रविवार, 7 फ़रवरी 2010

सी बी एस ई बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाओं में इस वर्ष के पेपर कैसे रहेगे ??

ज्‍योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है और विद्धार्थियों को पढाई लिखाई के अनुकूल या प्रतिकूल माहौल देने में इस ग्रह की अच्‍छी खासी भूमिका होती है। किसी व्‍यक्ति के जन्‍म के समय बुध ग्रह की स्थिति अच्‍छी हो तो अपनी आई क्‍यू और माहौल के बल पर वे विद्यार्थी जीवन में अनायास सफलता प्राप्‍त करते हैं , इसके विपरीत बुध में गडबडी हो तो अपनी आई क्‍यू या माहौल की गडबडी के कारण वे इस समय असफलता प्राप्‍त करते हैं। इसलिए पढाई लिखाई के मामलों में किसी भी प्रकार की गणना करते वक्‍त मैं बुध ग्रह की स्थिति पर अन्‍य ग्रहों की तुलना में अधिक ध्‍यान देती हूं।

जन्‍मकालीन ग्रहों के अनुसार विद्यार्थियों का जीवन और पढाई लिखाई तो अच्‍छी चलती ही है , पर अस्‍थायी तौर पर मानसिकता को बदलने में समय समय पर आसमान में अपनी खास खास स्थिति में भी मौजूद बुध की भूमिका होती है। जब आसमान में बुध ग्रह की स्थिति अच्‍छी हो , तो विद्यार्थी आरामदायक स्थिति में होते हें , किसी प्रकार की परीक्षा , परीक्षाफल या अन्‍य जगहों पर उनके सामने सामान्‍य अच्‍छी परिस्थितियां होती हैं। पर यदि आसमान में बुध ग्रह की स्थिति कमजोर हो , तो किसी प्रकार की परीक्षा, परीक्षाफल या अन्‍य जगहों पर उनके समक्ष असामान्‍य तौर पर बुरी परिस्थितियां बनी होती हैं। वैसे इससे स्‍थायी तौर पर कोई नुकसान नहीं होता है।

यही कारण है कि बोर्ड की परीक्षाओं के वक्‍त  बुध ग्रह की स्थिति अच्‍छी होती है , तो प्रश्‍नमात्र अपेक्षाकृत आसान होते है और जब बुध ग्रह की स्थिति कमजोर हो तो प्रश्‍नपत्र कठिन। मैंने कई वर्षों से इस बात पर गौर करते हुए विद्यार्थियों की बातचीत के आधार पर यह डाटाबेस तैयार किया है, जिसके आधार पर परीक्षा के दौरान कठिन और आसान प्रश्‍न के आने का अनुमान करती आ रही हूं। इसी के आधार पर इस वर्ष भी दसवीं और 12 वी बोर्ड की परीक्षाओं के वक्‍त प्रश्‍नपत्र के कठिन या आसान आने का अनुमान लगाते हुए यह पोस्‍ट लिख रही हूं।

सबसे पहले तो विद्यार्थियों के लिए इस वर्ष एक खुशखबरी है कि इस वर्ष आसमान में बुध ग्रह की स्थिति के मजबूत होने के कारण बोर्ड की परीक्षाएं , चाहे वह किसी भी बोर्ड के द्वारा ली जाएं , हर वर्ष की अपेक्षा आसान रहेंगी। बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होने से अभी से ही परीक्षा का कार्यक्रम भी विद्यार्थियों को काफी मनोनुकूल लग रहा होगा। भले ही 9 मार्च से चंद्रमा की कमजोर होने वाली 15 मार्च तक की परीक्षाओं को काफी मनोनुकूल होने देने में थोडी बाधा उपस्थित कर दे , पर उसके बाद क्रमश: स्थिति में सुधार होगा।

जहां तक सी बी एस ई के द्वारा ली जानेवाली दोनो परीक्षाओं का सवाल है , 14 और 15 मार्च को कोई भी महत्‍वपूर्ण परीक्षा नहीं होनेवाली है , इसलिए उनके लिए चिंता की कोई बात ही नहीं। 9 और 10 मार्च को ग्रहों की स्थिति के परीक्षा के आरंभ में प्रतिकूल होने का अर्थ यह माना जा सकता है कि परीक्षा में पेपर कुछ कठिन आएंगे , जिसके कारण थोडा तनाव बढेगा , पर धीरे धीरे ही सही , अपनी क्षमता से अधिक हल कर लेने के कारण अंत तक थोडी राहत तो अवश्‍य हो जाएगी। सी बी एस ई के कार्यक्रम के अनुसार 12 वीं कक्षा के विद्यार्थियों की 10 मार्च को अंग्रेजी की परीक्षा होगी , इसलिए इन विषयों की अच्‍छी तैयारी की जानी चाहिए।

11 और 12 मार्च को ग्रहों की स्थिति परीक्षा के आरंभ में तो सामान्‍य दिखती है , पर धीरे धीरे अच्‍छा खास दबाब पडता दिखाई देता है , जिससे स्‍पष्‍ट है कि उस दिन के पेपर को हल करने में समय कुछ अधिक लग सकता है। 11 मार्च को 10वीं के विद्यार्थियों की गणित की परीक्षा होगी। इस दिन विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान समय का अच्‍छी तरह नियोजन करने की आवश्‍यकता है , क्‍यूंकि जैसे जैसे कांटे बढते जाएंगे , उनपर दबाब बढता चला जाएगा और निकलने के वक्‍त समय की कमी का अफसोस होगा । अन्‍य दिनों के पेपर सामन्‍य तौर पर अच्‍छे रहेंगे , भले ही अपनी तैयारी के अनुसार व्‍यक्तिगत तौर पर उससे कुछ कम या अधिक संतुष्‍ट रहा जाए।



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