गुरुवार, 5 अगस्त 2010

5-6-7 अगस्‍त 2010 को आसमान में एक खास ग्रहयोग

ज्‍योतिष शास्‍त्र मानता है कि ग्रहों के हिसाब से किसी के लिए कोई वर्ष , कोई दिन और कोई घंटा खुशियों भरा होता है , तो किसी के लिए वही वर्ष , वही दिन और वही घंटा तनावपूर्ण भी। पर आसमान में कभी कभी ग्रहों की खास स्थिति बनती है , जिसके कारण इस समय अधिकांश लोग किसी न किसी महत्‍वपूर्ण कार्यों में व्‍यस्‍त होते हैं। आनेवाले 6 और 7 अगस्‍त को आसमान में दिखाई पडनेवाली किसी ग्रह की खास स्थिति तो नहीं , पर कई ग्रहों की खास गत्‍यात्‍मक शक्ति के कारण एक ग्रहयोग अधिक प्रभावशाली हो सकता है। वैसे तो इसके प्रभाव से कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं होता है , आज ग्‍लोबल युग में संचार माध्‍यमों की सुविधा के कारण इसकी संभावना और बढ जाती है। वैसे इस बार यह तिथि बहुत ही समन्‍वयवादी है , इस कारण कई प्रकार के निर्णय भी इन तिथियों को होंगे।

6 और 7 अगस्‍त के ग्रहों की महत्‍वपूर्ण स्थिति का प्रभाव सबसे अधिक राजनीति पर पडता है , केन्‍द्रीय स्‍तर से लेकर प्रांतीय और क्षेत्रीय स्‍तर तक अधिकांश जगहों में राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बनने लगती है , बहुत ही जोड तोड कर स्थिति को संभालना पडता है और कई स्‍थानों में तो इसमें कामयाबी भी नहीं मिलती है। खासकर इस स्थिति में सत्‍ताधारी पार्टी को अधिक नुकसान उठाना पडता है। वैसे इस बार सोनिया गांधी की व्‍यक्तिगत जन्‍मकुंडली में कुछ मजबूत स्थिति होने के कारण उनकी पार्टी थोडी राहत मे दिख रही है , पर अधिकांश स्‍थानों में सत्‍ताधारी पार्टियों को ही नुकसान की संभावना रहेगी।

मौसम पर भी इस स्थिति का कम प्रभाव नहीं देखा जाता है , खासकर भारतवर्ष में इस समय बारिश का मौसम होने से यह तो स्‍पष्‍ट है कि अधिकांश स्‍थानों में भारी बारिश होती रहेंगी , धूप के दर्शन भी मुश्किल होंगे। चमक और गरज भी सामान्‍य से अधिक होगी । पर इससे अधिकांश किसानों को खुशियां ही मिलेगी , ऐसा दावा नहीं किया जा सकता , क्‍यूंकि बहुत से जगहों पर बाढ के हालात भी पैदा हो सकते हैं। अन्‍य प्राकृतिक आपदाओं में भी इस योग की भूमिका होती है , पूरे विश्‍व में भूकम्‍प की तीव्रता और बारंबरता भी बढ सकती है। कई देशों में तूफान और सुनामी आने में भी इस योग की भूमिका होती है, हालांकि इस बार इसकी तीव्रता कम है। इसी योग को देखते हुए मैने 29 मार्च को लिखे अपने लेख में ही लिख दिया था कि इस वर्ष यानि 2010 में मौसम की सबसे अधिक बारिश 4 अगस्‍त के आसपास से शुरू होकर 19 सितम्‍बर के आसपास तक होगी, जिसे पुन: 17 जुलाई को दुहराया था।

अपडेट .. वंदना जी की टिप्‍पणी के बाद इस लेख को थोडा विस्‍तार दिया जा रहा है , मकर और तुला राशि वालों के लिए यह योग झंझट पूर्ण रहेगा , जबकि धनु और मीन राशिवालों के लिए यह अच्‍छा । महीने के हिसाब से जनवरी फरवरी माह में जन्‍म लेनेवालों के लिए यह योग कुछ कुछ गडबड , जबकि मार्च अप्रैल में जन्‍म लेनेवालों के लिए अच्‍छा रहेगा।
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