मंगलवार, 7 दिसंबर 2010

मध्‍य दिसंबर 2010 से लोगों पर स्‍वक्षेत्री बृहस्‍पति का प्रभाव आंशिक हो जाएगा !!

ज्‍योतिष में रूचि रखने वाले बहुत सारे लोगों को यह मालूम होगा कि सौरमंडल का सबसे विशाल ग्रह गुरू मई के पहले सप्‍ताह से ही मीन राशि में है। यूं तो इस राशि में बृहस्‍पति स्‍वक्षेत्रीय होता है , और इसलिए अधिकांश लोगों के लिए यह सुखद फल लेकर ही आता है , पर ‘गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष’ की मानें तो यह अपनी राशि में होने के बाद भी सबको शुभ फल से संयुक्‍त नहीं कर सकता। अपनी राशि में आने के बाद दिन ब दिन बृहस्‍पति के स्‍थैतिक शक्ति में हो रही वृद्धि बहुतों के लिए खुशी का कारण अवश्‍य बनी, पर कुछ के समक्ष परेशानी और दबाब उपस्थित करने वाली भी रही। खासकर 23 जून 2010 से लेकर जुलाई के अंतिम सप्‍ताह तक यह कुछ लोगों की मन:स्थिति को सुखद बनाने में कामयाब रही , तो कुछ तनाव झेलने को भी विवश हुए। इस तरह इस एक महीनें में लोग बृहस्पति के कारण उत्पन्न होनेवाले कार्य में उलझे रहें। चूंकि बहस्पति धनु और मीन राशि का स्वामी है इसलिए धनु और मीन राशि से संबंधित कार्यों में ही सुख या दुख की अधिक संभावना बनीं।

इस दौरान 1934 , 1946 , 1958 , 1970 , 1982 ,1993 और 2005 में जन्‍म लेनेवाले उत्साहित होकर कार्य में जुटे रहें। एक महीनें तक कार्य अच्छी तरह होने के पश्चात जुलाई के मध्‍य में किसी न किसी प्रकार के व्यवधान के उपस्थित होने से कार्य की गति कुछ धीमी अवश्‍य पड गयी और मध्‍य सितंबर 2010 तक काम लगभग रुका हुआ सा महसूस हुआ , पर उसके बाद ही काम के शुरू किए जाने के लिए आशा की कोई किरण दिखाई पडी। मध्‍य नवंबर के बाद ही स्थगित कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में उपस्थित होकर गतिमान हुआ। दिसंबर के मध्‍य तक यह कार्य अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। बृहस्पति के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इन लोगों को खुशी होगी। किसी खास संदर्भ में सफलता से इनका उत्‍साह बढा रहेगा।
किन्तु इस दौरान 1932 , 1944 , 1956 , 1968 , 1980 ,1992 और 2004 में जन्‍म लेनेवाले में जन्म लेने वाले लोग बृहस्पति की इस विशेष स्थिति से कष्‍ट या तकलीफ महसूस कर रहे होंगे। वे निराशाजनक वातावरण में कार्य करने को बाध्य होंगे। मध्‍य जुलाई के बाद कार्य के असफल होने से या किसी प्रकार की अनिश्चितता के कारण उन्हें तनाव का सामना करना पड रहा होगा। सितंबर के मध्‍य तक उनके समक्ष किकर्तब्‍यविमूढावस्‍था की स्थिति बनी रहेगी। मध्‍य नवंबर के बाद निराशाजनक वातावरण में ही स्थगित कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में उपस्थित होकर गतिमान हुआ होगा और दिसंबर के मध्‍य तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। बृहस्पति के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इन लोगों को कष्‍ट पहुंचेगा। किसी खास मुद्दे को लेकर वर्षभर इनकी परेशानी बनी रह सकती है।
गोचर के इस बृहस्‍पति के कारण तुला राशि वाले शुभ प्रभाव तथा सिंह राशि वाले बुरा प्रभाव महसूस कर रहे हैं। कुछ हद तक अक्‍तूबर माह में जन्‍म लेनेवालों के लिए बृहस्‍पति की यह स्थिति शुभ प्रभाव देने वाली रही , जबकि अगस्‍त माह में जन्‍म लेनेवाले इसके बुरे प्रभाव से युक्‍त रहे होंगे। मीन राशि के इस बृहस्‍पति का प्रभाव अप्रैल 2011 तक भी थोडा बहुत तो दिखाई दे ही सकता है , पर दिसंबर के बाद इसके प्रभाव में , चाहे वो सुखद हो या दुखद अवश्‍य कमी आएगी।
गोचर में चल रहे मीन राशि के इस बृहस्‍पति के कारण विभिन्‍न लग्‍नवाले अलग अलग संदर्भों को लेकर परेशान रहे होंगे। मेष लग्‍नवाले भाग्‍य , धर्म या खर्च से संबंधित, वृष लग्‍नवाले हर प्रकार के लाभ , रूटीन और जीवनशैली , मिथुन लग्‍नवाले घर गृहस्‍थी , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर , कर्क लग्‍नवाले धर्म , भाग्‍य ,प्रभाव , सिंह लग्‍नवाले अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , रूटीन या जीवनशैली , कन्‍या लग्‍नवाले माता पक्ष  , छोटी या बडी संपत्ति , घर गृहस्‍थी, तुला लग्‍नवाले भाई , बहन या अन्‍य बंधु , खर्च और बाहरी संदर्भ, वृश्चिक लग्‍नवाले धन , कोष , अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई , धनु लग्‍नवाले स्‍वास्‍थ्‍य , माता पक्ष , किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति, मकर लग्‍नवाले भाई , बहन या अन्‍य बंधु खर्च और बाहरी संदर्भ, कुंभ लग्‍नवाले से धन , कोष के मामलों और मीन लग्‍नवाले स्‍वास्‍थ्‍य , पिता पक्ष , सामाजिक पक्ष , कैरियर से संबंधित मामलों को लेकर अच्‍छे या बुरे रूप में प्रभावित हो रहे हैं।



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