गुरुवार, 16 सितंबर 2010

दिल्‍ली के कॉमनवेल्थ गेम्स में बारिश की परेशानी ??

चार छह दिनों के ट्रिप के बाद कल ही बोकारो लौटना हुआ, झारखंड और बिहार में तो इस वर्ष बारिश बहुत ही कम हुई है , पर देश के बाकी हिस्‍सों में बारिश से जनजीवन अस्‍त व्‍यस्‍त सा लगा । हर स्‍थान पर रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होने से कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है। अखबारों में चर्चा है कि पहाडी स्‍थानों पर भी मानसून कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहा और बारिश ने पिछले 15 साल का रिकॉर्ड तो़ड दिया। यही नहीं , पहाड़ी क्षेत्र की मूसलाधार बरसात ने मैदानी इलाके में खतरा उत्पन्न कर दिया है।  नदी को खतरे के निशान की ओर बढ़ता देख नजदीकी आबादी में डर गहराने लगा है। लगातार हो रही बारिश से सब्जियों की आवक में कमी ने गृहिणियों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।


इस बारिश की वजह से सबसे अधिक चिंता में हमारी सरकार है , दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं और आयोजन समिति यह भी प्रार्थना कर रही है कि बरसात कहीं रंग में भंग में डाल दे. मौसम विभाग का मानना है कि अक्तूबर महीने में बारिश बिलकुल भी नहीं होगी ऐसा तो पक्के तौर पर कहा ही नहीं जा सकता. पिछले 110 सालों में मौसम का अध्ययन कर भारतीय मौसम विभाग ने कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बारिश होने की संभावना 15 से 20 प्रतिशत जताई है. मौसम विभाग का कहना है कि पिछले 40 सालों का आंकड़ा दिखाता है कि बारिश होने की संभावना उदघाटन समारोह के दिन ज्यादा है.


मौसम के बारे में भविष्‍यवाणी करते हुए 29 मार्च को पोस्‍ट किए गए अपने आलेख में मैने लिखा था कि 24 जून तक लगातार बढते हुए क्रम में नहीं , वरन् कमोबेश होती हुई गर्मी बनी रहनी चाहिए , पर उसके तुरंत बाद शुभ ग्रहों का प्रभाव आरंभ होगा , जिसके कारण बादल बनने और बारिश होने की शुरूआत हो सकती है , यदि नहीं तो कम से कम मौसम खुशनुमा बना रह सकता है। इस वर्ष यानि 2010 में मौसम की सबसे अधिक बारिश 4 अगस्‍त के आसपास से शुरू होकर 19 सितम्‍बर के आसपास तक होगी। ठीक अगस्‍त के पहले सप्‍ताह से ही ऐसी बारिश्‍ा शुरू हुई है कि आम जन जीवन अस्‍त व्‍यस्‍त ही बना हुआ है। 


पर अब 19 सितंबर बहुत निकट है और इस हिसाब से तेज बारिश का मौसम यहीं समाप्‍त हो जाना चाहिए। वैसे 16 सितंबर को एक खास ग्रहयोग एक दो दिनों तक यत्र तत्र बहुत तेज बारिश और आंधी तूफान तक का दृश्‍य उपस्थित कर सकती है , लेकिन इसके बाद लगातार होनेवाली बारिश बादलों को समाप्‍त करनेवाली है और अब बारिश खात्‍मे की ओर है। यदि थोडी देर भी हुई तो यह अधिकतम 24 सितंबर तक दिखाई दे सकती है। इसलिए कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐसी मुसीबतभरी बारिश की कोई संभावना नहीं दिखती। पर अक्‍तूबर के पहले सप्‍ताह तक हस्‍त नक्षत्र में सूर्य होने तक बारिश बिल्‍कुल नहीं होगी , ऐसा नहीं माना जा सकता। यत्र तत्र तो बारिश होगी ही , खासकर 3 अक्‍तूबर को खेल के उद्घाटन के दिन ही थोडी बहुत बारिश की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। पर 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के हिसाब से बारिश से भयानक तबाही वाली कोई बात अब नजर नहीं आएगी।

19 टिप्‍पणियां:

महफूज़ अली ने कहा…

आपकी गणना हमेशा सही रहती है.... अब तक के जितना भी आपने अपनी पोस्ट के माध्यम से जो कुछ भी कहा है... वो ज़्यादातर सही ही हुआ है.... इसका सबसे बड़ा कारण यही है कि आपकी स्टडी साइंटिफिक होतीं हैं.... आज सोलह सितम्बर है .... और यहाँ छुटपुट बारिश हो रही है..... जो कि तेज़ भी हो सकती है.... बहुत अच्छा और विश्लेषणात्मक आलेख....

Udan Tashtari ने कहा…

चलिए...जो हो मगर भद्दगी न हो!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

यदि यह विद्या आप कुछ अन्य लोगों को भी सिखायें तो बहुत अच्छा रहेगा...

निर्मला कपिला ने कहा…

मानती हूँ आपकी भविश्यवाणी को। धन्यवाद।

वन्दना ने कहा…

chalo desh ki aan bach jaaye.

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

यही सही हो ..रोचक जानकरी

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बिल्कुल सही आकलन!
--
उत्तराखण्ड भी बारिश की मार से बेहाल है!

राज भाटिय़ा ने कहा…

अगर सरकार ने सही इंतजाम किये होते तो बारिश कभी भी खेलो मै अडचन ना पेदा करती, हमारे यहां तो बारह महीने बरसात होती है, ओर सभी काम भी समय से होते है,ओर बरसात का तो एक बहाना है, आप की भविष्यवाणी सदा सच ही होती है

vinay ने कहा…

अच्छा ही है,अगर कोमनवेल्थ गेम के समय बारिश ना
हो,आपकी भविष्यवाणी सही ही निकलती है ।

cmpershad ने कहा…

` बारिश से भयानक तबाही वाली कोई बात अब नजर नहीं आएगी'

अंत भले का भला :)

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

आप की रचना 17 सितम्बर, शुक्रवार के चर्चा मंच के लिए ली जा रही है, कृप्या नीचे दिए लिंक पर आ कर अपनी टिप्पणियाँ और सुझाव देकर हमें अनुगृहीत करें.
http://charchamanch.blogspot.com


आभार

अनामिका

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!

अलाउद्दीन के शासनकाल में सस्‍ता भारत-१, राजभाषा हिन्दी पर मनोज कुमार की प्रस्तुति, पधारें

अभिलाषा की तीव्रता एक समीक्षा आचार्य परशुराम राय, द्वारा “मनोज” पर, पढिए!

शिवम् मिश्रा ने कहा…


बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

अजय कुमार झा ने कहा…

तो फ़िर शीला आंटी से कहें न ...dont worry be happy....देखिए आपकी पोस्ट के हवाले से ही कह दिया है उनको । आपकी मेहनत काबिले तारीफ़ है

ZEAL ने कहा…

काश आपकी भविष्वाणी सच निकले। बारिश से कोई दिक्कत न आये यही प्रार्थना है। आपने एक सुखद समाचार दिया है...आभार।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आपकी भविष्यवाणी सही निकले यही कामना है ..शीला दीक्षित जी की चिन्ता कम हो जायेगी ..

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

Barish bhee na ho aur games achchi tarah se sampann hon. Akhir desh ki ijjat ka sawal hai. Aapki gnana sahee hee hogee.

रजनी नैय्यर मल्होत्रा ने कहा…

maa'm maine aapki jyotish bhavishyvaani ko hmesha sahi mana hai .........aapke post par jo bhi padha aur wo sahi hota gaya .....

minakshi pant ने कहा…

आज पहला दिन है जब में आपके ब्लॉग में आई हु सबकी आपके प्रति सम्मान देख कर बहुत खुशी हुई !