बुधवार, 13 जून 2018

लग्न-राशि फल - 14 और 15 जून 2018



    किसी प्रकार की सामयिक भविष्यवाणी किसी व्यक्ति के लग्न के आधार पर सटीक रुप में की जा सकती है , किन्तु इसकी तीव्रता में विभिन्न व्यक्ति के लिए अंतर हो सकता है। किसी विशेष महीनें का लिखा गया लग्न-फल उस लग्न के करोड़ों लोगों के लिए वैसा ही फल देगा , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी लग्न के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है। इस प्रकार की भविष्यवाणी `गत्यात्मक गोचर प्रणाली´ के आधार पर की जा सकती है। जिन्हें अपने लग्न की जानकारी न हो , वे अपनी जन्म-तिथि , जन्म-समय और जन्मस्थान के साथ मुझे 09835192280 पर संपर्क कर सकते हैं। विवरण से पहले LAGNA अवश्‍य लिखें । उन्हें उनके लग्न की जानकारी दे दी जाएगी।


    1. मेष लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है। प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे! रूटीन अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें।  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें। 
    2. वृष लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए होंगे , संतान पक्ष के मामलों में निर्णय लिए जा सकते हैं। घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं।  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें!  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। 
    3. मिथुन लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी।  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें! लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें!  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा।   ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है। 
    4. कर्क लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 भाई , बहन , बंधु बांधवों का महत्व बढेगा , उनके कार्यक्रमों के साथ तालमेल बैठाने की आवश्यकता पड सकती है।  कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने। पिता पक्ष कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है , स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे। 
    5. सिंह लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 धन की स्थिति को मजबूत बनाने के कार्यक्रम भी बनेंगे। संपन्न लोगों से विचार विमर्श होगा।  लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी , माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें!  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों।  किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे।  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें। 
    6. कन्या लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 स्वास्थ्य या व्यक्तिगत गुणों को मजबूती देने के कार्यक्रम बनेंगे, स्मार्ट लोगों का साथ मिलेगा।  किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिश्ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है  आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधव सहयोगी बनेंगे , इनकी मदद लेने की कोशिश करें! रूटीन अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें  लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों।  लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें। 
    7. तुला लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी। आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा। कोई बडा खर्च उपस्थित होगा, बाह़य संबंध मजबूत होंगे , पर बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा।  घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं।  पिता पक्ष कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें। कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। 
    8. वृश्चिक लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 रूटीन सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।  लाभ की संभावना है , इसे प्राप्त करने के लिए प्रयास बनेगा। कार्यक्रमों के प्रति गंभीरता बनी रहेगी  स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें। कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें। संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों। किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे। 
    9. धनु लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 घर-गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है। किसी सामाजिक कार्यक्रम में पिता पक्ष का महत्व दिखाई देगा, कर्मक्षेत्र में भी बडी जबाबदेही मिल सकती है। प्रतिष्ठा बढने वाली कोई बात हो सकती है  मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा, शापिंग करके सुख मिलेगा।  किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है, इस तरह के कार्यक्रम बनाना श्रेयस्कर है। अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने।  रूटीन अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। 
    10. मकर लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 प्रभावशाली लोगों से संबंध की मजबूती बनेगी। कुछ झंझटों को सुलझाने में अपने प्रभाव का पूरा उपयोग करना होगा। भाग्य , भगवान , धर्म . ये सब चिंतन के विषय बने रहेंगे। किसी धार्मिक क्रियाकलाप में व्यस्तता रहेगी। आध्यात्म की ओर भी ध्यान जाएगा।  अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क लेने की कोशिश की जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर गंभीरता नहीं रहेगी।  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें! घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं। 
    11. कुंभ लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 बुद्धि ज्ञान के मामलों के लिए होंगे , संतान पक्ष के मामलों में निर्णय लिए जा सकते हैं। रूटीन सुव्यवस्थित होगा , जिससे समय पर सारे कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।  पिता पक्ष कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें।  कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है ,  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें। 
    12. मीन लग्नवालों के लिए - 14 और 15 जून 2018 किसी कार्यक्रम में माता पक्ष का भी महत्व दिख सकता है, वाहन या सुख देने वाली किसी भी छोटी या बडी संपत्ति को प्राप्त करने के लिए मेहनत जारी रहेगी।  घर-गृहस्थी का महत्व बढेगा , ससुराल पक्ष के किसी कार्यक्रम में तालमेल बनाने की आवश्यकता पड सकती है।  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों।  किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे। धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने। 

    सोमवार, 11 जून 2018

    लग्न-राशि फल - 12 और 13 जून 2018



      किसी प्रकार की सामयिक भविष्यवाणी किसी व्यक्ति के लग्न के आधार पर सटीक रुप में की जा सकती है , किन्तु इसकी तीव्रता में विभिन्न व्यक्ति के लिए अंतर हो सकता है। किसी विशेष महीनें का लिखा गया लग्न-फल उस लग्न के करोड़ों लोगों के लिए वैसा ही फल देगा , भले ही उसमें स्तर , वातावरण , परिस्थिति और उसके जन्मकालीन ग्रहों के सापेक्ष कुछ अंतर हो। जैसे किसी विशेष समय में किसी लग्न के लिए लाभ एक मजदूर को 25-50 रुपए का और एक व्यवसायी को लाखों का लाभ दे सकता है। इस प्रकार की भविष्यवाणी `गत्यात्मक गोचर प्रणाली´ के आधार पर की जा सकती है। जिन्हें अपने लग्न की जानकारी न हो , वे अपनी जन्म-तिथि , जन्म-समय और जन्मस्थान के साथ मुझे 09835192280 पर संपर्क कर सकते हैं। विवरण से पहले LAGNA अवश्‍य लिखें । उन्हें उनके लग्न की जानकारी दे दी जाएगी।


      1. मेष लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की कोशिश करें। धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।  मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा, शापिंग करके सुख मिलेगा! किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है, इस तरह के कार्यक्रम बनाना श्रेयस्कर है। माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें। पिता पक्ष कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है ,  लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों।  लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें। 
      2. वृष लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की कोशिश करें। अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क ली जा सकती है ,पर लक्ष्य को लेकर गंभीरता नहीं रहेगी!  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों! किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे!  पिता पक्ष कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही तो प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है। 
      3. मिथुन लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा! प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों! पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है।  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। आज ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! रूटीन अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों।  किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे। 
      4. कर्क लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है। भाग्य के साथ देने से काम बनेंगे यानि किसी परिणाम में संयोग की बडी भूमिका रहेगी, इसका लाभ उठाने की कोशिश करें। धार्मिक कार्यक्रमों में भी सुखदायक उपस्थिति बनेगी।  स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे। घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं। रूटीन अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें। 
      5. सिंह लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है। रूटीन मनमौजी ढंग का होगा , किसी कार्यक्रम को अंजाम देने में समय की कमी नहीं होगी। इसलिए कुछ अतिरिक्त काम करने की कोशिश करें!  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है।  बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें।  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें!घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं। 
      6. कन्या लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 वाहन या सुख देने वाली किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित कार्यों को अंजाम दें ,अपने कार्यक्रम में माता पक्ष से सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं।  , घर, गृहस्थी के विवाद को निबटाया जा सकता है, किसी कार्यक्रम में ससुराल पक्ष के लोगों से सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में भी सहजता रहेगी।  लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें। अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने!  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें। 
      7. तुला लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधव सहयोगी बनेंगे , इनकी मदद लेने की कोशिश करें। कुछ झंझट उपस्थित हो सकते हैं , पर घबराए नहीं , प्रभाव की मजबूत स्थिति से उन्हें दूर किया जा सकता है  पिता पक्ष कमजोर बना रहेगा , उनसे सहयोग की उम्मीद न रखें! कर्मक्षेत्र में भी परेशानी रहेगी, बात बढने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश करें, नही प्रतिष्ठा पर आंच आ सकती है ,  माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें!  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने। 
      8. वृश्चिक लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा,  विद़यार्थी कठिन पाठों को याद करने की कोशिश करें , संतान पक्ष के कार्यों को भी निबटाया जा सकता है!  संयोग के न बन पाने से कोई असफलता दिखाई पड सकती है, परेशान न हों। किसी धार्मिक क्रियाकलापों के बाद भी निराशा ही बनेगी, इसलिए ऐसे कार्यक्रमों से बचे। भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। माता पक्ष के किसी कार्यक्रम में बाधा उपस्थित होगी , वाहन या किसी प्रकार की संपत्ति कष्ट का कारण बनेगी। इनसे संबंधित किसी कार्यक्रम में निराशा आए , उससे पहले ही सावधानी बरतें!  
      9. धनु लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दें। वाहन या सुख देने वाली किसी प्रकार की छोटी या बडी संपत्ति से संबंधित कार्यों को अंजाम दें ,अपने कार्यक्रम में माता पक्ष से सहयोग की उम्मीद रख सकते हैं। रूटीन अस्त व्यस्त रहेगा और किसी घटना का प्रभाव जीवनशैली पर बुरे ढंग से पडेगा। हर कदम सुरक्षित ढंग से व्यतीत करें, हडबडी ना करें।  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। आज ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है।  भाई.बहन,बंधु बांधवों से विचार के तालमेल का अभाव बनेगा, सहकर्मियों से भी संबंध में गडबडी आएगी। इसलिए ऐसा माहौल न बनाएं कि उनसे विवाद हो। 
      10. मकर लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 आपके कार्यक्रमों में भाई.बहन , बंधु बांधव सहयोगी बनेंगे , इनकी मदद लेने की कोशिश करें। मनोनुकूल खर्च का वातावरण तैयार होगा, शापिंग करके सुख मिलेगा! किसी बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से लाभ हो सकता है, इस तरह के कार्यक्रम बनाना श्रेयस्कर है! घर गृहस्थी का वातावरण अच्छा नहीं दिखाई देगा, ससुराल पक्ष का तनाव उपस्थित हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कुछ दूरी बनेगी। इनसे संबंधित मामलों को निर्णायक मोड पर लाने की आवश्यकता नहीं!  स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे।  धन की स्थिति कमजोर दिखाई देगी, इसे मजबूत बनाने का हर प्रयास बेकार होगा। आज ऐसे कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है। 
      11. कुंभ लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 धन कोष की स्थिति अच्छी रहनी चाहिए , इस दिशा में मेहनत फलदायी होगा। अनायास लाभ प्राप्ति की संभावना बन सकती है, इसलिए रिस्क ली जा सकती है , पर लक्ष्य को लेकर गंभीरता नहीं रहेगी!  कुछ झंझट उपस्थित होंगे , झंझटों को सुलझाने में प्रभाव की कमजोर स्थिति के कारण दिक्कत आएगी। इसलिए शार्टकट का सहारा न लेकर सुरक्षित राह पर चलें! स्वास्थ्य गडबड रहेगा, आत्मविश्वास की कमी बनेगी, व्यक्तित्व कमजोर दिखाई देगा। इसलिए इससे संबंधित कार्यक्रम से बचे!  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, आज शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें। 
      12. मीन लग्नवालों के लिए - 12 और 13 जून 2018 स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के मामले अच्छे रहेंगे , इनसे संबंधित कार्यों को अंजाम दे।  सामाजिक कार्यक्रम वाले स्थान पर सुखद अहसास बनेगा, जरूर सम्मिलित हों।  पिता पक्ष से सहयोग लेने के कार्यक्रम बनाएं, कर्मक्षेत्र का माहौल भी मनोनुकूल होगा, चुनौतीपूर्ण कार्यों को निबटाया जा सकता है!  अपनी या संतान पक्ष की पढाई लिखाई का वातावरण कमजोर रहेगा , संतान के अन्य किसी पक्ष से से संबंधित माहौल भी कमजोर बना रहेगा। समस्या को लेकर अधिक गंभीर न बने।  बेवजह के उपस्थित खर्चों से परेशानी होगी, शापिंग के कार्यक्रम न बनाएं तो बेहतर है! बाहरी व्यक्ति या बाहरी स्थान से तकलीफ होगा, घूमने फिरने के कार्यक्रमों से भी परहेज रखें।  लाभ के कमजोर रहने से तनाव बनेगा, निराश न हों! लक्ष्य की ओर बढने में बाधा उपस्थित होगी , इंतजार करें। 

      गत्‍यात्‍मक दशा पद्धति क्‍या है ?

      फलित ज्‍योतिष के प्राचीन ग्रंथों में वर्णित ग्रहों की अवस्‍था और उनकी गति के अनुसार ही मनुष्‍य के जीवन में पड़नेवाले ग्रहों के प्रभाव का बारह बारी वर्षों के विभाजन को गत्‍यात्‍मक दशापद्धति कहते हैं। इसमें प्रत्‍येक ग्रहों के प्रभाव को अलग अलग 12 वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है। जन्‍म से 12 वर्षों तक चंद्रमा , 12 से 24 वर्षों तक बुध , 24 से 36 वर्षों तक मंगल , 36 से 48 वर्षों तक शुक्र , 48 से 60 वर्षों तक सूर्य , 60 से 72 वर्षों तक बहस्‍पति , और 72 से 84 वर्ष की उम्र तक शनि का प्रभाव मानव जीवन पर पडता है। प्रत्‍येक ग्रह अपने दशाकाल में अपना फल अपने सापेक्षिक गत्‍यात्‍मक शक्ति के अनुरूप ही अच्‍छा या बुरा प्रदान करते हैं। इस दशा पद्धति में सभी ग्रहों की एक खास अवधि में निश्चित भूमिका रहती है। विंशोत्‍तरी दशा पद्धति की तरह एकमात्र चंद्रमा का नक्षत्र ही सभी ग्रहों को संचालित नहीं करता।
      उन वर्षों के तुरंत बाद ही अपनी जीवनशैली में आनेवाले परिवर्तन पर गौर करें। गत्‍यात्‍मक दशा पद्धति की वैज्ञानिकता खुद ही प्रमाणित हो जाएगी।
      इस पद्धति के जन्‍मदाता श्री विद्यासागर महथा , एम ए , ज्‍योतिष वाचस्‍पति , ज्‍योतिष रत्‍न , पेटरवार , बोकारो निवासी हैं , जिन्‍होने इस पद्धति की नींव सन 1975 जुलाई में रखी। इस दशा पद्धति का संपूर्ण गत्‍यात्‍मक विकास 1987 जुलाई तक होता रहा। 1987 जुलाई के बाद अब तक हजारो कुंडलियों मे इस सिद्धांत की प्रायोगिक जांच हुई और सभी जगहों पर केवल सफलताएं ही मिली। अभी गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष किसी भी कुंडली को ग्रहों की शक्ति के अनुसार लेखाचित्र में अनायास रूपांतरित कर सकता है। किसी भी व्‍यक्ति के जीवन की सफलता , असफलता , सुख , दुख , महत्‍वाकांक्षा , कार्यक्षमता और स्‍तर को लेखाचित्र में ईस्‍वी के साथ अंकित किया जा सकता है। जीवन के किस क्षेत्र में किसकी अभिरूचि अधिक है और जीवन के किस भाग में इसका प्रतिफलन होगा , इसे ग्राफ खींचने के बाद अनायास ही बतलाया जा सकता है। जीवन का कौन सा भाग स्‍वर्णिम होगा और कौन सा काफी कष्‍टप्रद , यह ग्राफ देखकर ही बुद्धिजीवी और वैज्ञानिक वर्ग आसानी से समझ सकेंगे। जीवन में अकसमात उत्‍थान और गंभीर पतन की सूचना भी इस ग्राफ से ज्ञात की जा सकती है।
      इस दशापद्धति के विकास के क्रम में ही ग्रहों की शक्ति को मापने के लिए गति से संबंधित कुछ सूत्रों की खोज की गयी है , जो ग्रहों की सम्‍यक शक्ति का निरूपण करती है। ग्रहों के स्‍थान बल , दिक बल , काल बल , नैसर्गिक बल दुक बल चेष्‍टा बल और अष्‍टकवर्ग से भिन्‍न एक गत्‍यात्‍मक शक्ति को महत्‍व दिया गया है। यह हर हालत में ग्रहों की सही शक्ति का आकलन करता है। 1975 के ज्‍योतिष मार्तण्‍ड के जुलाई अंक में प्रकाशित ‘दशाकाल निरपेक्ष अनुभूत तथ्‍य’ लेख में पहली बार दर्शाया गया था कि प्रत्‍येक ग्रहों का 12 वर्ष तक मुख्‍य रूप से प्रभाव बना रहता है और चंद्र , बुध , मंगल , शुक्र , सूर्य, बुहस्‍पति , शनि , यूरेनस , नेप्‍च्‍यून और प्‍लूटो बारी बारी से संपूर्ण जीवन का प्रतिनिधित्‍व कर लेते हैं।
      सन 1981 में गत्‍यात्‍मक दशा पद्धति के जन्‍मदाता श्री विद्यासागर महथा जी पहली बार यह अहसास हुआ कि प़ृथ्‍वी से निकट रहनेवाले प्रत्‍येक आकाशीय पिंड अपने दशाकाल में जातक को प्रतिकूल परिस्थितियों का बोध कराता है। विलोमत: प़ृथ्‍वी से अतिदूरस्‍थ् ग्रह जातक को अनुकूल परिस्थितियों का बोध कराते हैंा यानि इनके पास अधिक दायित्‍व नहीं होने देते। और इस तरह प़ृथ्‍वी से अतिदूरस्‍थ और निकटस्‍थ् ग्रह अपने दशाकाल में भिन्‍न भिन्‍न ही परिणाम प्रस्‍तुत करते हैं। किसी भी ग्रहों के दशाकाल के मध्‍यकाल में इस प्रभाव को स्‍पष्‍ट देखा जा सकता है। 18वे वर्ष में बुध , 30 वें वर्ष में मंगल , 42 वें वर्ष में शुक्र , 54 वें वर्ष में सूर्य , 66 वें वर्ष में बृहस्‍पति और 78 वें वर्ष में शनि अपना फल विशेष तौर पर प्रदान करते हैं। वक्र या ऋणात्‍मक ग्रहों का परिणाम दायित्‍व संयुक्‍त होता है , जबकि शीघ्री और सकारात्‍मक ग्रह उल्लिखित वर्षों में दायित्‍वहीनता का बोध कराते हैं।
      ग्रहों की एक ऐसी भी स्थिति होती है , जब न तो वे पृथ्‍वी के निकट होते हैं और न ही बहुत अधिक दूरी बनाए होते हैं , बल्कि वे पृथ्‍वी से औसत दूरी पर होते हैं। बुध और शुक्र पूर्वी या पश्चिमी क्षैतिज पर सर्वोच्‍च उंचाई पर होते हुए प्रतिदिन 1 डिग्री की गति बनाते हैं । चंद्रमा , मंगल , बुहस्‍पति , शनि आदि ग्रह सूर्य से 90 डिग्री की औसत दूरी पर होते हैं। ऐसी स्थिति में इनके पास कार्यक्षमता और दायित्‍वबोध सबसे अधिक होता है। जब चंद्रमा औसत से कम प्रकाशमान हो और शेष ग्रह मार्गी या वक्र होने के आसपास हो , तो जातक को अति महत्‍वपूर्ण दायित्‍व और कर्तब्‍यबोध से अवगत कराता है। यदि सापेक्षिक ग्रह धनात्‍मक हो , तो कर्तब्‍यपरायणता के साथ उन्‍हें जबर्दस्‍त सफलता मिलती है और सापेक्षिक ऋणात्‍मक गति में होने से इन्‍हीं ग्रहों के कारण जातक को कर्तब्‍यपरायणता के बावजूद असफलता ही हाथ लगती है।
      इस गत्‍यात्‍मक दशा पद्धति का जो लेखाचित्र तैयार होता है , वह वस्‍तुत: आकाश में स्थित ग्रहों की स्थिति , सूर्य और पृथ्‍वी सापेक्ष उनकी दूरियों और गतियों का सम्‍यक चित्रण है। आकाश में सूर्यतल से नीचे दिखलाई पडनेवाले ग्रह पृथ्‍वी के कम निकट और कम गतिवाले या वक्र होते हैं । इसके विपरीत आकाश में सूर्यतल से उपर दिखलाई पडनेवाले ग्रह पृथ्‍वी से अधिक दूर और अधिक गतिवाले होते हैं। एकमात्र चंद्रमा ही हर समय पृथ्‍वी से समान दूरी पर होने के बावजूद सूर्य के निकट आने पर कम प्रकाशमान और अधिक दूरी पर रहने से अधिक प्रकाशमान होता है। कम प्रकाशमान चंद्रमा को ग्राफ में मध्‍य में और अधिक प्रकाशमान चंद्रमा को ग्राफ में उपर दिखलाया जाता है। अन्य वक्री ग्रहों को ग्राफ में नीचे , सामान्‍य ग्रहों को ग्राफ में मध्‍य में और अति‍शीघ्री ग्रहों को ग्राफ में उपर दिखलाया जाता है। यह ग्राफ व्‍यक्ति की परिस्थ्तियों को दर्शाता है। जातक अपने ग्राफ के अनुसार ही अनुकूल या प्रतिकूल परिस्थ्‍ितियां प्राप्‍त करते हैं। उनका ग्राफ ही उनकी कार्यक्षमता और महत्‍वाकांक्षा को निर्धारित करता है। वे जीवन के प्रत्‍येक उत्‍थान और पतन अपने ग्राफ के अनुसार हीप्राप्‍त करते हैं। यह दशापद्धति ज्‍योतिष को विज्ञान साबित करने में पूर्ण सक्षम है। पाठक अपने जन्‍म वर्ष को छ: वर्ष के अपवर्तांक से जोडते चले जाएं , इसकी वैज्ञानिकता स्‍वत: प्रमाणित हो जाएगी ।