बुधवार, 4 नवंबर 2009

हमारे रणबांकुरे कल क्‍या करेंगे ??

देखते ही देखते भारत और ऑस्‍टेलिया के मध्‍य पांचवा मैच भी कल होना है, जिसके लिए भी कुछ तुक्‍का लगा ही दूं। इसे तुक्‍का ही मानें क्‍यूंकि मैं गोलमोल बातें कहा करती हूं और हार और जीत के बारे में साफ साफ नहीं बताती हूं। कौन कितना रन बनाएगा , ये भी नहीं कह पाती। वास्‍तव में 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' ग्रहों के प्रभाव को एक सीमा तक ही मानता है और किसी की मेहनत और क्षमता को भी काफी महत्‍व देता है।

इस कारण जन्‍मकुंडली के ग्रहों के प्रभाव के आधार पर भविष्‍यवाणी करते हुए हम व्‍यक्ति के पूरे जीवन के उतार चढाव का लेखाचित्र खींच देते हैं , पर उतार में व्‍यक्ति कितना नीचे चला जाएगा और चढाव में कितना उपर , इसे बताना संभव नहीं, क्‍यूंकि हम व्‍यक्ति की क्षमता को , उसके जीन को , उसके पारिवारिक वातावरण को , उसके भौगोलिक वातावरण को ग्रहों से नहीं समझ सकते। इसके अलावे भी कुछ अन्‍य बातों को प्रभाव मनुष्‍य के जीवन में पडता है , जबकि हम सिर्फ ग्रहों के प्रभाव को दखते हैं , अन्‍यान्‍य प्रभाव को नही।

इसी प्रकार किसी मैच के विश्‍लेषण करने में हम भारत के पक्ष और विपक्ष तथा आस्‍ट्रेलिया के पक्ष और विपक्ष के समय का खाका खींच सकते हैं , पर पक्ष के समय का देश कितना उपयोग करेगा या विपक्ष के समय कितने चुनौतीपूर्ण ढंग से निबटेगा , यह दोनो देश के टीम की तैयारी पर निर्भर करता है। कल दूसरी पारी के पहले दो घंटे खराब होने की बात तो मैने की थी , पर भारत की टीम के सारे विकेट धडाधड गिर जाएंगे , यह निश्चित तौर पर हमारे खिलाडियों का गलत निर्णय है , पहले से ऐसी कल्‍पना कौन कर सकता था ?

कल उप्‍पल , हैदराबाद राजीव गांधी इंटरनेशनल स्‍टेडियम में भारत आस्‍ट्रेलिया के मध्‍य होनेवाले पांचवे क्रिकेट मैच में शुरूआत भारत के पक्ष में न होने से कुछ देर तक भारत दबाब महसूस कर सकता है पर थोडी ही देर में सबकुछ सामान्‍य नजर आएगा और बिल्‍कुल अंत अंत में मैच भारत के पक्ष में हो जाएगा, जिसके कारण ब्रेक का समय भारतवासियों को काफी राहत देनेवाला होगा।

दूसरी पारी में भी मैच की शुरूआत बहुत ही अच्‍छे ढंग से होगी , एक घंटे तक भारत के बहुत मजबूत स्थिति में खेलने के बाद आस्‍ट्रेलियन टीम भी काफी गंभीर हो जाएगी , जिसके कारण भारत पर दबाब बहुत बढता जाएगा। रात साढे नौ बजे के बाद ही ग्रहों के अच्‍छे प्रभाव से भारत को थोडी राहत मिलने की उम्‍मीद बनती है। पर इसका फायदा उठाने के लिए उन्‍हें अपने बुरे समयंतराल को धैर्य से खेलकर पार करना पडेगा। इस देश के वासी होने के नाते ऐसा ही हो , अन्‍य दिनों की तरह ही हम इसकी कामना तो करेंगे ही।
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