रविवार, 8 अगस्त 2010

13 अगस्‍त की शाम सूर्यास्‍त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर देखें .. शुक्र चंद्र युति का अद्भुत नजारा

वैसे तो पूरे ब्रह्मांड में अक्‍सर ही कई प्रकार की दृश्‍यावलि बनती है , पर हम उन्‍हे अपनी आंखो से नहीं देख पाते हैं। प्रतिदिन दूरदर्शी यंत्र की सहायता से नासा द्वारा खींची गयी आसमान की वैसी कोई न कोई तस्‍वीर हम अपने कम्‍प्‍यूटर में देख सकते हैं। पर जब हमारे सौरमंडल के अंदर ग्रहों और उपग्रहों के आपसी मेल से किसी प्रकार की खास दृश्‍यावलि बनती है , तो हमें उसको देखना अच्‍छा लगता है , कभी किसी त्‍यौहार के बहाने या कभी अन्‍य बहानों से हम सूर्यग्रहण , चंद्रग्रहण या सुंदर चांद को अकेले भी देखना पसंद करते हैं। सौरमंडल का एक ग्रह शुक्र पृथ्‍वी और सूर्य के मध्‍य होने से अक्‍सर सूर्य के साथ ही उदय और अस्‍त हो जाता है। पर इस जुलाई से ही सूर्य से इसकी कोणिक दूरी के बढने से सूर्यास्‍त के बाद , जब तारे भी आसमान में नहीं होते , थोडी देर आसमान में सफेद चमक बिखेरते हुए चमकता दिखाई देता आ रहा है। 


'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के पुराने सभी पाठकों को मेरी 25 फरवरी 2009 की पोस्‍ट अवश्‍य याद होगी , जिसमें मैने बताया था कि 27 और 28 फरवरी 2009 को आसमान में शुक्र और चंद्र की युति का एक अनोखा दृश्‍य देखने को मिलेगा। यह नजारा इतना बढिया था कि इसे देखकर जी छत्‍तीसगढ 24 घंटे ने इसपर एक लाइव कार्यक्रम भी रखा था , जिसके लिए मैने इस पोस्‍ट में आभार व्‍यक्‍त किया था। बाद में इसकी चर्चा होने के बाद बहुत से पाठकों को  इसे नहीं देख पाने का अफसोस भी हुआ था , उस वक्‍त 27 फरवरी को जिस प्रकार का दृश्‍य बना था , ठीक इस चित्र के जैसा दृश्‍य इस वर्ष आनेवाले 13 अगस्‍त को देखने को मिलेगा। सूर्यास्‍त के थोडी देर बाद अंधेरा होते ही यह लगभग दो तीन घंटों तक दिखता रहेगा। हां , इस बार जहां शुक्र की चमक पिछली बार की तुलना में कुछ कम रहेगी , वहीं चांद का आकार भी थोडा बडा होगा , पर पृथ्‍वी के जड चेतन पर पडनेवाले इसके प्रभाव में कोई अंतर नहीं होगा। सिर्फ इसी दिन को नहीं , यहां से दो महीने तक हर 28 दिनों के बाद अधिक चमक लिए शुक्र और थोडे छोटे चंद्र की युति की ऐसी स्थिति बनती ही रहेगी  ...


पिछली बार भी एक फलित ज्‍योतिषी होने के नाते मैने शुक्र और चंद्र के इस विशेष मिलन के पृथ्‍वी पर पडने वाले प्रभाव की चर्चा की थी। वैसे तो पृथ्‍वी पर इसके अच्‍छे खासे प्रभाव से 13 अगस्‍त को ही नहीं , लगभग एक सप्‍ताह तक अधिसंख्‍य तन , मन या धन से किसी न किसी प्रकार के खास सुखदायक या दुखदायक कार्यों में उलझे रहेंगे , सामान्‍य तौर पर इस समय कई प्रकार के निर्णय भी आते हैं। पर सबसे अधिक प्रभाव सरकारी कर्मचारियों पर पड सकता है यानि उनके लिए खुशी की कोई खबर आ सकती है। अंतरिक्ष से संबंधित कोई विशेष कार्यक्रम या निर्णय की संभावना भी इस दिन के योग से बनती दिखाई दे सकती है। सफेद वस्‍तुओं पर इसका अच्‍छा प्रभाव देखा जा सकता है , उनके मूल्‍य में वृद्धि होगी। शेयर बाजार में बैंकिंग सेक्‍टर वगैरह पर भी खास प्रभाव दिख सकता है , पर इन दोनो दिनों में जो भी काम शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा , सबमें 8 अक्‍तूबर से 19 नवंबर के मध्‍य किसी न किसी प्रकार की बाधा उपस्थित हो जाएगी , जिसके कारण काम कुछ रूका हुआ सा महसूस होगा। उस काम में पुन: 19 नवंबर के बाद ही तेजी आ सकेगी या सुधार हो पाएगा। यह योग वृष राशि वालों के लिए काफी अच्‍छा और मीन राशिवालों के लिए कुछ बुरा रह सकता है।

शुक्र चंद्र के इस खास योग का प्रभाव किन जातकों पर कितना पडेगा ,विस्‍तार में  इसकी जानकारी अगले आलेख में देने की कोशिश करूंगी। 
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