बुधवार, 12 अगस्त 2009

क्‍या विश्‍व को स्‍वाइन फ्लू से छुटकारा मिलने की उम्‍मीद दिखती है ?????

13 मई को मैने आसमान में बृहस्‍पति की खास स्थिति की चर्चा करते हुए एक आलेख क्‍या 17 - 18 मई के बृहस्‍पति चंद्र युति का विशेष प्रभाव आपपर भी पडेगा ?????? "लिखा था , जिसका एक अनुच्‍छेद यूं था ...

किन्तु बृहस्पति की इस विशेष स्थिति से कुछ लोगों को कष्‍ट या तकलीफ भी होगी। वे निराशाजनक वातावरण में कार्य करने को बाध्य होंगे। 16 मई तक गंभीरता से काम किए जाने के बावजूद एक महीने यानि 19 जून 2009 के बाद कार्य के असफल होने से उन्हें तनाव का सामना करना पडे़गा। 15 अगस्‍त 2009 तक उनके समक्ष किकर्तब्‍यविमूढावस्‍था की स्थिति बनी रहेगी। 13 अक्तूबर 2009 के पश्चात बृहस्पति में गति आने के साथ-साथ पुन: निराशाजनक वातावरण में वे कार्य को आगे बढ़ाएंगे , कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में गतिमान होकर 11 नवम्बर 2009 तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। बृहस्पति के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इनलोगों को कष्‍ट पहुंचेगा।

यूं तो पहले से हमने स्‍वाइन फ्लू पर कोई विशेष अध्‍ययन नहीं किया था , इस कारण उस वक्‍त निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह पायी थी , पर ठीक 2 मई 2009 को स्‍वाइन फ्लू के केस का आरंभ किसी न किसी प्रकार इसमें बृहस्‍पति ग्रह के प्रभाव की पुष्टि कर देता है। वास्‍तव में गोचर में बृहस्‍पति की अभी जो स्थिति बनी है , वही विश्‍वभर के डाक्‍टरों के सामने एक बडी चुनौती लेकर आयी है। जैसा कि उपरोक्‍त अनुच्‍छेद में लिखा ही गया है कि गंभीरता से काम किए जाने के बावजूद 19 जून 2009 के बाद कार्य के असफल होने से उन्‍हें तनाव का सामना करना पडेगा और 15 अगस्‍त 2009 तक उनके समक्ष किंकर्तब्‍यविमूढावस्‍था की स्थिति बनेगी। और सचमुच आज 12 अगस्‍त को हर जगह इस मामले को लेकर वैसी ही स्थिति बनी हुई है। पर 15 अगस्‍त के बाद धीरे धीरे ही सही , बृहस्‍पति की स्थिति में कुछ सुधार होने से स्थिति की भयावहता अवश्‍य कम होगी । 13 अक्‍तूबर से 11 नवम्‍बर 2009 तक एक बार इस मामले में कठोर कदम उठाने की जरूरत डाक्‍टरों को पड सकती है । निराशाजनक वातावरण में ही सही , इसे दूर करने के कार्यक्रमों में पुरजोर ध्‍यान दिया जाएगा। 11 नवम्‍बर तक भी इस बीमारी पर काबू पाने में भले ही असफलता दिखाई पडे , पर उसके बाद काफी राहत हो जाएगी । इस प्रकार ग्रहों के हिसाब से सर्दियों में इसकी वृद्धि का डाक्‍टरों द्वारा किया जानेवाला अनुमान गलत साबित होना चाहिए । जनवरी 2010 के बाद यह वायरस नाममात्र ही रह सकता है , जिसे नियंत्रित कर पाना काफी आसान होगा।

हालांकि इतने कम समय में स्‍वाइन फ्लू के बारे में मैं गंभीर अध्‍ययन तो नहीं कर पायी , पर इधर कुछ दिनों के अध्‍ययन में मैने बृहस्‍पति के साथ ही इसका तालमेल पाया है , जिसके कारण इस आलेख को लिखने की जरूरत महसूस हुई । मेरे अध्‍ययन के हिसाब से दिसम्‍बर 2009 में इस वायरस का प्रभाव खत्‍म हो जाना चाहिए । पर चूंकि किसी प्रकार की भविष्‍यवाणी शत प्रतिशत तो नहीं , 98 प्रतिशत तक ही की जा सकती है , इस हिसाब से यदि कुछ अंतर लेकर भी चलूं , तो जनवरी 2010 में इस बीमारी के फैले होने की मात्र 2 प्रतिशत संभावना दिखाई पडती है। और यदि ऐसा हुआ , यानि जनवरी तक भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी , तो आनेवाले समय में इसकी भयावहता से इंकार नहीं किया जा सकता ।
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