सोमवार, 4 अक्तूबर 2010

बेनामी भाई फिर से अपनी ऋणात्‍मक सोंच के साथ हाजिर

बेनामी भाई आप फिर से अपनी ऋणात्‍मक सोंच के साथ हाजिर है ...मेरे विरोधी मात्र एक पोस्‍ट के साथ
लिंक ही देना था तो वो सकारात्‍मक पोस्‍टों की भी ता दे सकते थे .. जां संख्‍या में अधिक हैं , जैसे कि
संगीता पुरी जी की भविष्‍यवाणी सच: हैती से लाखों मरे
संगीता पुरी जी ने कहा था
संगीता पुरी जी की भविष्‍यवाणियां सही हुई
पंद्रह अगस्‍त बारिश और संगीता पुरी
संगीता पुरी जी आपकी भविष्‍यवाणी सही हुई आपको बधाई
संगीता पुरी सारा जीवन समर्पित कर दिया ज्‍योतिष को
एक बात और कहनी है आपसे बेनामी जी .. 16 सितंबर को जब चतुर्दिक बारिश का हाहाकार मचा था .. मौसम विभाग तक भी कॉमनवेल्‍थ गेम में बारिश को लेकर चिंता कर रहे थे
उस वक्‍त 
मेरी भविष्‍यवाणी यह थी .. ज्‍योतिष को न मानने वाले मेरी इन बातों पर क्‍यूं कुछ नहीं कहते .. ऋणात्‍मकता छोडे सकारात्‍मकता ओढें .. यदि किसी की मदद नहीं कर सकते तो किसी को काम करने में बाधा भी न डाले .. वैसे आपलोगों के द्वारा डाली गयी बाधाओं से मैं और मजबूत होती हूं !!
एक टिप्पणी भेजें