शनिवार, 28 फ़रवरी 2009

शुक्रिया ... जी छत्‍तीसगढ 24 घंटे ( Astrology )

पता नहीं , कल शाम का चंद्र-शुक्र के मिलन का खूबसूरत और अद्भुत नजारा आपलोगों ने देखा या नहीं , यहां बोकारो में तो पश्चिमी क्षितिज पर बहुत ही सुंदर दृश्‍य दिखाई पड रहा था , बिल्‍कुल वैसा ही जैसा मैने अपने लेखमे बताया था। भारत मे सूर्यास्‍त के बाद जब यह दिखाई पडा तो चंद्र और शुक्र की दूरी 6 डिग्री थी , प्रति दो घंटे में यह दूरी कम होती गयी होगी , अन्‍य देशों में यह और ही खूबसूरत ढंग से दिखाई पडा और जब अमेरिका के आस पास सूर्यास्‍त हो रहा होगा , चंद्र शुक्र को पार करते हुए आगे बढ गया होगा। इस तरह आज जब शाम को ये आसमान में दिखाई पडेंगे , तो चंद्र शुक्र के उतना ही उपर होगा , जितना कल नीचे था ।


चंद्र शुक्र का इस मिलन का भारत पर अच्‍छा खासा प्रभाव देखा जा रहा है। यह एक ओर सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्‍ता जैसी खुशी लेकर आया है , वहीं दूसरी ओर झारखंड में एम सी सी का 48 घंटो का बंद चल रहा है। एक रेलवे स्‍टेशन को उडा दिए जाने से रेलवे अधिकारियों को सारे रेलयात्रियों को परेशानी को दूर कर पाने में खासी मशक्‍कत करनी पड रही है , वहीं इन दो दिनों में शादी विवाह या उसी तरह के अन्‍य कार्यक्रम भी बहुतायत में होते देखने को मिल रहे हैं।


पूरी दुनिया पर इसका जो भी प्रभाव पडा हो , चंद्र शुक्र का यह मिलन मेरे लिए बहुत ही अच्‍छा रहा। कल शाम इस खूबसूरत नजारे के दर्शन कर ही रही थी कि फोन की घंटी बजी। उठाने पर मालूम हुआ कि यह फोन जी , छत्‍तीसगढ 24 घंटे से किया जा रहा है। फोन पर मुझे कहा गया कि शुक्र-चंद्र के इस मिलन को देखते हुए वे अभी एक कार्यक्रम आरंभ करने जा रहे हैं , इसलिए थोडी देर में ही विभिन्‍न राशियों के उपर इसका प्रभाव जानने के लिए स्‍टूडियो से मुझे फोन किया जाएगा। ठीक 8 बजे कार्यक्रम आरंभ हुआ , फोन द्वारा मुझे स्‍टूडियो से लाइव ही जोडा गया। बीस मिनट के इस कार्यक्रम में मेरे अलावे एक अन्‍य ज्‍योतिषी भी थे। मैने इस खास युति के अधिक प्रभावशाली होने का कारण और विभिन्‍न राशियों पर पडनेवाले इसके प्रभाव के बारे में जानकारी दी। जी , छत्‍तीसगढ 24 घंटे ने मुझे अपने कार्यक्रम के लायक समझा , इसके लिए उसका तहेदिल से शुक्रिया।
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