बुधवार, 16 दिसंबर 2009

आसमान में कन्‍या राशि में शनि : किसी के लिए खुशी , किसी के लिए गम!

सितम्‍बर 2009 के मध्‍य में जब शनि ग्रह ने कन्‍या राशि में कदम रखा था , तब से ही ज्‍योतिषियों ने इसके शुभ और अशुभ फलाफल की चर्चा शुरू कर दी है , पर 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष'में अभी तक इसके प्रभाव को खास न देखते हुए कोई चर्चा नहीं की गयी थी। पर इस महीने शनि की सक्रियता को देखते हुए इस पोस्‍ट को लिखने की आवश्‍यकता पड गयी है। खासकर 10 और 11 दिसम्‍बर 2009 से एक खास प्रकार के काम की ओर जिनका ध्‍यान गया होगा, उनके लिए दिसम्‍बर का अंतिम सप्‍ताह निर्णायक होगा। उस समय हुए निर्णय के कारण वे इससे संबंधित कार्यों को पूरा करने में जुट जाएंगे।

कुछ लोगों के लिए यह व्यस्तता सुख प्रदान करनेवाली होगी। वे उत्साहित होकर कार्य में जुटे हुए रहेगे। एक महीने तक कार्य अच्छी तरह होने के पश्चात 15 जनवरी 2010 के बाद किसी न किसी प्रकार के व्यवधान के उपस्थित होने से कार्य की गति कुछ धीमी पड़ जाएगी। 22 मार्च 2010 के आसपास तक काम लगभग रुका हुआ सा महसूस होगा। 2 जून 2010 के पश्चात शनि ग्रह में गति आने कें साथ ही स्थगित कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में उपस्थित होकर पुन: गतिमान होगा और 20 जून 2010 तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। शनि के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इन लोगों को खुशी होगी। ऐसा निम्न लोगों के साथ होगा---

1. वे अतिवृद्ध ,जिनका जन्म 1925 के अक्तूबर या नवम्बर में, 1926 , 1927 , 1928 के मई या जून में , 1929 , 1930 के जून या जुलाई में , 1931 , 1932 , 1933 के जुलाई या अगस्त में , 1934 , 1935 या 1936 के अगस्‍त या सितम्बर में हुआ हो।
2. जिनका जन्म मई 1938 से मार्च 1941 , मार्च 1968 से अप्रैल 1970 , अप्रैल 1997 से फरवरी 2000 के मध्य हुआ हो।
3. जिनका जन्म मेष राशि के अंतर्गत हुआ हो।

किन्तु शनि की इस विशेष स्थिति से कुछ लोगों को कष्ट या तकलीफ भी होगी। वे निराशाजनक वातावरण में कार्य करने को बाध्य होंगे। 15 जनवरी 2010 के बाद किसी न किसी प्रकार के व्यवधान के उपस्थित होने से निराशाजनक परिस्थिति में वे कार्य करने को बाध्‍य होंगे। 22 मार्च 2010 के आसपास तक काफी तनावपूर्ण माहौल बनेगा। 2 जून 2010 के पश्चात शनि ग्रह में गति आने कें बाद भी ये निराशाजनक परिस्थिति में ही काम करने को बाध्‍य होंगे और 20 जून 2010 तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएंगे। शनि के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इनलोगों को कष्ट पहुंचेगा। ऐसा निम्न लोगों के साथ होगा ----

1. वे वृद्ध ,जिनका जन्म 1925 में अप्रैल या मई में , 1926 , 1927 और 1928 में मई या जून में , 1929 और 1930 में जून या जुलाई में , 1931 , 1932 और 1933 में जुलाई या अगस्त में , 1934 , 1935 या 1936 में अगस्त या सितम्बर में हुआ हो।
2. जिनका जन्म फरवरी 1933 से फरवरी 1936 , जनवरी 1963 से नवम्बर 1965 के मध्य या फरवरी 1992 से जनवरी 1995 के मध्य हुआ हो।
3. जिनका जन्म किसी भी वर्ष कुंभ राशि के अंतर्गत हुआ हो।

उपरोक्त समयांतराल में शनि के कारण लोग भिन्न-भिन्न संदर्भों की खुशी या कष्ट प्राप्त करेंगे। संदर्भ लग्नानुसार निम्न होंगे---
 मेष लग्नवाले-पिता ,समाज , पद ,प्रतिष्ठा , माता ,हर प्रकार की संपत्ति ,वाहन ,स्थयित्व , हर प्रकार का लाभ , मंजिल ।
 वृष लग्नवाले-भाग्य , संयोग , पिता ,समाज , पद ,प्रतिष्ठा , राजनीति , भाई ,बहन , बंधु-बांधव ,सहयोगी।
 मिथुन लग्नवाले-भाग्य , संयोग , जीवनशैली , रुटीन , धन ,कोष कुटुम्ब ,परिवार ।
 कर्क लग्नवाले-जीवनशैली , रुटीन , पति पत्नी , घर गृहस्थी ,दाम्पत्य ,ससुराल , शरीर ,व्यक्तिव , आत्मविश्वास।
 सिंह लग्नवाले-पति पत्नी , घर गृहस्थी ,दाम्पत्य , हर प्रकार के झंझट , प्रभाव ,बाह्य संबंध , खर्च ।
 कन्या लग्नवाले-बुद्धि ,ज्ञान ,संतान ,रोग ,ऋण ,शत्रु जैसे झंझट , प्रभाव , हर प्रकार का लाभ , मंजिल।
 तुला लग्नवाले-माता ,हर प्रकार की संपत्ति ,वाहन ,स्थयित्व , बुद्धि ,ज्ञान ,संतान ,रोग ,ऋण ,शत्रु जैसे झंझट , प्रभाव , पिता , समाज , पद , प्रतिष्ठा , राजनीति।
 वृिश्चक लग्नवाले- माता ,हर प्रकार की संपत्ति ,वाहन ,स्थयित्व , भाई ,बहन , बंधु-बांधव ,सहयोगी , भाग्य , धर्म ।
 धनु लग्नवाले- भाई ,बहन , बंधु-बांधव ,सहयोगी ,धन ,कोष , कुटुम्ब , परिवार ,जीवनशैली , रुटीन ।
 मकर लग्नवाले-धन ,कोष , कुटुम्ब , परिवार , शरीर ,व्यक्तिव , आत्मविश्वास , घर-गृहस्थी , दाम्पत्य , ससुराल।
 कुभ लग्नवाले-शरीर ,व्यक्तिव , आत्मविश्वास ,खर्च ,बाहरी संबंध , रोग ,ऋण ,शत्रु जैसे झंझट , प्रभाव ।
 मीन लग्नवाले-,खर्च ,बाहरी संबंध ,हर प्रकार का लाभ , मंजिल , बुद्धि ,ज्ञान ,संतान ।





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