बुधवार, 25 फ़रवरी 2009

27 और 28 फरवरी को आसमान में एक अनोखे दृश्‍य का नजारा लें ( Astrology )

गणित ज्‍योतिष के प्राचीन महत्‍वपूर्ण सूत्रों से यह तो निश्चित तौर पर कहा ही जा सकता है कि हमारे ऋषि मुनियों के लिए पूरा ब्रह्मांड ही शोध का विषय रहा है । आसमान के तारों और ग्रहों का एकाग्रता से अवलोकन किए बिना इन महत्‍वपूर्ण सूत्रों को जन्‍म दिया ही नहीं जा सकता था। आसमान में स्थित पिंडों की खास स्थिति का दर्शन कर पाने में आम लोगों की भी अत्‍यधिक दिलचस्‍पी होती है । अभी दो दिन पूर्व ही लुलिन नामक कोमेट के दिखाई पडने की सूचना मिलने के बाद इसे देखने के लिए न जाने कितने लोगों ने रतजग्‍गा किया।

वैसे तो पूरे ब्रह्मांड में अक्‍सर ही कई प्रकार की दृश्‍यावलि बनती है , पर हम उन्‍हे अपनी आंखो से नहीं देख पाते हैं। प्रतिदिन दूरदर्शी यंत्र की सहायता से नासा द्वारा खींची गयी आसमान की वैसी कोई न कोई तस्‍वीर हम अपने कम्‍प्‍यूटर में देख सकते हैं। पर जब हमारे सौरमंडल के अंदर ग्रहों और उपग्रहों के आपसी मेल से किसी प्रकार की खास दृश्‍यावलि बनती है , तो हमें उसको देखना अच्‍छा लगता है , कभी किसी त्‍यौहार के बहाने या कभी अन्‍य बहानों से हम सूर्यग्रहण , चंद्रग्रहण या सुंदर चांद को अकेले भी देखना पसंद करते हैं।


सौरमंडल का एक ग्रह शुक्र पृथ्‍वी और सूर्य के मध्‍य होने से अक्‍सर सूर्य के साथ ही उदय और अस्‍त हो जाता है। पर इस दिसम्‍बर से ही सूर्य से इसकी कोणिक दूरी के बढने से सूर्यास्‍त के बाद , जब तारे भी आसमान में नहीं होते , थोडी देर आसमान में सफेद चमक बिखेरते हुए चमकता दिखाई देता आ रहा है। उसे आप दस-पंद्रह दिनों के अंदर किसी भी दिन देख सकते हैं। पर 27 और 28 दिसम्‍बर को इस चमक बिखेरते शुक्र के साथ चंद्रमा की स्थिति आसमान में अनोखी दृश्‍यावलि उपस्थित करेगी। और यह सब देखने के लिए आपको रतजग्‍गे की भी जरूरत नहीं है। 27 फरवरी को सूर्यास्‍त के एक घंटे बाद से दो घंटे बाद तक आसमान के पश्चिमी क्षितिज पर नीचे दिए गए चित्र के सा दृश्‍य बनेगा.......



वैसे इस दिन चांद दूज का होगा , दूज का चांद कभी कभी ही हमें दिखाई देता है , इसलिए 27 फरवरी की यह दृश्‍यावलि हमें दिखाई देगी या नहीं , इसमें शक की कुछ संभावना बनीं रह जाती है , पर 28 फरवरी को तृतीया का चांद कुछ उपर आ जाएगा और इस कारण इसे आराम से देखा जा सकता है। सूर्यास्‍त के एक घंटे बाद से दो घंटे बाद तक आसमान के पश्चिमी क्षितिज पर पहले दिन की अपेक्षा कुछ बदला हुआ यानि इस प्रकार का दृश्‍य बनेगा...





अब एक फलित ज्‍योतिषी भी होने के नाते शुक्र और चंद्र के इस विशेष मिलन के पृथ्‍वी पर पडने वाले प्रभाव की चर्चा करनी भी आवश्‍यक है। वैसे तो पृथ्‍वी पर इसके अच्‍छे खासे प्रभाव से 27 और 28 फरवरी को जनसामान्‍य तन मन या धन से किसी न किसी प्रकार के खास सुखदायक या दुखदायक कार्यों में उलझे रहेंगे , पर सबसे अधिक प्रभाव सरकारी कर्मचारियों पर पड सकता है यानि उनके लिए खुशी की कोई खबर आ सकती है। दूसरा अंतरिक्ष से संबंधित कोई विशेष कार्यक्रम की संभावना बनती दिखाई दे सकती है। सफेद वस्‍तुओं पर इसका अच्‍छा प्रभाव देखा जा सकता है। पर इन दोनो दिनों में जो भी काम शुरू किया जाएगा , सबमें 5 मार्च के बाद किसी न किसी प्रकार की बाधा उपस्थित हो जाएगी , जिसके कारण काम कुछ रूका हुआ सा महसूस होगा। उस काम में पुन: 20 अप्रैल के बाद ही तेजी आ सकेगी या सुधार हो पाएगा। यह योग तुला राशि वालों के लिए काफी अच्‍छा और सिंह राशिवालों के लिए कुछ बुरा रह सकता है।

18 टिप्‍पणियां:

COMMON MAN ने कहा…

आज मैं भी कोशिश करूंगा इसे देखने की.

अजय ने कहा…

धन्यवाद देखने का प्रयास करुंगा

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बड़ी अच्छी एडवांस जानकारी देने के लिए आभार. जरुर देखेंगे. धन्यवाद.

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

बड़ी अच्छी एडवांस जानकारी देने के लिए आभार. जरुर देखेंगे. धन्यवाद.

मुंहफट ने कहा…

संगीता जी,
क्या आप ज्योतिष पर नियमित लेखन में दिलचस्पी रखती है, संभव हो, सामग्री उपलब्ध करा सकें तो हम अपनी साप्ताहिक पत्रिका में उसका नियमित प्रकाशन का आपसे निवेदन कर सकते हैं. अन्यथा न लें तो पत्राचार का पता अथवा फोन नंबर मेरे ब्लाग मेल-आईडी पर उपलब्ध कराने का कष्ट करिए. आप की ज्योतिष संबंधी जानकारियां पारंपरिक ज्योतिष सामग्रियों से हटकर होती हैं. इसलिए सहयोग वांछित है.

sareetha ने कहा…

अच्छी जानकारी । नज़ारा हम भी देखेंगे ।

ज्ञानदत्त । GD Pandey ने कहा…

पर सबसे अधिक प्रभाव सरकारी कर्मचारियों पर पड सकता है यानि उनके लिए खुशी की कोई खबर आ सकती है।
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वाह, यह बात हुई न!

Arvind Mishra ने कहा…

यह एक सामान्य खगोलीय घटना है पर उतना प्रामिनेंट दिखेगा भी नही जितना उभार कर आप उसे दिखा /प्रस्तुत कर रही हैं ! मैं एक सरकारी कर्मचारी हूँ और मुझे पता है कि मेरे सुख दुःख का इससे कोई रिश्ता नहीं है ! मैं आज्माऊंगा भी नहीं !
-मुझे आपके दिल दुखाने का अफ़सोस होता है -सारी मैम ,मगर मजबूर हूँ!

परमजीत बाली ने कहा…

अच्छी जानकारी दी आभार।

राज भाटिय़ा ने कहा…

संगीता जी, बहुत सुंदर जी इस दिन चंदरमा ओर बीनूस इकट्टे दिखाई देगे, हमारे यहा यह ७,४५ से ८,३० तक ऎसा दिखेगा, अगर उस दिन बादल ना हुये तो मै इसे केमरे मै उतारू गां, ओर नेट पर आप सब को जरुर दिखाउगां
आप ने समय पर बता दिय
धन्यवाद

विनय ने कहा…

बहुत अच्छा...

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चाँद, बादल और शाम

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने कहा…

चाँद और वो भी दूज का और शुक्र ग्रह
सच ,बहुत सुँदर हैँ -
- लावण्या

विष्णु बैरागी ने कहा…

इस स्थिति के कारण होने वाले प्रभावों का ध्‍यान तो शायद ही रख सकूं किन्‍तु यह दृश्‍य देखने का प्रयास अवश्‍य करूंगा।

Abhishek ने कहा…

एक खगोलीय घटना के रूप में तो निश्चित ही आनंद लूँगा इस संयोग का.

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

यह जानकारी आपने बढ़िया दी संगीता जी इसको देख्नेगे जरुर .. सरकारी कर्मचारियों को तो फायदा हो ही गया :)महंगाई भत्ता बढ़ गया .

महामंत्री - तस्लीम ने कहा…

अरे वाह, मैं भी देखने का प्रयास करूंगा।

जगदीश त्रिपाठी ने कहा…

अच्छी जानकारी दी.इसके लिए धन्यवाद.

Prem Farrukhabadi ने कहा…

aasmaan mein jo aapne adbhut ghatna dekhne ke liye kahaa vo main abhi abhi dekh kar aaya hoon.kaafi der tak dekhta rahaa. jaisa chitr mein dikhaya vaisa hi tha. jaan kari ke liye,aapka shukriya.