मंगलवार, 10 अप्रैल 2018

गोचर के शनि की स्थिति का जनमानस पर प्रभाव

फलित ज्‍योतिष के ग्रंथों के अनुसार शनि को भयावह ग्रह माना जाता है , जबकि ऐसी कोई बात नहीं है । 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के अनुसार अन्य ग्रहों की तरह ही शनि भी तबतक जातकों को परेशान नहीं करता , जबतक उसकी गत्‍यात्‍मक शक्ति कम नहीं हो जाती है। गत्‍यात्‍मक शक्ति कम हो जाने पर जातक को शनि के कारन उससे सम्बंधित भावों की कुछ परेशानी मिल जाती है। दो-तीन वर्षों से वृश्चिक राशि में रहने के बाद 2017 के फ़रवरी से ही शनि ने धनु राशि में प्रवेश किया है। पर मैं पिछले साल की नहीं , इस वर्ष की शनि की चाल का पृथ्वी के जड़-चेतन पर पड़नेवाले प्रभाव की व्याख्या कर रही हूँ। 2018 में 29 मार्च को शनि सूर्य के साथ ९० डिग्री की कोणात्मक दूरी बना रहा था।  इस समय शनि और पृथ्वी की दुरी औसत के आस-पास होती है।  ऐसे समय में शनि काफी क्रियाशील होता है और जनसामान्य को शनि से सम्बंधित कार्यों में उलझने के लिए बाध्य करता है। 

यूं तो धनु राशि में शनि की स्थिति शुरू से ही लोगों के सुख और दुख दोनो का कारण बनी हुई है , पर 29 मार्च से 18 अप्रैल 2018 तक दिन ब दिन इसकी स्‍थैतिक शक्ति में हो रही वृद्धि कुछ लोगों की मन:स्थिति को सुखद बनाई होगी , तो कुछ तनाव झेलने को भी विवश हुए होंगे । इस तरह इस तीन सप्ताह तक लोग शनि के कारण उत्पन्न होनेवाले कार्य में उलझे होंगे। चूंकि शनि मकर और कुम्भ राशि का स्वामी है और इसकी स्थिति अभी धनु राशि में है , इसलिए धनु , मकर और कुम्भ राशि से संबंधित कार्यों में ही सुख या दुख की अधिक संभावना रहेगी। 72  से 84 वर्ष की उम्र के वृद्ध , जिनका जन्मकालीन शनि कमजोर है , यानि 1940 के सितम्बर से दिसम्बर तक , 1941 के सितम्बर से दिसम्बर तक , 1942 सितम्बर से 1943 के जनवरी तक , 1943 के नवम्बर-दिसंबर, 1944 के नवंबर से 1945 के फ़रवरी तक , 1945 के दिसंबर से 1946 के मार्च तक जन्म लेने वालों को शनि की इस स्थिति से तकलीफ हुई होगी। इस समय से दो चार महीने दूर जन्म लेने वाले वृद्ध पर शनि का शुभ प्रभाव पड़ा होगा। 

शनि की इस स्थिति के कारण जुलाई 1946 से जुलाई 1948 तक, अगस्त 1975 से अगस्त 1977 तक तथा जुलाई 2004 से अगस्त 2006 तक जन्‍म लेनेवाले उत्साहित होकर कार्य में जुटे होंगे । शनि के कारण 29 मार्च से शुरू हुई लोगों के कार्यक्रमों में बाधा की शुरुआत अप्रैल के तीसरे सप्ताह में हुई होगी। जून के अंत तक काम लगभग रुका हुआ सा महसूस होगा। उसके बाद ही काम के शुरू किए जाने के लिए आशा की कोई किरण दिखाई दे सकती है। सितम्बर की शुरुआत में स्थगित कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में उपस्थित होकर गतिमान होगा और सितम्बर के अंत तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। शनि के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इन लोगों को खुशी होगी। किसी खास संदर्भ में सफलता से इनका उत्‍साह बढा रहेगा।

किन्तु धनु राशि में शनि की इस विशेष स्थिति से जुलाई 1941 से मई 1944 , मई 1971 से जून 1973 तथा जून 2000 से जून 2002 तक जन्‍म लेनेवाले लोगों , खासकर इन वर्षों में मार्च-अप्रैल-सितम्बर-अक्टूबर में जन्म लेने वालों को कष्‍ट या तकलीफ भी होगी। वे निराशाजनक वातावरण में कार्य करने को बाध्य होंगे। अप्रैल के तीसरे सप्ताह के बाद कार्य के असफल होने से उन्हें तनाव का सामना करना पड सकता है। जून के अंत तक उनके समक्ष किकर्तब्‍यविमूढावस्‍था की स्थिति बनी रहेगी। सितम्बर की शुरुआत में निराशाजनक वातावरण में ही स्थगित कार्य पुन: उसी रुप में या बदले हुए रुप में उपस्थित होकर गतिमान होगा और सितम्बर के अंत तक अपने निर्णयात्मक मोड़ पर पहुंच जाएगा। शनि के कारण होनेवाले इस निर्णय से भी इन लोगों को कष्‍ट पहुंचेगा। किसी खास मुद्दे को लेकर फ़रवरी से अगस्त तक इनकी परेशानी बनी रह सकती है। 

इसके अलावे गोचर के इस शनि के कारण कर्क राशि वाले पर शुभ प्रभाव तथा वृष राशि वाले बुरा प्रभाव महसूस करेंगे। काफी हद तक धनुराशि वाले पर भी शनि के इस चाल का अच्‍छा प्रभाव पडेगा। कुछ हद तक जुलाई-अगस्त माह में जन्‍म लेनेवालों के लिए शनि की यह स्थिति शुभ प्रभाव देने वाली होगी , जबकि मई-जून माह में जन्‍म लेनेवाले इसके बुरे प्रभाव से युक्‍त हो सकते हैं। यदि ऊपर मौजूद तिथियों या राशि कोई जातक एक साथ शनि के अच्‍छे और बुरे दोनो प्रभाव में आते हों , तो उनपर शनि का मिश्रित प्रभाव पडेगा , यानि कोई कठिनाई आएगी तो उसके समाधान के रास्‍ते भी दिखेंगे।

शनि के इस खास चाल के कारण ऊपर मौजूद तिथियों या राशि में जन्‍म लेनेवाले विभिन्‍न लग्‍नवाले भिन्‍न भिनन प्रकार के सुख या दुख से खुद को संयुक्‍त पाएंगे। मेष लग्‍नवाले पिता , समाज , पद-प्रतिष्ठा , हर प्रकार के लाभ के मामले से संबंधित, वृष लग्‍नवाले पिता , समाज , पद-प्रतिष्ठा , भाग्य के मामले से संबंधित , मिथुन लग्‍नवाले जीवन-शैली और भाग्य से सम्बंधित मामलों , कर्क लग्‍नवाले पति, घर-गृहस्थी , जीवनशैली से संबंधित , सिंह लग्‍नवाले पति-पत्नी , घर-गृहस्थी और प्रभाव से सम्बंधित , कन्‍या लग्‍नवाले बुद्धि, ज्ञान , संतान , हर प्रकार के झंझट, प्रभाव से सम्बंधित , तुला लग्‍नवाले माता पक्ष , हर प्रकार की संपत्ति , बुद्धि , ज्ञान , संतान आदि मामले , वृश्चिक लग्‍नवाले माता , भाई-बंधु  , हर प्रकार की संपत्ति , स्थायित्व आदि के मामले , धनु लग्‍नवाले धन , कोष , परिवार , भाई - बहन , बंधू-बांधव के मामले , मकर लग्‍नवाले शरीर-व्यक्तित्व, धन-कोष आदि मामले  , कुम्भ लग्नवाले शरीर-व्यक्तित्व  , खर्च , बाहरी सन्दर्भों के मामले , मीन लग्‍नवाले लाभ , लक्ष्य , खर्च और बाहरी संन्दर्भों की मजबूती या कमजोरी से खुद को सुखी या दुखी महसूस करेंगे।
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