मंगलवार, 8 सितंबर 2009

क्‍या आपपर भी ट्रिपल नाइन के संयोग का कुछ प्रभाव पडेगा ??

कई दिन पूर्व राजकुमार ग्‍वालानी जी के एक पोस्‍टपर नजर गयी थी जिसमें लिखा गया था “ सितंबर का माह भी एक अनोखी सौगात लेकर आया है। इस माह में ट्रिपल नाइन का संयोग पडऩे वाला है। वैसे देखा जाए तो आप एक नहीं बल्कि दो-दो ट्रिपल नाइन का मजा ले सकते हैं।“ मैने उसे पढा भी और अपनी टिप्‍पणी भी दर्ज कर दी थी “अंको के अनोखे संयोग हो रहे हैं इस वर्ष !! ” उसमें इस योग का ज्‍योतिष के हिसाब से भी चर्चा की गयी थी “इस श्रेष्ठ दिन के कारण ही पितृ पक्ष होने के बाद भी 9 सितंबर को खरीददारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैसे पितृ पक्ष में खरीददारी नहीं की जाती है, पर इस बार ट्रिपल नाइन से इस पक्ष में भी सराफा बाजार में रौनक की रहने खबरें आ रही हैं।” मेरी अपनी जानकारी के अनुसार ज्‍योतिष के हिसाब से तो इसका कोई प्रभाव नहीं पडना चाहिए , पर पूरे पितृपक्ष के शोक के पंद्रह  दिनों में से कोई ज्‍योतिषी एक दिन को शुभ ही बता रहा हो , तो इस खुशी से जनता को क्‍यूं वंचित किया जाए , यह सोंचकर मैने उसपर कोई टिप्‍पणी नहीं की।


पर कल के इस योग की भयावहता को लेकर भी समाचार पत्रों में कुछ चर्चा की गयी है , जिससे लोगों में इस योग के ज्‍योतिषीय प्रभाव को लेकर जिज्ञासा बन गयी है , इस कारण इस पोस्‍ट को लिखने की आवश्‍यकता पड गयी है। जहां तक पहले ट्रिपल नाइन का सवाल है , यह कोई योग ही नहीं , क्‍यूंकि हर तेरह महीने से एक दिन पश्‍चात् किसी न किसी रूप में यह योग आता है। पिछले वर्ष 08-08-08 , उससे पहले 07-07-07 और उससे पहले 06-06-06 , इसलिए इस पहले ट्रिपल नाइन का बनना कोई अहमियत नहीं रखता। अब यदि दूसरे ट्रिपल 9 यानि 09-09-09 के योगफल से जो 27 बनते हैं उनके योग को देखते हुए 9 का बनना , वह अंक ज्‍योतिषियो के लिए महतवपूर्ण हो सकते थे , पर यह तिथि वास्‍तव में 09-09-2009 है , जिसका योगफल 29 यानि 11 यानि 2 होते हैं , इसलिए उनके लिए भी यह योग महत्‍वपूर्ण नहीं। यानि जो दूसरा 9 बनाया गया है , वह एक प्रकार से जबरदस्‍ती योग पैदा कर देना है। इस प्रकार दोनो योगों के आधार पर किसी प्रकार की भविष्‍यवाणी उचित नहीं ।

जहां तक ज्‍योतिषीय भविष्‍यवाणी की बात है , वह आसमान में ग्रहों की खास स्थिति के ही पृथ्‍वी पर खास प्रभाव की चर्चा करता है। हिन्‍दी के पंचांग के अनुसार किसी तिथि से दो ग्रहों सूरज और चंद्र की स्थिति का पता चलता है , इसलिए उसके आधार पर आंशिक ही सही , कोई भविष्‍यवाणी उचित हो भी सकती है , जैसे शिवरात्रि के दिन बारिश , आंधी , पानी , तूफान का आना या अन्‍य त्‍यौहारों के दिन किसी खास प्रकार के माहौल का उपस्थित होना हमेशा तो नहीं , पर काफी मामलों में सही माना जा सकता है , पर अंग्रेजी कैलेण्‍डर के अनुसार किसी तिथि से पृथ्‍वी की अपने परिभ्रमण पथ पर खास जगह पर स्थिति का ही बोध होता है , आसमान के किसी ग्रह की स्थिति का नहीं । इसलिए अंग्रेजी कैलेण्‍डर के अनुसार दो तीन अंको के संयोग को किसी प्रकार का योग बना देना और इस आधार पर किसी प्रकार की भविष्‍यवाणी का कोई औचित्‍य नहीं।

29 टिप्‍पणियां:

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

अँग्रेज़ी कलेंडर देखने वाले इन सब बातों को समझ ही नही पाएँगे..आप ने अंक ज्योतिष् का भी बखूबी वर्णन किया..
आपका विवरण बहुत अच्छा लगा..बधाई..

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बहुत बढ़िया जानकारी . आभार

राज भाटिय़ा ने कहा…

संगीता जी आप के सभी लेख बहुत ध्यान पुरवक पढता हुं, आज भी अच्छा लगा.
धन्यवाद

PD ने कहा…

padh kar achchha laga.. sach kahun to main aapke Gatyatmak jyotish ka dhur-virodhi hun, magar yah post achchha laga kyonki aap logon me dar phailane valon ke khilaph likh rahi hain.. :)

PD ने कहा…

padh kar achchha laga.. sach kahun to main aapke Gatyatmak jyotish ka dhur-virodhi hun, magar yah post achchha laga kyonki aap logon me dar phailane valon ke khilaph likh rahi hain.. :)

cmpershad ने कहा…

यह तो न्यूमरालोजी वालों का खेल है जिसे ज्योतिष विद्या से लेना-देना नहीं है। ज्योतिष का गणित तो पंचांग के आधार पर बांचा जाता है।

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

अच्छा लिखा है आपने मिडिया वाले तो सुबह से डराए जा रहे हैं :)

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

"पर यह तिथि वास्‍तव में 09-09-2009 है , जिसका योगफल 29 यानि 11 यानि 2 होते हैं , इसलिए उनके लिए भी यह योग महत्‍वपूर्ण नहीं।"

ट्रिपल नाइन पर आपका लेख खोजपूर्ण है।
बिल्कुल सही बात कही है आपने।
आभार!

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने कहा…

आपकी आगे की प्रविष्टियाँ भी हमेशा
ध्यान से पढ़ती रहती हूँ
आज की विवेचना भी अच्छी लगी
स्नेह सहित,
- लावण्या

Ishwar ने कहा…

अच्छी जानकारी
हिन्दी ओर अग्रेजी के कलेंडर के फ़र्क को
अँग्रेज़ी कलेंडर देखने वाले नही समझ पाते है

Nirmla Kapila ने कहा…

बिलकुल सही है ज्योतिश के हिसाब से ये योग नहीं है बधाई इस आलेख के लिये

महफूज़ अली ने कहा…

bahut hi achchi jaankari....... pradaan ki hai aapne..........



Dhanyawaad.......

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत बढ़िया जानकारी आभार.......

AlbelaKhatri.com ने कहा…

बहुत ही उम्दा के लिए पोस्ट बधाई !

Mukesh Khordia ने कहा…

वाह !

Vivek Rastogi ने कहा…

यही तो हम भी अपने साथ के लोगों को समझाते हैं पर इन न्यूज चैनलों ने इतनी क्रांति कर दी है कि कोई समझने को तैयार नहीं होता है। आपका यह लेख तो क्रांतिपरक है।

इष्ट देव सांकृत्यायन ने कहा…

फिर भी बकलोलपने को पृथ्वी पर ज़िन्दा रखने के लिए कुछ न कुछ करना तो पड़ेगा ही न!

Mrs.Bhawna K Pandey ने कहा…

mujhe is baar ka aapka lekh sach me bahut pasand aya . aapne sahi likha hai , ye sab jabardasti ke yog hain , jyotish se inka kuch bhi lena dena nahin .

रंजना ने कहा…

बहुत सही कहा आपने....

सुशील कुमार ने कहा…

मैं विलम्ब से यहाँ आने के लिये क्षमा-प्रार्थी हूँ क्योंकि मैंने आपसे कल आग्रह किया था कि इस आप अपनी पोस्ट लगायें। पर आप से वार्ता के बाद मेरे आवास की बिजली फेल हो गयी। खैर... आपका यह आलेख बड़ा पठनीय है। आज सब -कुछ सामान्य ही रहा जैसा कि आपने कल कहा था।

vinay ने कहा…

पहली बार यह 9.9.9 के बारे मे सुना है,आप ने विलकुल ठीक कहा, इस प्रकार की और भी तिथिया आई होगी,परन्तु इस प्रकार तीन एक जैसे नम्बर के बारे मे कभी इतना नही सुना।
आपने इस विषय पर गत्यातमिक ज्योतिश के बारे मे जानकारी दे कर अच्छा लेख लिख कर अच्छी जानकारी दी,आभार

Abhishek Mishra ने कहा…

Triple 9 ke fer mein to aaj ka sara din lagta hai yun hi nikal gaya.

Mumukshh Ki Rachanain ने कहा…

इसलिए अंग्रेजी कैलेण्‍डर के अनुसार दो तीन अंको के संयोग को किसी प्रकार का योग बना देना और इस आधार पर किसी प्रकार की भविष्‍यवाणी का कोई औचित्‍य नहीं।

पर पेपर तो इन चटकारे समाचारों के कारण बिक जाते हैं, जिन्हें धंदे से मतलब, उनको तो कोई भी न्यूज चलेगी. आपकी बात सोलहों आने सच है ज्योतिष का भारतीय पंचांग से ही गहरा सम्बन्ध है.......

चन्द्र मोहन गुप्त
जयपुर
www.cmgupta.blogspot.com

Popular India ने कहा…

मैं आपके विचारों से १०० फीसदी सहमत हूँ. लोगों को सही जानकारी देने के लिए धन्यवाद.

महेश
http://popularindia.blogspot.com/

विजय प्रकाश सिंह ने कहा…

क्या कहूं ? आज कल टी वी पर कैसे कैसे लोग कैसे कैसे वस्त्र और केश विन्यास के साथ प्रकट हो रहे हैं । उनकी बातें बेतुकी और ज्योतिष को बद्नाम करने वाली हैं । विक्रमी तिथियों और ग्रेगेरियन कैलेंडर की तिथियों मे फ़र्क भी भूल गये हैं । आपने ठीक से समझाया इसके लिये धन्यवाद ।
http://www.mireechika.blogspot.com

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi ने कहा…

समय पर सही जानकारी। यही तरीका है लोगों को एज्‍युकेट करने का। वरना तो कुछ का कुछ बना दिया जाए। कुछ पता ही नहीं चलता। कई लोग तो पान की दुकान पर भी ज्‍योतिष के ऐसे महत्‍वपूर्ण और गूढ़ योग बता जाते हैं जो आज तक न तो पढ़ने में आए न सुनने में :)

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

निकल गया और हम जस के तस हैं!

numerology ने कहा…

आपके लेख तो हमेशा ही ज्ञान बढ़ाने वाले होते हैं इसी तरह मार्गदर्शन करती रहें।
न्यूज चैनलों द्वारा सही बताने की बजाय भय का वातावरण निर्मित्त किया जा रहा है और जिम्मेदार लोग आंखें बंद किये बैठे हैं कैसी बिडम्बना है।

शरद कोकास ने कहा…

संगीता जी लेख देर से पढ़ा अब तो 9/9/9/ बीत गया है चलिये 10/10/10 की प्रतीक्षा करते है।