। संक्षेप में यही कहा जा सकता है कि हम प्रकृति की ओर से अपने वातावरण और जमाने के अनुकूल जो विशेषताएं प्राप्त‍ करते हैं , वो हमारा भाग्यु है , इसके प्रतिकूल हमारे व्यक्तित्व और वातावरण की विशेषताएं हमारा दुर्भाग्य कही जा सकती हैं।

बुधवार, 23 अगस्त 2017

इंटरनेट दिवस : सावधानी बरतने का संकल्प

इंटरनेट की बदौलत इतनी बड़ी दुनिया एक छोटी दुनिया में बदल चुकी है। आज दुनिया में ४ अरब के लगभग लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये आंकड़ा दुनिया की कुल आबादी का 51% से कुछ ज्यादा है। जबकि हमारे देश में ये आंकड़ा 4 करोड़ से ज्यादा ही है, 2016 में भारत में सब्सक्राइबर्स की संख्या मात्रा 39.15 करोड थी। पर आज भारत में लगभग हर किसी के पास स्मार्टफोन हैं जिसके जरिए वह पूरी दुनिया से जुड़ सकता है। एक आंकड़े के मुताबिक दुनिया में हर सेकेंड 30 लाख से ज्यादा मेल भेजे जाते हैं यानि आज के दौर में बिना इंटरनेट के सुचना का आदान प्रदान संभव ही नहीं। 

भारत में इंटरनेट का इतिहास 1986 में नैशनल रिसर्च नेटवर्क के लॉन्च के साथ शुरू हुई , जिसमे नेटवर्क को केवल शिक्षा और रिसर्च के लिए ही उपलब्ध कराया गया था। भारत सरकार और यूनाइटेड नेशन डेवलेपमेंट प्रोग्राम के सपोर्ट और आर्थिक सहायता के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने नेटवर्क शुरू किया , जिसके बाद NICNet की शुरुआत 1988 में हुई। 15 अगस्त 1995 के दिन भारत की विदेश संचार निगम लिमिटेड ने भारत में आम जनता के लिए आधिकारिक तौर इंटरनेट को लॉन्च किया। तभी से वर्ल्ड वाइड वेब हमारी जिंदगी का एक हिस्सा बन गया, आज लगभग सभी के हाथ में मोबाइल फ़ोन का उपयोग हो रहा है।

समय के साथ इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है , जिसके कारन इसकी सुविधा उपलब्ध करने वाली कंपनियों में होड़ मची हुई है। भारत में सबसे कम स्पीड 9.6 kbps के लिए वीएसएनएल को 5000 रुपये चुकाने पड़ते थे, जबकि अधिक स्पीड 128 kbps के लिए 30 लाख रुपये चुकाने पड़ते थे। आज उससे भी अधिक स्पीड के इंटरनेट की सेवाएं फ्री में मिल रही हैं। अब तक विडियो गेम्स, पॉर्न एडिक्ट, सोशल साइट एडिक्ट की बातें कहीं जा रही थीं । 'ब्लू व्हेल गेम' ने भी इंटरनेट में सक्रिय सैकड़ों किशोरों को मौत के मुँह में जाने को मजबूर किया है। पर वैज्ञानिक यह भी  मानते हैं कि इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल दिमाग के एक खास हिस्से पर असर डालता है, जिसकी वजह से लोग मानसिक बीमारी के भी शिकार हो सकते हैं।

फिर भी इंटरनेट आज हर कोई यूज कर रहा है, चाहे जॉब की मजबूरी की वजह से या फिर मनोरंजन के लिए। इन समस्याओ से बचने के लिए विश्व भर में आज का दिन 'इंटरनेट सेल्फ केयर डे' के रूप में मनाया जा रहा है। आज का दिन यह संकल्प लेने का दिन है की इंटरनेट को हम सुविधा के तौर पर ही उपयोग करेंगे, किसी भी तौर पर इसे अपने जीवन पर हावी नहीं होने देंगे। हम अपने बच्चों को भी इनकी लत नहीं पड़ने देंगे और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करेंगे कि वे इंटरनेट का सीमित उपयोग करें। 

मंगलवार, 22 अगस्त 2017

ब्लू व्हेल गेम चैलेन्ज : गत्यात्मक ज्योतिष की दृष्टि

हाल के दिनों में सेल्फ डिस्ट्रक्टिव ब्लू व्हेल चैलेंज एक नई मुसीबत बनकर सामने आया है। तमाम प्रयासों के बाद भी यह ना सिर्फ सरकार के लिए बल्कि शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक चुनौती बना हुआ है। इसके लिए आईटी मंत्रालय से लेकर सीबीएसई बोर्ड ने सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि इसे रोकने के हरसंभव प्रयास किए जाए। इस गेम को खेलते हुए अभी तक दुनिया भर में 200 से ज्यादा लोग अपनी जान दे चुके हैं। अब हमारे देश में भी कई बच्चे इसे खेलते खेलते जान दे रहे हैं।


कई यूजर्स ऑऩलाइन इस गेम को सर्च कर रहे हैं. सोशल मीडिया साइट्स पर ढूंढ रहे हैं, यहां तक कि इससे जुड़े एप्स भी ढूंढ रहे हैं। पर ये सनकी गेम डाउनलोड नहीं किया जा सकता है। भारत में सरकार ने गूगल और फेसबुक से इस गेम के लिंक बैन करने को कहा है, लेकिन ये इतना आसान नहीं है, सोशल मीडिया साइट पर ये गेम टास्क के रूप में आता है, इस चैलेंज को न स्वीकारे। कोई आपको ऐसा मैसेज कर रहा है तो उसकी फॉरन रिपोर्ट करें।


सीबीएसई का कहना है कि छात्रों द्वारा इंटरनेट की सही और सुरक्षित उपयोगिता का ध्यान प्रबंधन द्वारा रखा जाए। छात्र इंटरनेट पर दुर्व्यवहार, साइबर बुलिंग, धोखाधड़ी का शिकार न हो, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा है। छात्र फर्जी मेल आईडी न बनाए या शैक्षणिक उद्देश्य के इतर अन्य कार्यों के लिए इंटरनेट का प्रयोग न करें। अगर आपकी जान पहचान का कोई ऐसा इंसान है जो डिप्रेशन में रहता है, सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल करता है, उम्र के हिसाब से टीनएज में है तो उसे इस गेम के बारे में सचेत करें ताकि वो इस तरह के किसी भी गेम से न जुड़ पाएं।

'गत्यात्मक ज्योतिष' के हिसाब से ....... 
उन अभिभावकों को सचेत रहना चाहिए , जिनके बच्चों का जन्म अप्रैल १९९७ से लेकर मार्च २००० के मध्य  हुआ है , खासकर जिन बच्चों का जन्म मार्च १९९८ से मार्च १९९९ के मध्य हुआ हो, उसके क्रियाकलापों पर अवश्य ध्यान दें। खासकर यदि बच्चे का जन्म निम्न समयावधि में हुआ हो तो अभिभावकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है ....... 
१. १९९७ में १ जनवरी से १० जनवरी, २० अप्रैल से ६ मई , २३ अगस्त से ७ सितम्बर, १३ दिसम्बर से २४ दिसंबर। 
२. १९९८ में २ अप्रैल से १७ अप्रैल, ६ अगस्त से २१ अगस्त, २६ नवंबर से ८ दिसंबर। 
३. १९९९ में १५ मार्च से ३० मार्च, १८ जुलाई से ३ अगस्त, १० नवंबर से २२ नवंबर। 
४. २००० में २६ फ़रवरी से १२ मार्च, २९ जून से १५ जुलाई, २४ अक्टूबर से ५ नवंबर। 
५. २००१ में ९ फ़रवरी से २१ फ़रवरी, ९ जून से २४ जून, ६ अक्टूबर से १९ अक्टूबर। 

सोमवार, 21 अगस्त 2017

गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी विशेष


भारत त्योहारों का देश है और गणेश चतुर्थी उन्हीं त्योहारों में से एक है जिसे 10 दिनों तक बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है।  भारत में भगवान गणेश के जन्मदिन के इस उत्सव को उनके भक्त बेहद ही उत्साह के साथ मनाते हैं।  वैसे भी भारत में  नए या अच्छे काम की शुरूआत करने से पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाना शुभ माना जाता है।  हिन्दू कैलेंडर के अनुसार गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्रपद महीने में आता है यानि कि  हर साल यह त्योहार अगस्त या सितंबर के महीने पड़ता है। गणेश चतुर्थी का त्योहार 10 दिनों तक चलता है, ऐसा माना जाता है विर्सजन के बाद वह अपने माता-पिता देवी पार्वती और भगवान शिव के पास लौट जाते हैं।  इस साल गणेश चतुर्थी का यह पर्व 25 अगस्त से शुरू होकर 5 सितंबर तक चलेगा।  इन दिनों भगवान गणेश भक्त उन्हें हर रोज नए-नए पकवान और मिठाईयों का भोग लगाते हैं।

गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी का त्यौहार शुक्रवार, 25 अगस्त 2017 को देश-विदेश में रहने वाले हिन्दू लोगों द्वारा मनाया जाएगा। यह शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होगी । गणपति स्थापना और गणपति पूजा मुहूर्तऐसा माना जाता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल के दौरान हुआ था इसीलिए मध्याह्न के समय को गणेश पूजा के लिये ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। पहले भारतवर्ष में गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्म दिन के रूप में पुरे हिंदू समुदाय के द्वारा एक साथ पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ प्रतिवर्ष मनाया जाता था  । आजकल यह हिंदू समुदाय के लोगों द्वारा पूरी दुनिया में मनाया जाता है।

गणेश चतुर्थी का त्योहार आने से दो-तीन महीने पहले ही कारीगर भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्तियां बनाना शुरू कर देते हैं। गणेश चतुर्थी वाले दिन लोग इन मूर्तियों को अपने घर लाते हैं. कई जगहों पर 10 दिनों तक पंडाल सजे हुए दिखाई देते हैं जहां गणेश जी की मूर्ति स्थापित होती हैं।  प्रत्येक पंडाल में एक पुजारी होता है जो इस दौरान चार विधियों के साथ पूजा करते हैं।  अनन्त चतुर्दशी के दिन श्रद्धालु-जन बड़े ही धूम-धाम के साथ सड़क पर जुलूस निकालते हुए भगवान गणेश की प्रतिमा का सरोवर, झील, नदी इत्यादि में विसर्जन करते हैं।विसर्जन के दौरान उनके भक्त ''गणपति बप्पा मोरया, पुग्चा वर्षा लोकर या" जिसका मतबल है गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।

गणेश चतुर्थी के दिन चन्द्र-दर्शन वर्ज्य होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चन्द्र के दर्शन करने से मिथ्या दोष अथवा मिथ्या कलंक लगता है जिसकी वजह से दर्शनार्थी को कोई झूठा आरोप सहना पड़ता है। पौराणिक गाथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण पर स्यमन्तक नाम की कीमती मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगा था। माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चन्द्रमा को देखा था जिसकी वजह से उन्हें मिथ्या दोष का श्राप लगा था । भगवान गणेश ने चन्द्र देव को श्राप दिया था कि जो व्यक्ति भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दौरान चन्द्र के दर्शन करेगा वह मिथ्या दोष से अभिशापित हो जायेगा और झूठे आरोप से कलंकित हो जायेगा। मिथ्या दोष से मुक्ति के लिये गणेश चतुर्थी का व्रत कर चन्द्रमा को फल, फूल, दही का भोग लगाकर या हाथ में कोई फल लेकर चंद्र-दर्शन की परम्परा अनेक जगहों पर है।



रविवार, 20 अगस्त 2017

बाढ़ की भयावहता

कई फ़ोन आये बिहार और अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से, कबतक झेलना होगा हमें यह सब। अखबार में भी पढ़ने को मिला ....... 
बिहार में बाढ़ के कारण अब तक 17 ज़िलों के एक करोड़ से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं. बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 153 तक पहुंच चुकी है.
 की अधिकतर नदियों का जलस्तर कम तो हो रहा है, लेकिन हफ्तेभर से बेहाल बाढ़ पी़डि़तों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। राज्य के 18 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हाल ही में बहादुरगंज-अररिया मार्ग का एक वीडियो सामने आया है। इस मार्ग पर बना एक पुल बाढ़ से बह गया और उसे पार कर रहे मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि तीसरे व्यक्ति को बचा लिया गया। इस वीडियो को यूट्यूब पर अब तक साढ़े चार लाख बार देखा जा चुका है।





दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है. हायाघाट स्टेशन से पहले मुंडा रेल पुल पर बागमती नदी के पानी का दवाब अत्यधिक हो जाने की वजह से रेलवे में यह निर्णय लिया है. इस वजह से अमृतसर जाने वाली जननायक एक्सप्रेस रद्द कर दी गयी है. सियालदाह जाने वाली गंगा सागर तथा नयी दिल्ली जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस वाया सीतामढ़ी मुजफ्फरपुर जा
उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों में कहर बरपा रही बाढ़ और वर्षाजनित हादसों में 40 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से 22 जिलों के 3000 से अधिक गांव प्रभावित हैं। बाढ़ की वजह से 40 से अधिक लोगों की जान गई है और एक लाख से ज्यादा मवेशी प्रभावित हुए हैं। मवेशियों के मरने की स्पष्ट संख्या की जानकारी तो नहीं दी गई है लेकिन एक अनुमान के तहत सैंकड़ों मवेशियों की जान गई है। बाढ़ की वजह से 15 लाख से अधिक आबादी प्रभावित है। डेढ़ लाख हैक्टेयर से ज्यादा खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई।
बिहार के 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. पटना के आस-पास की नदियों का जल स्तर काफी बढ़ा हुआ है. पटना के जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है. वहीं, मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के मुताबिक बिहार में भारी बारिश की संभावना भी जतायी गयी है. अगले 24 घंटे के मौसम पूर्वानुमान में पटना, गया, भागलपुर एवं पूर्णिया में आम तौर पर बादल छाये रहने के साथ बारिश अथवा गरज के साथ छीटें पड़ने की संभावना जतायी गयी है. बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान दक्षिण पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने के साथ प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के साथ उत्तर पश्चिम एवं दक्षिण पश्चिम इलाकों में एक अथवा कई स्थानों पर भारी वर्षा रिकार्ड की गयी.
बाढ़ से सम्बंधित उपरोक्त खबर वेब समाचार पत्रों की खबर है जिनके लिंक भी बनाये गए है, पर शायद ही आपको मालूम होगा कि १३ से २६ अक्टूबर के दौरान होने वाले मूसलाधार बारिश और अन्य प्रकार की प्राकृतिक घटनाओ की भविष्यवाणी फेसबुक पर मेरे पिताजी श्री विद्या सागर महथा जी के द्वारा की जा चुकी थी, इस लिंक पर क्लिक करें ....... 
उपरोक्त तिथियों के अलावा, 13 अगस्त से 26 अगस्त तक कुछ स्थानों में अविस्मरणीय मूसलाधार वर्षा हो सकती है तथा 25-26 अगस्त के आसपास कोई प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप, भूस्खलन या कोई अन्य तरह की दुर्घटना आदि की भी संभावना दिखती हैI

यानि निष्कर्ष के तौर पर स्पष्ट है २७ अगस्त से धीरे धीरे बाढ़ की भयावहता समाप्त हो जाएगी, जैसा की ग्रह-योग इशारा कर रहे हैं। पर अभी भी एक सप्ताह का समय और बाकि है , समझ में नहीं आता कैसे काटेंगे लोग इस विपत्ति भरे समय को ?


शनिवार, 19 अगस्त 2017

२१ अगस्त २०१६ का पूर्ण सूर्य ग्रहण का प्रभाव : गत्यात्मक दृष्टि से


सूर्य ग्रहण तब होता है, जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं। पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण होता है। जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी को अपनी छाया में ले लेता तो इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं। ऐसी स्थिति में सूर्य की किरणें धरती तक नहीं पहुंच पाती हैं और धरती पर अंधेरा छा जाता है। दूसरा ग्रहण है आंशिक सूर्य ग्रहण। इसमें चंद्रमा सूर्य के कुछ हिस्से को ढक लेता है। इस दौरान धरती के कुछ हिस्सों पर सूर्य नजर नहीं आता। दो सप्ताह पहले रक्षाबंधन के दिन खंडग्रास चंद्र ग्रहण हुआ था। चंद्र ग्रहण के दो सप्ताह बाद सूर्य ग्रहण होता है।

साल 2017 का दूसरा सूर्यग्रहण , जो पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, 21 अगस्त को दिखाई देगा। भारतीय समय के मुताबिक यह ग्रहण रात में 9.15 मिनट से शुरु होगा और रात में 2.34 मिनट पर खत्म होगा। यह ग्रहण यूरोप, उत्तर/पूर्व एशिया, उत्तर/पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका में पश्चिम, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक की ज्यादातर हिस्सों में दिखेगा. 99 सालों बाद अमेरिकी महाद्वीप में पूर्ण सूर्यग्रहण होने जा रहा है। अमेरिका में सुबह 10.15 मिनट से सूर्यग्रहण ऑरेगन के तट से दिखने लगेगा और दक्षिण कैरोलीना के तट पर दोपहर 2.50 बजे खत्म होगा. उत्तरी अमेरिका के सभी हिस्से में आंशिक सूर्यग्रहण देखा जा सकेगा।

पूरे विश्व में लाखों लोग सूर्य ग्रहण देखेंगे। जहां सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, वहां लोग घर से बाहर निकलकर देख सकते हैं। जिन क्षेत्रों में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा, वहां के लोग लाइव टेलिकास्ट के जरिए इसका दीदार करेंगे । इसके लिए कई एजेंसियां लाइव टेलिकास्ट करेंगी। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी इसका लाइव टेलिकास्ट करेगी। नासा 12 जगहों से सूर्य ग्रहण की कवरेज करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक एजेंसी रिसर्च प्लेन, गुब्बारे और सैटेलाइट के जरिए कवरेज करेगी। बताया जा रहा है कि नासा सूर्य ग्रहण का सीधा प्रसारण अमेरिकी समय के मुताबिक दोपहर में 12 बजे शुरू करेगा। जब ग्रहण लगेगा उस वक्त भारत में रात होगी। ऐसे में भारत में लोग सूर्य ग्रहण नहीं देख पाएंगे। भारत के लिए यह अमावस सोमवती होने के कारन और महत्वपूर्ण हो जाता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यग्रहण के बाद पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान कर देवता की आराधना करनी चाहिए। स्नान के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को दान देने की परंपरा है। हिन्दू मान्यता के अनुसार, सूर्यग्रहण में ग्रहण के दौरान कुछ भी खाने की अनुमति नहीं है, यह मान्यता भी प्रचलित है कि गर्भवती स्त्री को सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण नहीं देखना चाहिए. क्योंकि माना जाता है कि उसके दुष्प्रभाव से शिशु को प्रभावित कर सकता है। सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण के दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत को बिल्कुल मना किया जाता है. मान्यता है कि इस दौरान शुरु किया गया काम अच्छा परिणाम नहीं देता है। पर वैज्ञानिक मान्यता है कि सूर्यग्रहण के दौरान पृथ्वी के उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव प्रभावित होते हैं. इसलिए यह अवधि ऋणात्मक मानी जाती है। इसके अलावा सूर्य से अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं जो एंजाइम सिस्टम को प्रभावित करती हैं, इसलिए सूर्यग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। 

ग्रहण के दौरान दो-चार घंटों के लिए पृथ्वी में सौर ऊर्जा के प्रवाह में बाधा  , खासकर जिस क्षेत्र में ग्रहण का प्रभाव अधिक पहुंचे , उस क्षेत्र के लिए कुछ ऋणात्मक प्रभाव डालने वाला हो सकता है , पर इसका ज्योतिषीय प्रभाव भी पड़ता है , 'गत्यात्मक ज्योतिष' इसकी पुष्टि नहीं करता। इसके लिए आप मेरे पुराने लेख को भी  हैं.... पृथ्‍वी के जड चेतन पर सूर्य या चंद्रग्रहण के प्रभाव का क्‍या है सच ???????

शनिवार, 1 जुलाई 2017

क्यों इतना महत्वपूर्ण है आज का दिन ????


भारत के इतिहास में आज यानि १ जुलाई २०१७ का दिन महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करने जा रहा है।  एक देश-एक टैक्स के दावे के साथ सरकार द्वारा संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित खास समारोह में जीएसटी का मेगा लॉन्‍च 11 बजे शुरू हुआ और यह आधी रात 12 बजे तक चला. कंप्यूटर में गणना की सुविधा के लिए आधी रात से ही वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने जा रहा है. साधन संपन्न होने के कारन एक ओर प्रधान मंत्री , वित्त मंत्री के आमंत्रण पर देश के दिग्गज के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में व्यस्त हैं तो दूसरी ओर ताऊ रामपुरिया जी के आह्वान पर हम सभी साधनहीन बुद्धिजीवी हिंदी ब्लॉगर्स अपने अपने कंप्यूटर पर कुछ न पोस्ट करने के लिए जुट गए हैं! सभी ब्लॉगर भाइयों बहनों से निवेदन है कि लेखों में हैशटैग अवश्य लगाएं ताकि कल हम सभी एक दूसरे के लेख पढ़ और उनपर टिप्पणियां कर सकें. आज आसमान के ग्रहों पर नजर पड़ी तो मालूम हुआ कि आज के दिन के महत्वपूर्ण होने की वजह क्या है ? 





'गत्यात्मक ज्योतिष' में अष्टमी का चंद्र सर्वाधिक स्थैतिक शक्ति संपन्न होता है , यदि अष्टमी के चंद्र की बृहस्पति के साथ युति हो तो वह तिथि काफी महत्वपूर्ण हो जाती है. इससे पहले चन्द्रमा की यह स्थिति १९ जनवरी २०१७ को बनी थी! उस वक्त भी अधिकांश लोग किसी न किसी बड़े कार्यक्रम में व्यस्त होंगे। महत्वपूर्ण होने का  अर्थ सिर्फ सकारात्मक नहीं होता , बहुत लोगों के लिए यह समय कष्टकर भी रहा होगा. उस वक्त गुरु-चंद्र से बुध केन्द्रगत था और शुक्र से शनि , इसलिए इसलिए फ़रवरी से कार्यक्रम विफलता की और बढ़ता गया। पर जून २०१७ के पहले सप्ताह से ही कार्य उसी रूप में या दूसरे रूप में आरम्भ हुआ और आज का दिन इस दिशा में काफी महत्वपूर्ण है। सूर्य , मंगल और  बुध तीनो ही शुभ ग्रह बृहस्पति-चंद्र की युति से केन्द्रगत होकर इसकी शक्ति को बढ़ा रहे हैं, जबकि शुक्र और शनि आमने सामने होने से एक दूसरे को कुछ मदद नहीं कर पा रहे। प्रत्येक घर , समाज, प्रदेश और देश में काफी लोग अच्छे या बुरे रूप इस प्रकार के योग से प्रभावित होते हैं। १ जुलाई २०१७ को १२ बजे रात्रि भले ही सभी ग्रह अस्त हो गए हों, मध्य रात्रि का समय हो पर आज को महत्वपूर्ण बनाने वाले ग्रह बृहस्पति और चंद्र अभी पश्चिमी क्षितिज पर ही हैं और काम करके ही अस्त हुए । 

खासकर मेष राशि वालों या अप्रैल-मई में जन्म लेने वालों के लिए यह योग बढ़िया प्रभाव डालने वाला तथा कुम्भ राशि या फ़रवरी-मार्च में जन्म लेने वालों के लिए यह योग बुरा प्रभाव डालने वाला होगा। जिनके लिए यह समय अच्छा है , वो मौके का फ़ायदा उठायें , नहीं तो बाद में अफ़सोस होगा। जिन्हे आज वैसी ही कोई परेशानी आ रही है , जो जनवरी के आसपास अकस्मात् शुरू हुई तो वे निश्चिंत रहे , यह बुरा समय जल्द ही टलने वाला है।  धैर्य धरें एवं काम जारी रखें। सभी पाठकों को अन्तर्राष्ट्रीय ब्लोगर्स डे की शुभकामनायें .....
...    #हिन्दी_ब्लॉगिंग 

बुधवार, 11 जनवरी 2017

Lagna rashifal 2017 For all lagna

पृथ्‍वी को केन्‍द्र में मानकर पूरे आसमान के 360 डिग्री को जब 12 भागों में विभक्त किया जाता है , तो उससे 30-30 डिग्री की एक राशी निकलती है। इन्हीं राशियों को मेष , वृष , मिथुन ............... मीन कहा जाता है। किसी भी जन्मकुंडली में तीन राशियों को महत्वपूर्ण माना जाता है। पहली वह राशी , जिसमें जातक का सूर्य स्थित हो, वह सूर्य-राशी के रुप में, जिसमें जातक का चंद्र स्थित हो, वह चंद्र-राशी के रुप में तथा जिस राशी का उदय जातक के जन्म के समय पूर्वी क्षितीज मे हो रहा हो , वह लग्न-राशी के रुप में महत्वपूर्ण मानी जाती है। एक महीने तक जन्‍म लेनेवाले सभी व्‍यक्ति एक सूर्य राशि के अंतर्गत आते हैं , जबकि ढाई दिन तक जन्‍म लेनेवाले एक चंद्रराशि के अंतर्गत।
आजकल बाजार में लगभग सभी पत्रिकाओं में राशी-फल की चर्चा रहती है, कुछ पत्रिकाओं में सूर्य-राशी के रुप में तथा कुछ में चंद्र-राशी के रुप में भविष्यफल का उल्लेख रहता है , किन्तु ye अवैज्ञानिक होती हैं और व्यर्थ ही उसके जाल में लाखों लोग फंसे होते हैं। इसकी जगह लग्न-राशी फल निकालने से पाठकों को अत्यधिक लाभ पहुंच सकता है , क्योंकि जन्मसमय में लगभग दो घंटे का भी अंतर हो तो दो व्यक्ति के लग्न में परिवर्तन हो जाता है, जबकि चंद्रराशी के अंतर्गत ढाई दिन के अंदर तथा सूर्य राशी के अंतर्गत एक महीनें के अंदर जन्मलेनेवाले सभी व्यक्ति एक ही राशी में आ जाते हैं। लेकिन चूंकि पाठकों को अपने लग्न की जानकारी नहीं होती है, इसलिए ज्योतिषी लग्नफल की जगह राशी-फल निकालकर जनसाधारण के लिए सर्वसुलभ तो कर देते हें , पर इससे ज्योतिष की वैज्ञानिकता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है।
किसी प्रकार की सामयिक भविष्यवाणी किसी व्यक्ति के लग्न के आधार पर सटीक रुप में की जा सकती है , किन्तु इसकी तीव्रता में विभिन्न व्यक्ति के लिए अंतर हो सकता है। किसी विशेष महीनें का लिखा गया लग्न-फल उस लग्न के करोड़ों लोगों के लिए वैसा ही फल देगा , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी लग्न के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है। इस प्रकार की भविष्यवाणी `गत्यात्मक गोचर प्रणाली´ के आधार पर की जा सकती है। जिन्हें अपने लग्न की जानकारी न हो , वे अपनी जन्म-तिथि , जन्म-समय और जन्मस्थान के साथ मुझे 09835192280 पर संपर्क कर सकते हैं। विवरण से पहले LAGNA अवश्‍य लिखें । उन्हें उनके लग्न की जानकारी दे दी जाएगी।
वर्ष 2017 की ग्रह स्थितियों को लेकर मैने प्रत्‍येक लग्‍न वालों के लिए जो राशिफल तैयार किया है , उसके हिसाब से आप अपने कार्यक्रमों को अंजाम दे सकते हैं , जब किसी मामलों का बुरा समय हो तो आप उस काम को नहीं करेंगे , जब उन मामलों में समय अच्‍छा आएगा आप उस काम को कर सकते हैं , इसलिए यह लग्‍नफल आपको वर्ष भर गाइड कर सकता है , आप इस राशिफल से फायदा अवश्य उठायें ....आप अपनी जन्मकुंडली के हिसाब से सामान्य राशिफल की जगह २०१७ के लिए विशिष्ट राशिफल का भी आर्डर कर सकते हैं -------------

Lagna RashiFal 2017 For All Lagna

According to Gatyatmak Jyotish the ascendant of a person is very effective. Hence,all the prediction of 'Gatyatmak Jyotish' are based on the the ascendants.On account of planetary position on special time interval , every ascendants has to get a certain result. A person can plan accordingly if he/she is previously informed about it. It does not matter if your routine is like common days' but if you are going to do something special, then pay attention to the planetary circumstances. Pay attention to the matter written about the sensational part of your life particularly in your 'Lagna RashiFal 2017'.

If you are not aware of your ascendant, then send your date of birth, time of birth and place of birth on 09835192280 via sms, you will be given information of your ascendant, but you will not succeed if you try to see that from rashi. you must be take interest in getting information of your day to day planetary effects. I am sure in around 80% matter you will be benefited a lot even without paying anything ... You may set 20 reminders in starting week in your mobile for each prediction !!!


You can order for specialized Lagna Rashifal 2017 according your date, time and place of birth paying 551/- , interested person can Contact us.

Lagna RashiFal 2017 For Aries lagna born

1. From third week of January to first week of February 2017, fortune, god, religion etc. will be the subject of mediation. You will be busy with some religious activities. You will tend to be spiritual too.There might be major expenses involved. External relationships will be strong and it might be necessary to form a relationship with an outsider or an external place. 
2. From mid of January to first week of March,your financial position will be strong and ventures will be pursued to strengthen it further. There will be some consultation with prosperous people. The significance of domestic matters will increase. There might be a requirement to harmonize some programmes with those of your in-laws.
3. In second-third week of January,brothers, sisters, colleagues and relatives will be valued more. You might be required to harmonize your programmes with them.The relationship with influential people will be strengthened. You will have to utilize your full potential and influence to solve some complications. 
4. From second week of February to first week of June, you might face some failure due to bad luck. Don't be bothered. There might be more disappointment, despite religious activities. So, avoid being involved in such programmes.You will feel bothered by wasteful expenses and it will be better to not make any shopping plans. There might be inconvenience concerned with any outsider or external place. Avoid going on any travelling or sight-seeing trips. 
5. From mid of March to the first week of AprilThe importance of paternal side will be brought out in some programmes. A major responsibility might be given to you in your workplace. There might be some incidents enhancing your dignity.There is a serious chance of some important gains, your efforts will have to be focused to achieve it. You will be serious regarding these ventures. 
6. From second week of March to mid of April, your financial position will seem weak, and any efforts to bolster it will be in vain. It will be better for you to not plan any programmes regarding this.Domestic environment will not seem good. Some tension regarding in-laws might arise. Aloofness is likely to take place regarding any love-affairs. There should be no need to bring such issues to decisive turns. 
7. From second week of April to third week of August,paternal side will be quite fragile, so don't expect any help from his side. Your performance at work might also be affected. If any complications arise, try to solve it then and there, else might hamper your dignity.Due to less gains, there might be stress in your life. Don't be disappointed. Some disturbances might arise when proceeding towards the goal. Just wait for some time. 
8. From mid of April to mid of June,your financial position will be strong and ventures will be pursued to strengthen it further. There will be some consultation with prosperous people. The significance of domestic matters will increase. There might be a requirement to harmonize some programmes with those of your in-laws.
9. In the first half of April, brothers, sisters, colleagues and relatives will be valued more. You might be required to harmonize your programmes with them.The relationship with influential people will be strengthened. You will have to utilize your full potential and influence to solve some complications.
10. From second week of April to first week of May, there will be lack of harmony with siblings, relatives and friends. There can also be bitterness in your relationship with co-workers. So, avoid creating a scenario where any disputes could arise.Some complications will arise and it will be difficult to solve them due to the weak influential power. Hence, it will be better to go the safe way without trying any shortcuts. 
11. From first to third week of May, brothers, sisters, colleagues and relatives will be valued more. You might be required to harmonize your programmes with them.The relationship with influential people will be strengthened. You will have to utilize your full potential and influence to solve some complications.
12. From second week of June to first week of July, fortune, god, religion etc. will be the subject of mediation. You will be busy in some religious activities. You will tend to be spiritual too.There might be major expenses involved. External relationships will be strong and it might be necessary to form a relationship with an outsider or an external place. 
13. From mid of June to whole year, the position of wealth and funds should be good. Efforts undertaken in this direction will be fruitful.Any domestic disputes can be solved. You are likely to get support from in-laws in your venture. There will be smoothness in love affairs. 
14. From second week of July to whole year, there can arise some possibility of lucky gains, so you can indulge in some risky ventures. There will be a favourable environment for expenditure, so you will enjoy shopping. You can be benefited by an outsider or an external place. Planning such a programme will be advantageous.
15. In first half of August, brothers, sisters, colleagues and relatives will be valued more. You might be required to harmonize your programmes with them.The relationship with influential people will be strengthened. You will have to utilize your full potential and influence to solve some complications.
16. From last ofweek of August to mid of September, the importance of paternal side will be brought out in some programmes. A major responsibility might be given to you in your workplace. There might be some incidents enhancing your dignity.There is a serious chance of some important gains, your efforts will have to be focused to achieve it. You will be serious regarding these ventures. 
17. From the mid of August to first week of September, there will be lack of harmony with siblings, relatives and friends. There can also be bitterness in your relationship with co-workers. So, avoid creating a scenario where any disputes could arise.Some complications will arise and it will be difficult to solve them due to the weak influential power. Hence, it will be better to go the safe way without trying any shortcuts. 
18. In the first half of September, brothers, sisters, colleagues and relatives will be valued more. You might be required to harmonize your programmes with them.The relationship with influential people will be strengthened. You will have to utilize your full potential and influence to solve some complications.
19. In the last week of November & first week of December, brothers, sisters, colleagues and relatives will be valued more. You might be required to harmonize your programmes with them.The relationship with influential people will be strengthened. You will have to utilize your full potential and influence to solve some complications.
20. In the second & third week of December, there will be lack of harmony with siblings, relatives and friends. There can also be bitterness in your relationship with co-workers. So, avoid creating a scenario where any disputes could arise.Some complications will arise and it will be difficult to solve them due to the weak influential power. Hence, it will be better to go the safe way without trying any shortcuts.

Lagna RashiFal 2017 For Taurus lagna born

1. From third week of January to first week of February 2017, your routine will be well-organized due to which all your work will be completed on time.There is a serious chance of some important gains, your efforts will have to be focused to achieve it. You will be serious regarding these ventures. 
2. From mid of January to first week of March, some programmes to strengthen the personal health, personality and personal qualities will be pursued. You will be assisted by smart people.The relationship with influential people will be strengthened. You will have to utilize your full potential and influence to solve some complications.
3. In second-third week of January, your financial position will be strong and ventures will be pursued to strengthen it further. There will be some consultation with prosperous people. Matters regarding intellect and knowledge will gain importance. You might take some important decisions regarding kids and progeny. 
4. From second week of February to first week of June, the routine will be quite unorganized. Some event will badly affect your life-style. Lead every step of your life safely, as haste might cause waste. Due to less gains, there might be stress in your life. Don't be disappointed. Some disturbances might arise when proceeding towards the goal. Just wait for some time. 
5. From mid of March to first week of April, fortune, god, religion etc. will be the subject of mediation. You will be busy in some religious activities. You will tend to be spiritual too.The importance of paternal side will be brought out in some programmes. A major responsibility might be given to you in your workplace. There might be some incidents enhancing your dignity. 
6. From second week of March to mid of April, health could be in a bad condition. There will be a lack of confidence and your personality can seem weak and unimpressive. Hence, be careful of any activities related to them. Some complications will arise and it will be difficult to solve them due to the weak influential power. Hence, it will be better to go the safe way without trying any shortcuts. 
7. From second week of April to third week of August, you might face some failure due to bad luck. Don't be bothered. There might be more disappointment, despite religious activities. So, avoid being involved in such programmes.Paternal side will be quite fragile, so don't expect any help from his side. Your performance at work might also be affected. If any complications arise, try to solve it then and there, else might hamper your dignity. 
8. From mid of April to mid of June, some programmes to strengthen the personal health, personality and personal qualities will be pursued. You will be assisted by smart people.The relationship with influential people will be strengthened. You will have to utilize your full potential and influence to solve some complications.
9. In the first half of April, your financial position will be strong and ventures will be pursued to strengthen it further. There will be some consultation with prosperous people. Matters regarding intellect and knowledge will gain importance. You might take some important decisions regarding kids and progeny.
10. From second week of April to first week of May, your financial position will seem weak, and any efforts to bolster it will be in vain. It will be better for you to not plan any programmes regarding this.Educational environment for the children and yourself will be weak. It will be difficult to gain any type of knowledge. The situation regarding some other aspect of children will also be weak. Do not be very serious regarding such problems. 
11. From first to third week of May, your financial position will be strong and ventures will be pursued to strengthen it further. There will be some consultation with prosperous people. Matters regarding intellect and knowledge will gain importance. You might take some important decisions regarding kids and progeny.
12. From second week of June to first week of July, your routine will be well-organized due to which all your work will be completed on time.There is a serious chance of some important gains, your efforts will have to be focused to achieve it. You will be serious regarding these ventures.
13. From mid of June to whole year, the factors regarding health, confidence and personality will be good. Follow up activities concerned with the above mentioned factors. Some complications may arise but there is no need to be nervous. It could be properly solved with the strong influence in your favour.
14. From second week of July to whole yearRoutine will be relaxed and you will have sufficient time to perform your scheduled activities. Hence, try to complete some pending work too.There can arise some possibility of lucky gains, so you can indulge in some risky ventures. But you will not be very serious regarding your goals. 
15. In first half of August, your financial position will be strong and ventures will be pursued to strengthen it further. There will be some consultation with prosperous people. Matters regarding intellect and knowledge will gain importance. You might take some important decisions regarding kids and progeny.
16. From the last week of August to mid of September, fortune, god, religion etc. will be the subject of mediation. You will be busy in some religious activities. You will tend to be spiritual too.The importance of paternal side will be brought out in some programmes. A major responsibility might be given to you in your workplace. There might be some incidents enhancing your dignity. 
17. From the mid of August to first week of September, your financial position will seem weak, and any efforts to bolster it will be in vain. It will be better for you to not plan any programmes regarding this.Educational environment for the children and yourself will be weak. It will be difficult to gain any type of knowledge. The situation regarding some other aspect of children will also be weak. Do not be very serious regarding such problems. 
18. In the first half of September, your financial position will be strong and ventures will be pursued to strengthen it further. There will be some consultation with prosperous people. Matters regarding intellect and knowledge will gain importance. You might take some important decisions regarding kids and progeny.
19. In the last week of November & first week of December, your financial position will be strong and ventures will be pursued to strengthen it further. There will be some consultation with prosperous people. Matters regarding intellect and knowledge will gain importance. You might take some important decisions regarding kids and progeny.
20. In the second & third week of December, your financial position will seem weak, and any efforts to bolster it will be in vain. It will be better for you to not plan any programmes regarding this.Educational environment for the children and yourself will be weak. It will be difficult to gain any type of knowledge. The situation regarding some other aspect of children will also be weak. Do not be very serious regarding such problems.

Lagna RashiFal 2017 For Gemini lagna born

1. From third week of January to first week of February 2017, the significance of domestic matters will increase. There might be a requirement to harmonize some programmes with those of your in-laws. The importance of paternal side will be brought out in some programmes. A major responsibility might be given to you in your workplace. There might be some incidents enhancing your dignity. 
2. From mid of January to first week of March,matters regarding intellect and knowledge will gain importance. You might take some important decisions regarding kids and progeny. There might be major expenses involved. External relationships will be strong and it might be necessary to form a relationship with an outsider or an external place. 
3. In second-third week of January, some programmes to strengthen the personal health, personality and personal qualities will be pursued. You will be assisted by smart people.The importance of your maternal side might be seen in some programmes. Efforts to acquire some vehicle, some other big or small property will continue. 
4. From second week of February to first week of June, domestic environment will not seem good. Some tension regarding in-laws might arise. Aloofness is likely to take place regarding any love-affairs. There should be no need to bring such issues to decisive turns.Paternal side will be quite fragile, so don't expect any help from his side. Your performance at work might also be affected. If any complications arise, try to solve it then and there, else might hamper your dignity. 
5. From mid of March to first week of April, your routine will be well-organized due to which all your work will be completed on time.Fortune, God, religion etc. will be the subject of mediation. You will be busy in some religious activities. You will tend to be spiritual too. 
6. From second week of March to mid of April, educational environment for the children and yourself will be weak. It will be difficult to gain any type of knowledge. The situation regarding some other aspect of children will also be weak. Do not be very serious regarding such problems.You will feel bothered by wasteful expenses and it will be better to not make any shopping plans. There might be inconvenience concerned with any outsider or external place. Avoid going on any travelling or sight-seeing trips. 
7. From second week of April to third week of August, the routine will be quite unorganized. Some event will badly affect your life-style. Lead every step of your life safely, as haste might cause waste. You might face some failure due to bad luck. Don't be bothered. There might be more disappointment, despite religious activities. So, avoid being involved in such programmes. 
8. From mid of April to mid of June, matters regarding intellect and knowledge will gain importance. You might take some important decisions regarding kids and progeny. There might be major expenses involved. External relationships will be strong and it might be necessary to form a relationship with an outsider or an external place. 
9. In the first half of April, some programmes to strengthen the personal health, personality and personal qualities will be pursued. You will be assisted by smart people.The importance of your maternal side might be seen in some programmes. Efforts to acquire some vehicle, some other big or small property will continue.
10. From second week of April to first week of May, health could be in a bad condition. There will be a lack of confidence and your personality can seem weak and unimpressive. Hence, be careful of any activities related to them. There will arise some disturbance concerned with your mother or maternal side. Vehicle or any type of property will prove to be a cause of trouble. Be careful in any situations regarding this, before it provides you with some disappointment. 
11. From first to third week of May, some programmes to strengthen the personal health, personality and personal qualities will be pursued. You will be assisted by smart people.The importance of your maternal side might be seen in some programmes. Efforts to acquire some vehicle, some other big or small property will continue.
12. From second week of June to first week of July, the significance of domestic matters will increase. There might be a requirement to harmonize some programmes with those of your in-laws. The importance of paternal side will be brought out in some programmes. A major responsibility might be given to you in your workplace. There might be some incidents enhancing your dignity. 
13. From mid of June to whole year, students should try to memorize the hard lessons. Some actions or decisions concerning your progeny can be performed. There will be a favourable environment for expenditure, so you will enjoy shopping. You can be benefited by an outsider or an external place. Planning such a programme will be advantageous. 
14. From second week of July to whole year, any domestic disputes can be solved. You are likely to get support from in-laws in your venture. There will be smoothness in love affairs.You will have a pleasant feeling in some social programmes at any place, so do join in. Schedule programmes with a view of support from father or paternal side. The environment in your workplace will be favourable, so challenging tasks can be completed. 
15. In first half of August, some programmes to strengthen the personal health, personality and personal qualities will be pursued. You will be assisted by smart people.The importance of your maternal side might be seen in some programmes. Efforts to acquire some vehicle, some other big or small property will continue.
16. From the last week of August to mid of September, your routine will be well-organized due to which all your work will be completed on time.Fortune, God, religion etc. will be the subject of mediation. You will be busy in some religious activities. You will tend to be spiritual too. 
17. From the mid of August to first week of September, health could be in a bad condition. There will be a lack of confidence and your personality can seem weak and unimpressive. Hence, be careful of any activities related to them. There will arise some disturbance concerned with your mother or maternal side. Vehicle or any type of property will prove to be a cause of trouble. Be careful in any situations regarding this, before it provides you with some disappointment. 
18. In the first half of September, some programmes to strengthen the personal health, personality and personal qualities will be pursued. You will be assisted by smart people.The importance of your maternal side might be seen in some programmes. Efforts to acquire some vehicle, some other big or small property will continue.
19. In the last week of November & first week of December, some programmes to strengthen the personal health, personality and personal qualities will be pursued. You will be assisted by smart people.The importance of your maternal side might be seen in some programmes. Efforts to acquire some vehicle, some other big or small property will continue.
20. In the second & third week of December, health could be in a bad condition. There will be a lack of confidence and your personality can seem weak and unimpressive. Hence, be careful of any activities related to them. There will arise some disturbance concerned with your mother or maternal side. Vehicle or any type of property will prove to be a cause of trouble. Be careful in any situations regarding this, before it provides you with some disappointment.