शनिवार, 1 जुलाई 2017

क्यों इतना महत्वपूर्ण है आज का दिन ????


भारत के इतिहास में आज यानि १ जुलाई २०१७ का दिन महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करने जा रहा है।  एक देश-एक टैक्स के दावे के साथ सरकार द्वारा संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित खास समारोह में जीएसटी का मेगा लॉन्‍च 11 बजे शुरू हुआ और यह आधी रात 12 बजे तक चला. कंप्यूटर में गणना की सुविधा के लिए आधी रात से ही वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने जा रहा है. साधन संपन्न होने के कारन एक ओर प्रधान मंत्री , वित्त मंत्री के आमंत्रण पर देश के दिग्गज के महत्वपूर्ण कार्यक्रम में व्यस्त हैं तो दूसरी ओर ताऊ रामपुरिया जी के आह्वान पर हम सभी साधनहीन बुद्धिजीवी हिंदी ब्लॉगर्स अपने अपने कंप्यूटर पर कुछ न पोस्ट करने के लिए जुट गए हैं! सभी ब्लॉगर भाइयों बहनों से निवेदन है कि लेखों में हैशटैग अवश्य लगाएं ताकि कल हम सभी एक दूसरे के लेख पढ़ और उनपर टिप्पणियां कर सकें. आज आसमान के ग्रहों पर नजर पड़ी तो मालूम हुआ कि आज के दिन के महत्वपूर्ण होने की वजह क्या है ? 





'गत्यात्मक ज्योतिष' में अष्टमी का चंद्र सर्वाधिक स्थैतिक शक्ति संपन्न होता है , यदि अष्टमी के चंद्र की बृहस्पति के साथ युति हो तो वह तिथि काफी महत्वपूर्ण हो जाती है. इससे पहले चन्द्रमा की यह स्थिति १९ जनवरी २०१७ को बनी थी! उस वक्त भी अधिकांश लोग किसी न किसी बड़े कार्यक्रम में व्यस्त होंगे। महत्वपूर्ण होने का  अर्थ सिर्फ सकारात्मक नहीं होता , बहुत लोगों के लिए यह समय कष्टकर भी रहा होगा. उस वक्त गुरु-चंद्र से बुध केन्द्रगत था और शुक्र से शनि , इसलिए इसलिए फ़रवरी से कार्यक्रम विफलता की और बढ़ता गया। पर जून २०१७ के पहले सप्ताह से ही कार्य उसी रूप में या दूसरे रूप में आरम्भ हुआ और आज का दिन इस दिशा में काफी महत्वपूर्ण है। सूर्य , मंगल और  बुध तीनो ही शुभ ग्रह बृहस्पति-चंद्र की युति से केन्द्रगत होकर इसकी शक्ति को बढ़ा रहे हैं, जबकि शुक्र और शनि आमने सामने होने से एक दूसरे को कुछ मदद नहीं कर पा रहे। प्रत्येक घर , समाज, प्रदेश और देश में काफी लोग अच्छे या बुरे रूप इस प्रकार के योग से प्रभावित होते हैं। १ जुलाई २०१७ को १२ बजे रात्रि भले ही सभी ग्रह अस्त हो गए हों, मध्य रात्रि का समय हो पर आज को महत्वपूर्ण बनाने वाले ग्रह बृहस्पति और चंद्र अभी पश्चिमी क्षितिज पर ही हैं और काम करके ही अस्त हुए । 

खासकर मेष राशि वालों या अप्रैल-मई में जन्म लेने वालों के लिए यह योग बढ़िया प्रभाव डालने वाला तथा कुम्भ राशि या फ़रवरी-मार्च में जन्म लेने वालों के लिए यह योग बुरा प्रभाव डालने वाला होगा। जिनके लिए यह समय अच्छा है , वो मौके का फ़ायदा उठायें , नहीं तो बाद में अफ़सोस होगा। जिन्हे आज वैसी ही कोई परेशानी आ रही है , जो जनवरी के आसपास अकस्मात् शुरू हुई तो वे निश्चिंत रहे , यह बुरा समय जल्द ही टलने वाला है।  धैर्य धरें एवं काम जारी रखें। सभी पाठकों को अन्तर्राष्ट्रीय ब्लोगर्स डे की शुभकामनायें .....
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