सोमवार, 26 मार्च 2012

26 मार्च 2012 को फिर देखा जा सकता है बृहस्‍पति , शुक्र , चंद्र के मेल का सुंदर नजारा ...

पिछले माह 26 फरवरी 2012 को हमलोगों ने आसमान में बडा ही सुंदर नजारा देखा था। आसमान में नीचे शुक्र , ऊपर बृहस्‍पति और मध्‍य में 4.5 दिन का चंद्रमा , मैने इस सूचना को फेसबुक पर भी शेयर किया था , ताकि अधिक से अधिक लोग आसमान के खूबसूरत पश्चिमी भाग को देख सकें।

कल 26 मार्च 2012 को पुन: इसी तरह का दृश्‍य आसमान में देखने को मिलेगा , कुछ विपरीत , क्‍योंकि नीचे बृहस्‍पति , ऊपर शुक्र और मध्‍य में 3.5 दिन का चंद्र मौजूद होगा। चूंकि बृहस्‍पति की तुलना में शुक्र की चाल तेज होती है , इसलिए पिछले महीने यह बृहस्‍पति से जितना नीचे था , अभी उतना ही ऊपर दिख रहा है। पिछले महीने की तुलना में इन दोनो ग्रहों में एक अंतर और आया है , बृहस्‍पति पृथ्‍वी से दूर होता जा रहा है , इसलिए इसकी चमक फीकी पडती जा रही है , पर शुक्र निरंतर पृथ्‍वी के निकट आ रहा है , इसलिए इसकी चमक और तेज होती जा रही है ।  इसलिए 26 फरवरी की शाम पश्चिमी क्षितिज का नजारा देखना न भूलें।

अब एक फलित ज्‍योतिषी भी होने के नाते बृहस्‍पति , शुक्र और चंद्र के इस विशेष मिलन के पृथ्‍वी पर पडने वाले प्रभाव की चर्चा करनी भी आवश्‍यक है। शुक्र चंद्र युति के अपने पुराने लेख में मैने लिखा था कि वैसे तो पृथ्‍वी पर इसके अच्‍छे खासे प्रभाव से 25 और 26 मार्च 2012 को जनसामान्‍य तन मन या धन से किसी न किसी प्रकार के खास सुखदायक या दुखदायक कार्यों में उलझे रहेंगे , पर सबसे अधिक प्रभाव सरकारी कर्मचारियों पर पड सकता है यानि उनके लिए खुशी की कोई खबर आ सकती है। मेरे पोसट लिखने के सात आठ घंटे बाद ही महंगाई भत्‍ता बढने की खबर आ गयी थी। इस बार तो दो दिन पूर्व ही महंगाई भत्‍ता बढ चुका है , इसलिए भविष्‍यवाणी करने की जगह ही नहीं बची है।

इसके अलावे इस योग के फलस्‍वरूप इन दिनों में अंतरिक्ष से संबंधित कोई विशेष कार्यक्रम की संभावना बनती दिखाई दे सकती है , शेयर बाजार में बडी बढत दिख सकती है। 36 वर्ष से 48 वर्ष की उम्रवालों को कुछ विशेष कार्यक्रमों से जुडाव बन सकता है। सफेद वस्‍तुओं पर इसका अच्‍छा प्रभाव देखा जा सकता है। वृश्चिक राशि वालों पर इसका अच्‍छा और कन्‍या राशिवालों पर इसका बुरा प्रभाव देखा जा सकता है। इस लेख में शुक्र के प्रभाव की वृहत् चर्चा हो चुकी है , जिसमें बताया गया है कि इस ग्रह का किनपर अच्‍छा और किनपर बुरा प्रभाव पडेगा। इस कार्यक्रम की शुरूआत यहीं पर दिखती है। इन दोनो दिनों में जो भी काम शुरू किए जाएंगे , उन सबमें शुरूआती डेढ महीने की सफलता के बाद 16 मई 2012 के बाद किसी न किसी प्रकार की बाधा उपस्थित हो सकती है , जिसके कारण काम कुछ रूका हुआ सा महसूस होगा। उस काम में पुन: 20 अप्रैल के बाद ही तेजी आ सकेगी या सुधार हो पाएगा।
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