गुरुवार, 7 जनवरी 2010

तिथि और समय के साथ भूकम्‍प की भविष्‍यवाणी करता मेरा एक और तुक्‍का भी सही निकला .. भूकम्‍प क्षेत्र निर्धारण में मात्र 12 डिग्री की खामी हुई !!

पांच जनवरी 2010 को प्रकाशित किए गए अपने महत्‍वपूर्ण आलेख  "इस दुनिया के अंत की संभावना हकीकत है या भ्रम ??(चौथी और अंतिम कडी)"में उस दिन दुनिया में किसी प्रकार के प्रलय न होने की बात करने के क्रम में मैने चर्चा की थी कि पिछले 40 वर्षों सेगत्‍यात्‍मक ज्‍योतिषविश्‍व भर में होनेवाले सुनामी, भूकम्‍प, ज्वालामुखी, ग्लोबल वार्मिग,अकाल, बीमारियां, आतंकवाद, युद्ध की विभीषिका व अणु बम जैसी प्राकृतिक या मानवकृत बुरी घटनाओं का ग्रहीय कारण ढूंढता रहा है। अगस्‍त में ही 19 सितम्‍बर को 5 बजे से 9 बजे सुबह भी आकाश में ग्रहों की खास स्थिति के कारण मेरे भविष्‍यवाणी करने के बाद इण्डोनेशिया के बाली द्वीप में शनिवार यानि 19 सितंबर को सुबह 6.04 बजे 6.4 रिक्‍टर के भूकम्प के तेज झटके भी महसूस किए गए थे। यह हमारे द्वारा किए गए रिसर्च को प्रामाणिक बनाता है।


इससे आगे भी इस आलेख में दूसरे दिन की ही भविष्‍यवाणी करते हुए मैने लिखा था कि "6 जनवरी 2010 को भी असमान में ग्रहों की एक महत्‍वपूर्ण स्थिति बन रही है यह योग लगभग सभी देशों में 9 बजे रात्रि से लेकर 12 बजे रात्रि तक के आसपास उपस्थित होगा। ......... इस योग के कारण इस समय कहीं भी किसी प्रकार की दैवी या मानवकृत आपदा की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। अभी तक हमारा आकलन विश्‍व में कहीं भी को लेकर ही चल रहा था पर पहली बार देशांतर रेखा के आधार पर 110 डिग्री से 155डिग्री पू तक पहुंचने की मैने कोशिश की है।"


7 जनवरी 2010 के इस समाचार को पढकर मेरे दिए गए तिथि , जो 6 जनवरी 2010 थी , और समय 9 बजे से 12 बजे रात्रि का था , में न्‍यूजीलैंड के दक्षिणी भाग में भूकम्‍प आने की पुष्टि हो जाती है। न्‍यूजीलैंड में 6 जनवरी 2010 , बुधवार को 10 बजकर 48 मिनट पर 6 रिक्‍टर का भूकम्‍प आया। न्‍यूजीलैंड के जिस शहर में भूकम्‍प आया, उसकी देशांतर रेखा मेरे द्वारा बतायी गयी रेखा से मात्र 12 डिग्री के दूरी पर यानि 167 डिग्री पू है। जैसा कि मैने कहा था कि मैं पहली बार किसी क्षेत्र को देते हुए भूकम्‍प की भविष्‍यवाणी कर रही हूं , इसलिए भविष्‍यवाणी में इतनी खामी स्‍वाभाविक है। आपका क्‍या कहना है ?? 




25 टिप्‍पणियां:

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

बहुत बढियां,और अध्ययन की बधाई.

डॉ टी एस दराल ने कहा…

संगीता जी, यह तो आश्चर्यजनक उपलब्धि है।

आपका योग सही निकला । लेकिन इसको तुक्का क्यों कह रही हैं।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

अरे वाह. बहुत खूब. लेकिन बारह डिग्री को भी कम करने की कोशिश कीजियेगा.

vinay ने कहा…

संगीता जी किस कोण से यह तुक्का है,यह तो आपके ज्योतिष्य गणित का प्रमाण है ।

cmpershad ने कहा…

विनाश को तो कोई नहीं टाल सकता पर आगाह किया जा सकता है। सही भविष्यवाणी के लिए बधाई॥

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

वाह बहुत सही ..सही अध्ययन ..इसी तरह से और भी कामयाबी मिले आपको ..

मनोज कुमार ने कहा…

आप इसे तुक्का न कहें। यह आपने गणना और ग्रहेों की स्थिति के अध्ययन के आधार पर कहा था। आपको बधाई।

संगीता पुरी ने कहा…

ग्रहों के आधार पर की जाने वाली भविष्‍यवाणी को बहुत लोग तुक्‍का कहते हैं .. मैने भी यूं ही एक बार इस शब्‍द का प्रयोग कर लिया !!

ओम प्रकाश राजपुरोहित ने कहा…

namaskar ji, aapne mera blog padha uske liye sadar aabhar.. aasha hai aapka margdarshan milta rahega... geography subject se hu to aapse bahut kuch sikhne ko milega..

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत बढ़िया , बधाई ।

महफूज़ अली ने कहा…

बहुत बढियां.... मुझे ज्योतिष पर पूरा यकीन है....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

संगीता जी आपकी एक और भविष्यवाणी सत्य हुई है!
मौसम आशा से अधिक गर्म होने लगा है!

राज भाटिय़ा ने कहा…

संगीता जी मजेदार , आप ने अपनी गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष भविष्‍यवाणी सच सिद्ध कर दी धन्यवाद ओर आप्को बधाई

प्रवीण शाह ने कहा…

.
.
.
आदरणीय संगीता जी,

मैं कतई विघ्नसंतोषी नहीं पर आप केवल अधूरा सत्य बता रही हैं यहां पर... न्यूजीलैंड के दक्षिण में सोलोमन आईलैंड में ६ बार भूकंप आया...
जिसमें पहला आया रविवार ३ जनवरी ९.४८ PM
UTC पर...
और अंतिम आया मंगलवार ५ जनवरी १.११ PM UTC पर...
देखिये प्राकृतिक आपदाओं की सूचना देने वाली संयुक्त राष्ट्र साइट पर..., ६ जनवरी को तो किसी भी भूकम्प की सूचना नहीं है।

यही खबर यहाँ पर भी देखिये...

अब यहां पर यह भी जानिये कि साल भर में कितने भूकंप आते हैं दुनिया में...
२००८ में ३०,१८३ और २००९ में ६०२१ भूकंप आये थे यानी औसतन २० भूकंप तो रोजाना आते ही हैं।


अब आप की भविष्यवाणी को देखते हैं...


"कल 6 जनवरी 2010 को भी असमान में ग्रहों की एक महत्‍वपूर्ण स्थिति बन रही है , यह योग लगभग सभी देशों में 9 बजे रात्रि से लेकर 12 बजे रात्रि तक के आसपास उपस्थित होगा। पर यह सिर्फ भयावह नहीं , इस ग्रहयोग के कारण छोटी बडी ही सही , किसी के समक्ष अच्‍छी तो किसी के समक्ष बुरी घटना उपस्थित हो सकती है। इस ग्रहयोग का पृथ्‍वी पर 5 जनवरी और 7 जनवरी को भी प्रभाव देखा जा सकता है। इस योग के कारण इस समय कहीं भी किसी प्रकार की दैवी या मानवकृत आपदा की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। अभी तक हमारा आकलन विश्‍व में कहीं भी को लेकर ही चल रहा था , पर पहली बार देशांतर रेखा के आधार पर 110 डिग्री से 155 डिग्री पू तक पहुंचने की मैने कोशिश की है। आक्षांस रेखा के बारे में अभी तक किसी निष्‍कर्ष पर नहीं पहुंच सकी हूं , इस कारण इसकी चर्चा नहीं कर सकती , वैसे अनिवार्य नहीं कि कहीं कोई घटना घट ही जाए , पर ऐसे ग्रह योगों में कुछ कुछ घटनाओं के होने से 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के सिद्धांत के अनुसार कुछ आशंका तो दिख ही रही है।"

जहाँ तक मेरी समझ है आपने उपरोक्त भविष्यवाणी में पूरे भरोसे से कुछ भी नहीं कहा... इसे क्या कहा जाये।

आपके पाठकों को यह भी कहूंगा कि मेरे लिखे को पढ़ने व समझने के उपरान्त ही मुझ पर कुछ कहें तो आभारी रहूंगा।

Udan Tashtari ने कहा…

तुक्का क्यूँ कह रही है..आपकी भविष्यवाणी का आधार गणना है फिर तुक्का कैसा?

संगीता पुरी ने कहा…

प्रवीण जी ..
एक बुद्धिजीवी को उस बात के लिए इतना दृढ भी नहीं होना चाहिए .. जिसकी जानकारी उसे नहीं .. सत्‍य उतना ही नहीं होता .. जितना आप जानते हैं .. आपकी जानकारी के आगे भी तो सत्‍य होता है .. मुझे बधाई देने के बजाए आप पाठकों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं .. छोटी मोटी भूकम्‍प की बात मैं नहीं कर रही .. इसलिए 5.9 रिक्‍टर तक की बात को छोड दें और 6.0 से ऊपर की ही बात करें .. इस वर्ष यानि 365 दिन में पूरी दुनिया में मात्र 53 भूकम्‍प आए हैं .. और उनमें से एक की तिथि और खासकर समय तक मैने दे दिया .. स्‍थान तक की चर्चा कर दी है .. घटना की पुष्टि के लिए मैने लिंक भी लगाया है .. इन दो दिनों के सिवा मैने अपने ब्‍लॉग पर कभी भी भूकम्‍प की कोई भविष्‍यवाणी नहीं की .. यदि यह भी तुक्‍का है तो अगली भविष्‍यवाणी के लिए आप ही तुक्‍का लगाएं.. मैं आपके पोस्‍ट में इंतजार करूंगी !!

प्रवीण शाह ने कहा…

.
.
.
आदरणीय संगीता जी,

मुझ द्वारा दिया पहला लिंक आधिकारिक संयुक्त राष्ट्र साइट का है आप उसे खोलिये और देखिये... मैं इस बात पर दॄढ़ हूँ कि ६ जनवरी को कोई भूकंप नहीं आया। सोलोमन आईलैंड में ६ से ऊपर तीव्रता के ६ भूकंप ३ जनवरी से ५ जनवरी के बीच आये हैं।

चीन की जिस साइट की ७ जनवरी की खबर का लिंक आपने दिया है उस ही साईट की विस्तृत खबर का लिंक आपने दिया है।

इस तथ्य को भी न नकारिये कि ५ जनवरी को जब आपने यह तथाकथित भविष्यवाणी की तब तक सोलोमन द्वीप की इस भूकंप श्रंखला के ५ भूकंप आ चुके थे।

आप से पुन: करबद्ध निवेदन है कि मेरे दिये लिंक पढ़िये, समझिये और तब ही कुछ कहिये।

आभार!

प्रवीण शाह ने कहा…

.
.
.
यह भी देखिये... ६ में से ५ भूकंपों की तीव्रता रिकटर स्केल पर ६.० से ऊपर थी।
आभार!

BIRENDRA ने कहा…

जहाँ तक सोलोमन आइलैंड की बात है तो वहां भूकंप की फ्रीक्वेंसी देखने की भी ज़रुरत है...वैसे आपके कैलकुलेशन के आधार पर भूकंप आने की आपको बहुत-बहुत बधाई.

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

वैसे औसत के नियम के अनुसार यदि आप अच्छे विश्लेषक हैं, तो आपके 50 प्रतिशत तुक्के तो सही हो ही जाएंगे। और इसके लिए किसी ज्योतिषी ज्ञान की जरूरत नहीं होती।

--------
सुरक्षा के नाम पर इज्जत को तार-तार...
बारिश की वो सोंधी खुश्बू क्या कहती है ?

वन्दना ने कहा…

sangeeta ji
ye to bahut badhiya baat hai jiske baare mein abhi tak logo ke poorvanuman sahi nahi nikle wahan aap pahuch gayi hain ..........aap apna addhyan jari rakhein kuch hi dino mein bilkul satik bhi nikal dengi aur ye bahut badi uplabdhi hai..........badhayi.

संगीता पुरी ने कहा…

रजनीश जी ,
आपने सही कहा कि औसत के नियम के अनुसार यदि आप अच्छे विश्लेषक हैं, तो आपके 50 प्रतिशत तुक्के तो सही हो ही जाएंगे।
पर तिथि और समय को देते हुए बिना ग्रहों की सहायता से ऐसा कर पाना बिल्‍कुल असंभव है .. यदि किया जा सकता है तो अगली भविष्‍यवाणी का तुक्‍का आपकी तरफ से .. मैं आपके पोस्‍ट पर इंतजार करूंगी !!

रश्मि प्रभा... ने कहा…

मैं तो विस्मित रह गई हूँ आपके आकलन से..........
बधाई

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

आप अगर खुद अपनी गणना को तुक्का कहेंगी तो लोग क्या कहेंगे

सतीश सक्सेना ने कहा…

शुभकामनायें संगीता जी !