सोमवार, 16 फ़रवरी 2009

नजर कब लगती है ? ( Astrology )

`मुझे किसी की नजर लग गयी है ´ , मेरे पीछे किसी रहस्यमय शक्ति का हाथ है ´ , `मेरे लिए टोने-टोटके किए जा रहें हैं ´ , इन सब व्‍यर्थ की भ्रांतियों से निकलकर सामान्य जीवन जी पाना किसी भी मनोवैज्ञानिक रुप से कमजोर व्यक्ति के लिए काफी कठिन है , यहॉ तक कि ये बातें किसी व्यक्ति को पागल बना देने के लिए काफी है , मैने अपने अनुभवों में पाया है कि विपदा , निराशा या परेशानी में घिरे लोगों में ऐसी सोंच का जन्‍म लेना बिल्‍कुल स्‍वाभाविक होता है। खासकर महिलाओं की संख्या काफी है जो इन आपदाओं से बचने के लिए तांत्रिकों का सहारा लेने जाती हैं और उनके चक्‍कर में बुरी तरह फंस जाती हैं। इससे उन्हें शारीरिक , मानसिक और आर्थिक हर प्रकार का शोषण होता है।

चूंकि मुझे तंत्र-मंत्र या टोने-टोटके जैसी अन्य सिद्धियों के बारे में अधिक जानकारी नहीं है , इसलिए मैं यह तो नहीं कह सकती कि इन सबका महत्व है या नहीं ? बुरी नजर होती ही नहीं है या नहीं ? किन्तु इतना तो दावे के साथ कह सकती हूं कि आपके जीवन में 'अच्‍छा समय' और 'बुरा समय' चलता रहता है। आपके अच्छे समय में इन बुरे असामाजिक तत्वों का प्रवेश आपके जीवन में हो ही नहीं सकता। चोर-डाकू-लुटेरे-गॉवों शहरों और गलियों में घूमते हैं , किन्तु वे आपके सामानों की चोरी तबतक नहीं करते , जबतक आप पर सकारात्मक ग्रहों का प्रभाव है , जानलेवा हमला करने के बावजूद आप बचकर निकल सकते हैं। हॉ , यदि आप ऋणात्मक ग्रहों के प्रभाव में हैं , तो निश्चित तौर पर किसी न किसी विपत्ति में फंस सकते हैं , जिस तरह किसी असामाजिक तत्वों के हत्थे चढ़ सकते हैं। अब इसे आप किसी भी शक्ति का हाथ समझ सकते हैं। जैसे ही आपके जीवन में धनात्मक ग्रहों का प्रभाव आरंभ होगा , आप जिस भी समस्या से प्रभावित हो रहे हों , अवश्य जीत पाएंगे। इसलिए चिंता न करें , निराशा से बचें और दृष्टिकोण सकारात्मक बनाए रखें। इससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप समस्या को अपने ढंग से हल कर पाएंगे और इसलिए आपको तांत्रिकों का सहारा लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।

20 टिप्‍पणियां:

pankajrago ने कहा…

you are right madam!!!!

बेनामी ने कहा…
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seema gupta ने कहा…

इसलिए चिंता न करें , निराशा से बचें और दृष्टिकोण सकारात्मक बनाए रखें। इससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप समस्या को अपने ढंग से हल कर पाएंगे
" हमारे यहाँ भी ये नज़र वाली बात को बहुत माना जाता है खासकर छोटे बच्चों के लिए....ल्लाकिन आपकी अंतिम चार पंक्तियों ने बहुत हौसला दिया है...आभार.."

Regards

मसिजीवी ने कहा…

इतना तो दावे के साथ कह सकती हूं कि आपके अच्छे समय में इन बुरे असामाजिक तत्वों का प्रवेश आपके जीवन में हो ही नहीं सकता। चोर-डाकू-लुटेरे-गॉवों शहरों और गलियों में घूमते हैं , किन्तु वे आपके सामानों की चोरी तबतक नहीं करते , जबतक आप पर सकारात्मक ग्रहों का प्रभाव है

आश्चर्यजनक दावा ... क्‍या इस पोस्‍ट के आने का अर्थ माना जाया कि हिन्‍दी ब्‍लॉगजगत पर नकारात्‍मक ग्रहों का प्रभाव हो गया है :)

रंजन ने कहा…

सही कहा.. सकारात्मक ्सोच ही आधी समस्याओ को ्कम कर दे्ती है..

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

अच्छा लिखा आपने ...कई बातें बहुत गहरे तक अपनी पैठ बनाए हुए होती हैं ..इसी तरह की सोच से उनसे उबरा जा सकता है

Kashif ने कहा…

मैं इन चीजों मैं यकीन तो नही रखता लेकिन यह मानता हूँ की नज़र लग जाती हैं इसीलिए अगर नज़र लग गई है तो अपना रवैया सकारात्मक रखे, और उलटी सीधी चीजों से बचे.....

Abhishek ने कहा…

Sahi kaha aapne ki maansik sakaratmakta kafi jaruri hai.

mamta ने कहा…

बिल्कुल ठीक कह रही है आप ।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

तदैव लग्नं सुदिनं तदैव
तारा बालम चंद्रबलं तदैव
विद्याबलं दैवबलं तदैव
लक्ष्मीपतिम तेंघ्रियुग्म स्मरामि!

vinay ने कहा…

pata nahi najar lagti hai ki nahi,parntu sakaratmak soch to avayshak hai.

mehek ने कहा…

bahut hi sahi kaha,sundar lekh

SWAPN ने कहा…

bahut sahi likha aapne jaisa ki aap ko gyaat hai main kuchh pareshani men chal raha hun is tarah ki baaten mind men aati hain lekin aapke lekh se bahut bada sambal mila, hardik dhanyawaad.

AKSHAT VICHAR ने कहा…

मैडम शनि की साढ़े साती में क्या करना चाहिये?

ज्ञानदत्त । GD Pandey ने कहा…

सही है जी - जब नीके दिन आयेंगे, बनत न लागे देर।

राज भाटिय़ा ने कहा…

संगीता जी , आप की बत से सहमत हूं , हमारे एक मित्र यहां (जर्मनी) मै हाईवे पर करीब २५० कि मी प्रति घंटा की रफ़तार से जा रहे थे, कि अचानक कोई दुरघटना हुयी ओर कार बीसो कलावाजिया खा कर बहुत दुर तक गई, लेकिन उन्हे ओर उन की बीबी को बिलकुल चोट नही लगी, दो सप्ताहा बाद घर मे स्टुल से गिरे ओर तांग टुट गई, इस लिये कई बार कुछ ऎसा होता है जिस पर विशवाश नही होता.
धन्यवाद

Prem Farrukhabadi ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Prem Farrukhabadi ने कहा…

sangeeta ji ne kahaa,
इतना तो दावे के साथ कह सकती हूं कि आपके अच्छे समय में इन बुरे असामाजिक तत्वों का प्रवेश आपके जीवन में हो ही नहीं सकता। चोर-डाकू-लुटेरे-गॉवों शहरों और गलियों में घूमते हैं , किन्तु वे आपके सामानों की चोरी तबतक नहीं करते , जबतक आप पर सकारात्मक ग्रहों का प्रभाव है

मसिजीवी ने कहा…
आश्चर्यजनक दावा ... क्‍या इस पोस्‍ट के आने का अर्थ माना जाया कि हिन्‍दी ब्‍लॉगजगत पर नकारात्‍मक ग्रहों का प्रभाव हो गया है :)

Not at all Masijeevi ji. I do not agree with your comment.I have also been practising astrology for 15 years.I agree with Madam Sangeeta Puri. your comment is not healthy. It indicates your lack of knowledge about astrology.Like a good blogger it does not suits to your personality at all. your comment is absolutely personal and it shows your intention to hurt somebody. If it is not please clerify.Please try to generate love and affection among bloggers.
Wishing you a lovable blogger among bloggers. Thank you.

MAVARK ने कहा…

Your view is highly appreciable, I would like to aid : IF ONE IS FINDING HIMSELF WEAK OR ALONE TO FIGHT WITH SUCH ODD CIRCUMSTANCES HE MUST SEEK HELP OF POSITIVE AND GENUINE PEOPLE NOT TO BECOME PREY OF SUCH SELFISH AND ANTISOCIAL ELEMENTS.

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

sangeeta ji aapke post me kai sakaratmak pahlu hain.... jinse avagt hokar nakaratmkta ka prabhav jarur fika pad jayega .