सोमवार, 2 नवंबर 2009

ज्‍योतिष हकीकत का नहीं ... सिर्फ संभावनाओं का विज्ञान है !!

ग्रहों के क्रिकेट मैच पर पडनेवाले प्रभाव को दिखाने के लिए मैं कई दिनों से मैच के एक दिन पहले ही ग्रहीय आधार पर मैच का विश्‍लेषण करती आ रही हूं। कुछ लोगों के लिए ज्‍योतिष तो मजाक का विषय है ही , मेरे पोस्‍ट पर प्रकाश गोविंद जी की टिप्‍पणी देखिए ...
ज्योतिष का एक ही सफल मन्त्र है :

भविष्य वाणी इस तरह से गोल-मोल करो कि जो भी परिणाम आये वो ऐसा लगे कि अरे मैंने यही तो कहा था न :)


प्रवीण शाह जी वैसे तो अक्‍सर मुझे प्रोत्‍साहित किया करते हैं , पर मेरा कल का आलेख इन्‍हें भी मजाक लगा , तभी इन्‍होने भी ऐसी टिप्‍पणी की ...
मेरी भविष्यवाणी है कि पहले आस्ट्रेलिया खेलेगा, दूसरी पारी भारत की होगी, सामान्य मुकाबला होगा और जीत भारत के हाथ नहीं लगती दिखती है...

इस भविष्यवाणी के सच होने की संभावना ५०% है...

अब मेरे आलेख का यह अंश देखें .....
कल मोहाली के पंजाब क्रिकेट एशोसिएशन स्‍टेडियम में भारत और आस्‍ट्रेलिया के मध्‍य होनेवाले चौथे एकदिवसीय मैच में शुरूआत के दो घंटे बिल्‍कुल सामान्‍य रहेंगे , पर लगभग चार बजे के बाद भारतीय टीम बहुत ही अच्‍छा खेलेगी।

लगभग 20 ओवर तक एक विकेट के नुकसान पर लगभग 5 के औसत रनरेट से आराम से खेलते हुए आस्‍ट्रेलिया 4 बजे के बाद अचानक ही दो और विकेट खो बैठता है और कुछ ही देर में रनरेट गिरकर साढे चार पर पहुंच जाता है। काफी कोशिश कर वे थोडी देर में रनरेट को बढा अवश्‍य ही लें , पर उनपर दबाब पडने की बात से इंकार तो नहीं किया जा सकता। पहले डेढ घंटे में एक विकेट और दूसरे डेढ घंटे में चार विकेट का नुकसान आस्‍ट्रेलिया के लिए सिर्फ संयोग नहीं माना जा सकता। 6 बजे तक भी धडाधड विकेट्स का गिरना जारी रहा और चार बॉल खेले बिना ही आस्‍ट्रेलिया का मैच समाप्‍त हो गया।
अब पहले मैच के दिन प्रकाशित मेरे आलेख का अंश देखें ....
वैसे इस दिन बिल्‍कुल शुरूआत का समय यानि 3 बजे के बाद के दो घंटे भारत के पक्ष में दिखते हैं

और उस दिन ठीक तीन बजे के बाद धडाधड रन बनाकर भारत अपनी बडी हार से खुद को बचा लेता है।

उसके दूसरे दिन मेरे आलेख का अंश देखें ....
भारत की शुरूआत बहुत ही अच्‍छी रहेगी और लगभग दो घंटे तक भारत काफी अच्‍छा खेलेगा , जिसके कारण अंत अंत तक सामान्‍य खेलते हुए भी पहली पारी में इसकी स्थिति बहुत ही मजबूत बन जाएगी।
दूसरी पारी में भी भारत की मजबूत स्थिति के कारण आस्‍ट्रेलिया किसी समय भारत पर दबाब बनाता नहीं दिखेगा । पर बिल्‍कुल आराम से खेलते हुए भी कछुए की चाल की तरह उसकी स्थिति भी मजबूत हो जाएगी और अंतिम एक घंटे में भारत पर दबाब पडने की शुरूआत होगी।


सचमुच भारत बडा स्‍कोर खडा करता है और आस्‍ट्रेलिया कछुए की चाल में खेलता है।

तीसरे दिन के मैच में मेरे आलेख का अंश देखें ....
दूसरी पारी के आरंभ में भी भारतीय टीम की गंभीरता काफी बनी रहेगी और इस कारण आस्‍ट्रेलियन टीम का शुरूआती अनुभव अच्‍छा नहीं रहेगा और दो घंटे उनसे अधिक की उम्‍मीद नहीं की जा सकती! पर उसके बाद के दो घंटे में ग्रहीय बाधा के गुजर जाने से खेल में अवश्‍य सुधार आना चाहिए! उसमें इतनी कामयाब हो जाए कि भारतीय टीम को हरा सके , ऐसा मुझे तो नहीं दिखता।


और इस दिन भी आस्‍ट्रेलिया की टीम भारतीय टीम को नहीं हरा पाती।

यदि ये सब गोल मोल बातें हैं , तो साफ सुथरी बातें किसे कहते है , यह मैं प्रकाश गोविन्‍द जी से जानना चाहती हूं।

वैसे यह बात सही है कि ज्‍योतिष सिर्फ संभावनाओं की चर्चा करता है , हकीकत का नहीं। हकीकत यह है कि इसी सप्‍ताह शेयर बाजार से संबंधित मेरी भविष्‍यवाणी बिल्‍कुल उलट हुई है , पर इसका दोष मैं ग्रहों को नहीं , खुदको दिया करती हूं। मैं पिछले एक वर्ष से शेयर बाजार से संबंधित साप्‍ताहिक भविष्‍यवाणी कर रही हूं और मात्र दो बार बडे स्‍तर पर चूक हुई है , इस लिंकमें इसे आप देख सकते हैं।



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