शनिवार, 5 मई 2018

गत्यात्मक ज्योतिष का संक्षिप्त परिचय और इसके जनक के बारे में जानकारी



                   भारत के बहुत सारे लोगों को शायद इस बात का ज्ञान भी न हो कि विगत कुछ वर्षों में उनके अपने देश में ज्योतिष की एक नई शाखा का विकास हुआ है,जिसके द्वारा वैज्ञानिक ढंग से की जानेवाली सटीक तिथियुक्त भविष्यवाणी जिज्ञासु बुद्धिजीवियों के मध्य चर्चा का विषय बनी हुई है। सबसे पहले दिल्ली से प्रकाशित होनेवाली पत्रिका ‘बाबाजी’ के 1994-1995-1996 के विभिन्न अंकों में तथा ज्योतिष धाम के कई अंकों में गत्यात्मक ज्योतिष के ज्योतिष के बुद्धिजीवी पाठकवर्ग के सम्मुख मेरे द्वारा ही रखा गया था ।

जनसामान्य की जिज्ञासा को देखते हुए 1997 में दिल्ली के एक प्रकाशक ‘अजय बुक सर्विस’ के द्वारा मेरी पुस्तक ‘गत्यात्मक दशा पद्धति: ग्रहों का प्रभाव’ पहले परिचय के रुप में पाठकों को पेश की गयी। इस पुस्तक का प्राक्कथन लिखते हुए रॉची कॉलेज के भूतपूर्व प्राचार्य डॉ विश्वंभर नाथ पांडेयजी ने ‘गत्यात्मक दशा पद्धति’ की प्रशंसा की और असके शीघ्र ही देश-विदेश में चर्चित होने कामना करते हुए हमें जो आशीर्वचन दिया था, वह इस पुस्तक के प्रथम और द्वितीय संस्करण के प्रकाशित होते ही पूर्ण होता दिखाई पड़ा। इस पुस्तक की लोकप्रियता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि शीघ्र ही 1999 में इस पुस्तक का द्वितीय संस्करण प्रकाशित करवाना पड़ा। पुस्तक के प्रकाशन के पश्चात् हर जगह ‘गत्यात्मक ज्योतिष चर्चा का विषय बना रहा । कादम्बिनी पत्रिका के नवम्बर 1999 के अंक में श्री महेन्द्र महर्षिजी के द्वारा इस सिद्धांत को प्रस्तुत किया गया। जैन टी वी के प्रिया गोल्ड फ्यूचर प्रोग्राम में भी इस पद्धति की चर्चा-परिचर्चा हुई। दिल्ली के बहुत से समाचार-पत्रों में इस पद्धति पर आधारित लेख प्रकाशित होते रहें।

गत्यात्मक ज्योतिष के विकास की चर्चा के आरंभ में ही इसका प्रतिपादन करनेवाले वैज्ञानिक ज्योतिषी श्री विद्यासागर महथा का परिचय आवश्यक होगा ,जिनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही गत्यात्मक ज्योतिष के जन्म का कारण बना। महथाजी का जन्म 15 जुलाई 1939 को झारखंड के बोकारो जिले में स्थित पेटरवार ग्राम में हुआ। एक प्रतिभावान विद्यार्थी कें रुप में मशहूर महथाजी रॉची कॉलेज ,रॉची में बी एससी करते हुए अपने एस्‍ट्रॉनामी पेपर के ग्रह नक्षत्रों में इतने रम गए कि ग्रह-नक्षत्रों की चाल और उनका पृथ्वी के जड़-चेतन पर पड़नेवाले प्रभाव को जानने की उत्सुकता ही उनके जीवन का अंतिम लक्ष्य बन गयी। उनके मन को न कोई नौकरी ही भाई और न ही कोई व्यवसाय। इन्‍होने प्रकृति की गोद में बसे अपने पैतृक गॉव में रहकर ही प्रकृति के रहस्यों को ढूंढने का फैसला किया।


ग्रह नक्षत्रों की ओर गई उनकी उत्सुकता ने उन्हें ज्योतिष शास्त्र के अध्ययन को प्रेरित किया। गणित विषय की कुशाग्रता और साहित्य पर मजबूत पकड़ के कारण तात्कालीन ज्योतिषीय पत्रिकाओं में इनके लेखों ने धूम मचायी। 1975 में उन्हीं लेखों के आधार पर ‘ज्योतिष-मार्तण्ड’ द्वारा अखिल भारतीय ज्योतिष लेख प्रतियोगिता में इन्हें प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। उसके बाद तो ज्योतिष-वाचस्पति ,ज्योतिष-रतन,ज्योतिष-मनीषी जैसी उपाधियों से अलंकृत किए जाने का सिलसिला ही चल पड़ा।1997 में भी नाभा में आयोजित सम्मेलन में देश-विदेश के ज्योतिषियों के मध्य इन्हें स्वर्ण-पदक से अलंकृत किया गया।

विभिन्न ज्योतिषियों की भविष्यवाणी में एकरुपता के अभाव के कारणों को ढूंढ़ने के क्रम में इनके वैज्ञानिक मस्तिष्क को ज्योतिष की कुछ कमजोरियॉ दृष्टिगत हुईं। फलित ज्योतिष की पहली कमजोरी ग्रहों के शक्ति-आकलन की थी।ग्रहों के शक्ति निर्धारण से संबंधित सूत्रों की अधिकता भ्रमोत्पादक थी,जिसके कारण ज्योतिषियों को एक निष्कर्ष में पहुंचने में बाधा उपस्थित होती थी। हजारो कुंडलियों का अध्ययन करने के बाद इन्होने ग्रहों की गत्यात्मक शक्ति को ढूंढ निकाला। ग्रह-गति छः प्रकार की होती है---- 

अतिशीघ्री , 2.शीघ्री , 3. सामान्य , 4. मंद , 5.वक्र , 6.अतिवक्र ।

अपने अध्ययन में इन्होनें पाया कि किसी व्यक्ति के जन्म के समय अतिशीघ्री या शीघ्री ग्रह अपने अपने भावों से संबंधित अनायास सफलता जातक को जीवन में प्रदान करते हैं। जन्म के समय के सामान्य और मंद ग्रह अपने-अपने भावों से संबंधित स्तर जातक को देते हैं। इसके विपरीत वक्री या अतिवक्री ग्रह अपने अपने भावों से संबंधित निराशाजनक वातावरण जातक को प्रदान करते हैं। 1981 में सूर्य और पृथ्वी से किसी ग्रह की कोणिक दूरी से उस ग्रह की गत्यात्मक शक्ति को प्रतिशत में निकाल पाने के सूत्र मिल जाने के बाद उन्होने परंपरागत ज्योतिष को एक कमजोरी से छुटकारा दिलाया।

फलित ज्योतिष की दूसरी कमजोरी दशाकाल-निर्धारण से संबंधित थी। दशाकाल-निर्धारण की पारंपरिक पद्धतियॉ त्रुटिपूर्ण थी। अपने अध्ययनक्रम में उन्होने पाया कि ज्योतिष के प्राचीन ग्रंथों में वर्णित ग्रहों की अवस्था के अनुसार ही मानव-जीवन पर उसका प्रभाव 12-12 वर्षों तक पड़ता है। जन्म से 12 वर्ष की उम्र तक चंद्रमा ,12 से 24 वर्ष की उम्र तक बुध ,24 से 36 वर्ष क उम्र तक मंगल ,36 से 48 वर्ष की उम्र तक शुक्र ,48 से 60 वर्ष की उम्र तक सूर्य ,60 से 72 वर्ष की उम्र तक बृहस्पति , 72 से 84 वर्ष की उम्र तक शनि,84 से 96 वर्ष की उम्र क यूरेनस ,96 से 108 वर्ष क उम्र तक नेपच्यून तथा 108 से 120 वर्ष की उम्र तक प्लूटो का प्रभाव मनुष्य पड़ता है। विभिन्न ग्रहों की एक खास अवधि में निश्चित भूमिका को देखते हुए ही ‘गत्यात्‍मक दशा पद्धति की नींव रखी गयी। अपने दशाकाल में सभी ग्रह अपने गत्यात्मक और स्थैतिक शक्ति के अनुसार ही फल दिया करते हैं।

उपरोक्त दोनो वैज्ञानिक आधार प्राप्त हो जाने के बाद भविष्यवाणी करना काफी सरल होता चला गया। ‘ गत्यात्मक दशा पद्धति ’ में नए-नए अनुभव जुडत़े चले गए और शीघ्र ही ऐसा समय आया ,जब किसी व्यक्ति की मात्र जन्मतिथि और जन्मसमय की जानकारी से उसके पूरे जीवन के सुख-दुख और स्तर के उतार-चढ़ाव का लेखाचित्र खींच पाना संभव हो गया। धनात्मक और ऋणात्मक समय की जानकारी के लिए ग्रहों की सापेक्षिक शक्ति का आकलण सहयोगी सिद्ध हुआ। भविष्यवाणियॉ सटीक होती चली गयी और जातक में समाहित विभिन्न संदर्भों की उर्जा और उसके प्रतिफलन काल का अंदाजा लगाना संभव दिखाई पड़ने लगा।

गत्यात्मक दशा पद्धति के अनुसार जन्मकुंडली में किसी भाव में किसी ग्रह की उपस्थिति महत्वपूर्ण नहीं होती , महत्वपूर्ण होती है उसकी गत्यात्मक शक्ति , जिसकी जानकारी के बिना भविष्यवाणी करने में संदेह बना रहता है। गोचर फल की गणना में भी ग्रहो की गत्यात्मक और स्थैतिक शक्ति की जानकारी आवश्यक है। इस जानकारी पश्चात् तिथियुक्त भविष्यवाणियॉ काफी आत्मविश्वास के साथ कर पाने के लिए ‘गत्यात्मक गोचर प्रणाली’ का विकास किया गया ।

गत्यात्मक दशा पद्धति एवं गत्यात्मक गोचर प्रणाली के विकास के साथ ही ज्योतिष एक वस्तुपरक विज्ञान बन गया है , जिसके आधार पर सारे प्रश्नों के उत्तर हॉ या नहीं में दिए जा सकते हैं। गत्यात्मक ज्योतिष की जानकारी के पश्चात् समाज में फैली धार्मिक एवं ज्योतिषीय भ्रांतियॉ दूर की जा सकती हैं ,साथ ही लोगों को अपने ग्रहों और समय से ताल-मेल बिठाते हुए उचित निर्णय लेने में सहायता मिल सकती है। यही नहीं, बुरे ग्रहों के प्रभाव को दूर करने के लिए किए जाने वाले उपचार भी बिल्‍कुल वैज्ञानिक और परंपरागत ज्‍योतिष से बिल्‍कुल भिन्‍न है। आनेवाले गत्यात्मक युग में निश्चय ही गत्यात्मक ज्योतिष ज्योतिष के महत्व को सिद्ध करने में कारगर होगा ,ऐसा मेरा विश्वास है और कामना भी। लेकिन सरकारी,अर्द्धसरकारी और गैरसरकारी संगठनों के ज्योतिष के प्रति उपेक्षित रवैये तथा उनसे प्राप्त हो सकनेवाली सहयोग की कमी के कारण इस लक्ष्य को प्राप्त करने में कुछ समय लगेगा , इसमें संदेह नहीं है।




बुधवार, 2 मई 2018

लग्न-राशि फल - 14 और 15 मई 2018

पृथ्‍वी को केन्‍द्र में मानकर पूरे आसमान के 360 डिग्री को जब 12 भागों में विभक्त किया जाता है , तो उससे 30-30 डिग्री की एक राशी निकलती है। इन्हीं राशियों को मेष , वृष , मिथुन ............... मीन कहा जाता है। किसी भी जन्मकुंडली में तीन राशियों को महत्वपूर्ण माना जाता है। पहली वह राशी , जिसमें जातक का सूर्य स्थित हो, वह सूर्य-राशी के रुप में, जिसमें जातक का चंद्र स्थित हो, वह चंद्र-राशी के रुप में तथा जिस राशी का उदय जातक के जन्म के समय पूर्वी क्षितीज मे हो रहा हो , वह लग्न-राशी के रुप में महत्वपूर्ण मानी जाती है। एक महीने तक जन्‍म लेनेवाले सभी व्‍यक्ति एक सूर्य राशि के अंतर्गत आते हैं , जबकि ढाई दिन तक जन्‍म लेनेवाले एक चंद्रराशि के अंतर्गत।

किसी प्रकार की सामयिक भविष्यवाणी किसी व्यक्ति के लग्न के आधार पर सटीक रुप में की जा सकती है , किन्तु इसकी तीव्रता में विभिन्न व्यक्ति के लिए अंतर हो सकता है। किसी विशेष महीनें का लिखा गया लग्न-फल उस लग्न के करोड़ों लोगों के लिए वैसा ही फल देगा , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी लग्न के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है। इस प्रकार की भविष्यवाणी `गत्यात्मक गोचर प्रणाली´ के आधार पर की जा सकती है। जिन्हें अपने लग्न की जानकारी न हो , वे अपनी जन्म-तिथि , जन्म-समय और जन्मस्थान के साथ मुझे 09835192280 पर संपर्क कर सकते हैं। विवरण से पहले LAGNA अवश्‍य लिखें । उन्हें उनके लग्न की जानकारी दे दी जाएगी। 14 और 15 मई को शेयर बाजार की बढ़त जारी रहेगी , मौसम की प्रतिकूलता बनी रहेगी। 

मेष लग्नवालों के लिए -14 और 15 मई 2018 को माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें! अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने! भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें। 
वृष लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें। धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। आज ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने। 
मिथुन लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। आज ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे! माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें। 
कर्क लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे। धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। आज ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें। 
सिंह लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें! स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे! धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। आज ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें। 
कन्या लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें! स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे! पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। 
तुला लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है , लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे! बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें। 
वृश्चिक लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे! पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है , रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें! 
धनु लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे! घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं! पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। 
मकर लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं! रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें! संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे। 
कुंभ लग्नवालों के लिए 14 और 15 मई 2018 को कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें!घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं! अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने! रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। 
मीन लग्नवालों के लिए - 14 और 15 मई 2018 को अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने। कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें! माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें! घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं!

मंगलवार, 1 मई 2018

लग्न-राशि फल - 11 , 12 और 13 मई 2018


पृथ्‍वी को केन्‍द्र में मानकर पूरे आसमान के 360 डिग्री को जब 12 भागों में विभक्त किया जाता है , तो उससे 30-30 डिग्री की एक राशी निकलती है। इन्हीं राशियों को मेष , वृष , मिथुन ............... मीन कहा जाता है। किसी भी जन्मकुंडली में तीन राशियों को महत्वपूर्ण माना जाता है। पहली वह राशी , जिसमें जातक का सूर्य स्थित हो, वह सूर्य-राशी के रुप में, जिसमें जातक का चंद्र स्थित हो, वह चंद्र-राशी के रुप में तथा जिस राशी का उदय जातक के जन्म के समय पूर्वी क्षितीज मे हो रहा हो , वह लग्न-राशी के रुप में महत्वपूर्ण मानी जाती है। एक महीने तक जन्‍म लेनेवाले सभी व्‍यक्ति एक सूर्य राशि के अंतर्गत आते हैं , जबकि ढाई दिन तक जन्‍म लेनेवाले एक चंद्रराशि के अंतर्गत।
किसी प्रकार की सामयिक भविष्यवाणी किसी व्यक्ति के लग्न के आधार पर सटीक रुप में की जा सकती है , किन्तु इसकी तीव्रता में विभिन्न व्यक्ति के लिए अंतर हो सकता है। किसी विशेष महीनें का लिखा गया लग्न-फल उस लग्न के करोड़ों लोगों के लिए वैसा ही फल देगा , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी लग्न के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है। इस प्रकार की भविष्यवाणी `गत्यात्मक गोचर प्रणाली´ के आधार पर की जा सकती है। जिन्हें अपने लग्न की जानकारी न हो , वे अपनी जन्म-तिथि , जन्म-समय और जन्मस्थान के साथ मुझे 09835192280 पर संपर्क कर सकते हैं। विवरण से पहले LAGNA अवश्‍य लिखें । उन्हें उनके लग्न की जानकारी दे दी जाएगी।

  1. मेष लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है। किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी।  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा।  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा हाथ आ सकती है!
  1.  वृष लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा।  लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा। लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी।  भाई-बहन,बंधु-बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी।  
  1. मिथुन लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी।  पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी। प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है , धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। 
  1.  कर्क लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , पर झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी।  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है। किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी।  स्वास्थ्य गडबड रहेगा,आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा।  
  1. सिंह लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , इस कारण किसी प्रकार का ज्ञान प्राप्त करना कठिन रहेगा।  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा।  रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा।  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा।  
  1. कन्या लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा हाथ आ सकती है! घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी।  लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा। लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी। 
  1.  तुला लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी।  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , पर झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी।  पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी। पप्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। 
  1. वृश्चिक लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा।  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , इस कारण किसी प्रकार का ज्ञान प्राप्त करना कठिन रहेगा।  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा।   संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है। किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी।  
  1. धनु लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  स्वास्थ्य काफी गडबड रहेगा,आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा।  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा हाथ आ सकती है! रूटीन काफी अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा।  
  1. मकर लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी।  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा। घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी।  
  1. कुंभ लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा।  लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा। लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , पर झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी।  
  1. मीन लग्नवालों के लिए 11 , 12 और 13 मई को  स्वास्थ्य काफी गडबड रहेगा,आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा।  पिता पक्ष काफी कमजोर बना रहेगा , कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी। प्रतिश्ठा पर आंच आ सकती है  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , इस कारण किसी प्रकार का ज्ञान प्राप्त करना कठिन रहेगा।  संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा।